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दुष्कर्म के बाद चाची की हत्या करने वाले को उम्रकैद
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दुष्कर्म के बाद चाची की हत्या करने वाले को उम्रकैद
बुलंदशहर। अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट इंदिरा सिंह के न्यायालय ने जहांगीरपुर थाना क्षेत्र में अप्रैल 2010 में चाची के साथ दुष्कर्म कर हत्या करने वाले आरोपी को दोषी करार दिया है। आरोपी को कोर्ट ने आजीवन कारावास और 46 हजार रुपये का अर्थदंड सुनाया गया है।
विशेष लोक अभियोजक विपुल राघव ने बताया कि जहांगीरपुर थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने 19 जून 2010 को जहांगीरपुर थाने में तहरीर दी थी। इसमें उसने बताया था कि 18 अप्रैल की शाम करीब सात बजे वह मजदूरी करने के लिए गया था। उसकी पत्नी उसे खाना देने आई थी। वहां से लौटते वक्त उसे रास्ते में उसके भतीजे सोनू पुत्र गंगाप्रसाद, सुदेश, हेतप्रकाश, रिंकू, रामवीर और सोनू पुत्र नंदा ने रोक लिया था। सभी ने उससे साथ सामूहिक दुष्कर्म किया और फिर हत्या कर शव कुएं में फेंक दिया था। पुलिस ने मामले में सभी आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी थी। मामले की सुनवाई के दौरान बीते दिनों आरोपी सोनू पुत्र नंदा और हेतप्रकाश की मृत्यु हो चुकी है। वहीं, अब न्यायालय ने दोनों पक्षों के गवाहों के बयानों और साक्ष्यों का अवलोकन कर आरोपी सोनू पुत्र गंगाप्रसाद को दोषी करार दिया है। जबकि, आरोपी सुदेश, रिंकू और रामवीर को संदेह का लाभ देकर छोड़ दिया गया है। सोनू को आजीवन कारावास व 46 हजार रुपये अर्थदंड सुनाया गया है। अर्थदंड की राशि में से 25 हजार रुपये मृतका के परिजनों को दिए जाएंगे।
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बुलंदशहर। अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट इंदिरा सिंह के न्यायालय ने जहांगीरपुर थाना क्षेत्र में अप्रैल 2010 में चाची के साथ दुष्कर्म कर हत्या करने वाले आरोपी को दोषी करार दिया है। आरोपी को कोर्ट ने आजीवन कारावास और 46 हजार रुपये का अर्थदंड सुनाया गया है।
विशेष लोक अभियोजक विपुल राघव ने बताया कि जहांगीरपुर थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने 19 जून 2010 को जहांगीरपुर थाने में तहरीर दी थी। इसमें उसने बताया था कि 18 अप्रैल की शाम करीब सात बजे वह मजदूरी करने के लिए गया था। उसकी पत्नी उसे खाना देने आई थी। वहां से लौटते वक्त उसे रास्ते में उसके भतीजे सोनू पुत्र गंगाप्रसाद, सुदेश, हेतप्रकाश, रिंकू, रामवीर और सोनू पुत्र नंदा ने रोक लिया था। सभी ने उससे साथ सामूहिक दुष्कर्म किया और फिर हत्या कर शव कुएं में फेंक दिया था। पुलिस ने मामले में सभी आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी थी। मामले की सुनवाई के दौरान बीते दिनों आरोपी सोनू पुत्र नंदा और हेतप्रकाश की मृत्यु हो चुकी है। वहीं, अब न्यायालय ने दोनों पक्षों के गवाहों के बयानों और साक्ष्यों का अवलोकन कर आरोपी सोनू पुत्र गंगाप्रसाद को दोषी करार दिया है। जबकि, आरोपी सुदेश, रिंकू और रामवीर को संदेह का लाभ देकर छोड़ दिया गया है। सोनू को आजीवन कारावास व 46 हजार रुपये अर्थदंड सुनाया गया है। अर्थदंड की राशि में से 25 हजार रुपये मृतका के परिजनों को दिए जाएंगे।
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