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अब महिलाएं भी चलाएंगी रोडवेज बस
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अब महिलाएं भी चलाएंगी रोडवेज बस
बुलंदशहर। दिल्ली और अन्य राज्यों में अभी तक आपने महिलाओं को बसों में टिकट काटते हुए देखा होगा लेकिन जिले में महिलाएं जल्द ही बसों की ड्राइविंग सीट पर नजर आएंगी। उप्र परिवहन निगम ने महिलाओं को चालक बनाने का मौका दिया है। जिसमें आठवीं पास महिलाएं आवेदन कर प्रशिक्षण ले सकेंगी। प्रशिक्षण देने के साथ ड्राइविंग लाइसेंस भी बनवाकर दिया जाएगा।
उप्र परिवहन निगम की बसों में अभी तक पुरुष ही ड्राइवर थे। विभागीय अफसरों के अनुसार प्रदेश में रोडवेज ने महिलाओं और युवतियों को रोजगार देने के उद्देश्य से संविदा पर सीधी भर्ती निकाली है। जिन्हें 1.5 रुपये प्रति किमी के हिसाब से मानदेय मिलेगा। इसके लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता आठवीं पास रखी गई हैं। साथ ही आवेदनकर्ता की लंबाई 5.3 फुट होनी अनिवार्य है। आवेदन के बाद बिना किसी साक्षात्कार के सीधे प्रशिक्षण सेंटर भेजा जाएगा।
कानपुर में लेना होगा सात महीने प्रशिक्षण
प्रदेश में महिलाओं को ड्राइविंग सिखाने के लिए परिवहन निगम के मॉडल ड्राइविंग ट्रेनिंग एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट कानपुर को चुना गया है। जहां पर आवेदन करने वाली महिलाएं व युवतियों को सात माह का प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान खान-पान और रहने का खर्चा उप्र परिवहन निगम उठाएगा। वहीं, प्रशिक्षण में पास होने पर संबंधित को बस चलाने का लाइसेंस जारी किया जाएगा। इसके बाद संबंधित को उनके गृह जनपद या फिर किसी अन्य जनपद में तैनाती दी जाएगी।
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उप्र कौशल विभाग के माध्यम से होगा आवेदन
उप्र परिवहन निगम में चालक पद के लिए महिलाओं को उप्र कौशल विकास विभाग के माध्यम से आवेदन करना होगा। इस संबंध में उप्र परिवहन निगम के अफसरों द्वारा जिला कार्यक्रम एवं प्रशिक्षण अधिकारी कौशल विकास विभाग को पत्र भेजकर अवगत कराया जा चुका है। जिले की युवतियां और महिलाएं कौशल विकास विभाग के माध्यम से आवेदन कर सकती है।
महिलाओं को स्वावलंबी बनाने की पहल
महिलाओं को स्वावलंबी बनाने के लिए केंद्र सरकार और प्रदेश सरकार कई योजनाएं चलाई जा रही है। वहीं, अब प्रदेश सरकार द्वारा महिलाओं व युवतियों को रोजगार देने के उद्देश्य से संविदा पर भर्ती निकाली है। जिससे महिलाओं को सशक्त बनाया जा सके। विभागीय अफसरों का कहना है कि महिला परिचालक तो रोडवेज में है मगर चालक नहीं थी। वहीं, इस योजना से महिला सवारियां भी खुद को अधिक सुरक्षित महसूस कर सकेंगी।
कोट
महिलाआें को सशक्त बनाने के उद्देश्य से चालक के पदों पर भर्ती की जाएगी। इससे पूर्व महिलाओं को प्रशिक्षण देने के साथ संबंधित का ड्राइविंग लाइसेंस भी बनाकर दिया जाएगा। इसके लिए महिलाआें को कौशल विकास विभाग के तहत आवेदन करना होगा। - धीरज सिंह पंवार, एआरएम बुलंदशहर डिपो
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बुलंदशहर। दिल्ली और अन्य राज्यों में अभी तक आपने महिलाओं को बसों में टिकट काटते हुए देखा होगा लेकिन जिले में महिलाएं जल्द ही बसों की ड्राइविंग सीट पर नजर आएंगी। उप्र परिवहन निगम ने महिलाओं को चालक बनाने का मौका दिया है। जिसमें आठवीं पास महिलाएं आवेदन कर प्रशिक्षण ले सकेंगी। प्रशिक्षण देने के साथ ड्राइविंग लाइसेंस भी बनवाकर दिया जाएगा।
उप्र परिवहन निगम की बसों में अभी तक पुरुष ही ड्राइवर थे। विभागीय अफसरों के अनुसार प्रदेश में रोडवेज ने महिलाओं और युवतियों को रोजगार देने के उद्देश्य से संविदा पर सीधी भर्ती निकाली है। जिन्हें 1.5 रुपये प्रति किमी के हिसाब से मानदेय मिलेगा। इसके लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता आठवीं पास रखी गई हैं। साथ ही आवेदनकर्ता की लंबाई 5.3 फुट होनी अनिवार्य है। आवेदन के बाद बिना किसी साक्षात्कार के सीधे प्रशिक्षण सेंटर भेजा जाएगा।
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कानपुर में लेना होगा सात महीने प्रशिक्षण
प्रदेश में महिलाओं को ड्राइविंग सिखाने के लिए परिवहन निगम के मॉडल ड्राइविंग ट्रेनिंग एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट कानपुर को चुना गया है। जहां पर आवेदन करने वाली महिलाएं व युवतियों को सात माह का प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान खान-पान और रहने का खर्चा उप्र परिवहन निगम उठाएगा। वहीं, प्रशिक्षण में पास होने पर संबंधित को बस चलाने का लाइसेंस जारी किया जाएगा। इसके बाद संबंधित को उनके गृह जनपद या फिर किसी अन्य जनपद में तैनाती दी जाएगी।
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उप्र कौशल विभाग के माध्यम से होगा आवेदन
उप्र परिवहन निगम में चालक पद के लिए महिलाओं को उप्र कौशल विकास विभाग के माध्यम से आवेदन करना होगा। इस संबंध में उप्र परिवहन निगम के अफसरों द्वारा जिला कार्यक्रम एवं प्रशिक्षण अधिकारी कौशल विकास विभाग को पत्र भेजकर अवगत कराया जा चुका है। जिले की युवतियां और महिलाएं कौशल विकास विभाग के माध्यम से आवेदन कर सकती है।
महिलाओं को स्वावलंबी बनाने की पहल
महिलाओं को स्वावलंबी बनाने के लिए केंद्र सरकार और प्रदेश सरकार कई योजनाएं चलाई जा रही है। वहीं, अब प्रदेश सरकार द्वारा महिलाओं व युवतियों को रोजगार देने के उद्देश्य से संविदा पर भर्ती निकाली है। जिससे महिलाओं को सशक्त बनाया जा सके। विभागीय अफसरों का कहना है कि महिला परिचालक तो रोडवेज में है मगर चालक नहीं थी। वहीं, इस योजना से महिला सवारियां भी खुद को अधिक सुरक्षित महसूस कर सकेंगी।
कोट
महिलाआें को सशक्त बनाने के उद्देश्य से चालक के पदों पर भर्ती की जाएगी। इससे पूर्व महिलाओं को प्रशिक्षण देने के साथ संबंधित का ड्राइविंग लाइसेंस भी बनाकर दिया जाएगा। इसके लिए महिलाआें को कौशल विकास विभाग के तहत आवेदन करना होगा। - धीरज सिंह पंवार, एआरएम बुलंदशहर डिपो