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Bulandshahar News: सीआरपीएफ का फर्जी असिस्टेंट कमांडेंट बनकर 35 लाख की ठगी
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सीआरपीएफ का फर्जी असिस्टेंट कमांडेंट बनकर 35 लाख की ठगी
संवाद न्यूज एजेंसी
डिबाई। सीआरपीएफ का फर्जी असिस्टेंट कमांडेंट बनकर सेना में नौकरी लगवाने का झांसा देकर 35 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। पुलिस ने आरोपी फर्जी कमांडेंट को गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से एक कार भी बरामद की गई है। पुलिस का दावा है कि नौकरी न लगने पर जब लोग अपने रुपये वापस मांगते थे तो आरोपी अपने साथियों के साथ उन्हें धमकाता था।
सीओ भाष्कर मिश्रा ने बताया कि क्षेत्र के गांव दौगवा निवासी भूपेंद्र सिंह खुद को सीआरपीएफ में डिप्टी कमांडेंट बताते हुए सेना की वर्दी पहनकर घूमता था। इस दौरान वह खुद को सेना में असिस्टेंट कमांडेंट बताते हुए लोगों और अधिकारियों पर अपना रौब झाड़ता था। बताया जा रहा है कि इस दौरान आरोपी ने करीब दस युवाओं से सेना में नौकरी लगवाने के नाम पर करीब 35 लाख रुपये की ठगी भी की है। नौकरी नहीं लगने पर जब पीड़ित लोग अपनी धनराशि वापस मांगते थे तो आरोपी लोकेश, लल्ला उर्फ सतेंद्र, सनी उर्फ सानिया के साथ मिलकर लोगों को धमकाता था। आरोपी ने अपने घर के बाहर डिप्टी कमांडेंट की नेम प्लेट भी लगाई हुई थी। जिसके चलते लोग उसे सेना में कमांडेंट मानते थे और उसके खिलाफ शिकायत करने से भी डरते थे। आरोपी पुलिस अधिकारियों पर भी अपना रौब झाड़ते हुए उनके साथ उठता-बैठता था। गांव में होने वाले विभिन्न आयोजनों के दौरान भी आरोपी फ्लैक्स, होर्डिंग्स पर सीआरपीएफ की वर्दी में फोटो लगवाता था। जिसके चलते आसपास के गांवों के लोग भी उसे सेना में असिस्टेंट कमांडेंट मानते थे। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक कार भी बरामद की है। पूछताछ के बाद पुलिस ने आरोपी को जेल भेज दिया है। पुलिस अब ठगी के शिकार लोगों के शिकायत करने का इंतजार कर रही है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
डिबाई। सीआरपीएफ का फर्जी असिस्टेंट कमांडेंट बनकर सेना में नौकरी लगवाने का झांसा देकर 35 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। पुलिस ने आरोपी फर्जी कमांडेंट को गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से एक कार भी बरामद की गई है। पुलिस का दावा है कि नौकरी न लगने पर जब लोग अपने रुपये वापस मांगते थे तो आरोपी अपने साथियों के साथ उन्हें धमकाता था।
सीओ भाष्कर मिश्रा ने बताया कि क्षेत्र के गांव दौगवा निवासी भूपेंद्र सिंह खुद को सीआरपीएफ में डिप्टी कमांडेंट बताते हुए सेना की वर्दी पहनकर घूमता था। इस दौरान वह खुद को सेना में असिस्टेंट कमांडेंट बताते हुए लोगों और अधिकारियों पर अपना रौब झाड़ता था। बताया जा रहा है कि इस दौरान आरोपी ने करीब दस युवाओं से सेना में नौकरी लगवाने के नाम पर करीब 35 लाख रुपये की ठगी भी की है। नौकरी नहीं लगने पर जब पीड़ित लोग अपनी धनराशि वापस मांगते थे तो आरोपी लोकेश, लल्ला उर्फ सतेंद्र, सनी उर्फ सानिया के साथ मिलकर लोगों को धमकाता था। आरोपी ने अपने घर के बाहर डिप्टी कमांडेंट की नेम प्लेट भी लगाई हुई थी। जिसके चलते लोग उसे सेना में कमांडेंट मानते थे और उसके खिलाफ शिकायत करने से भी डरते थे। आरोपी पुलिस अधिकारियों पर भी अपना रौब झाड़ते हुए उनके साथ उठता-बैठता था। गांव में होने वाले विभिन्न आयोजनों के दौरान भी आरोपी फ्लैक्स, होर्डिंग्स पर सीआरपीएफ की वर्दी में फोटो लगवाता था। जिसके चलते आसपास के गांवों के लोग भी उसे सेना में असिस्टेंट कमांडेंट मानते थे। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक कार भी बरामद की है। पूछताछ के बाद पुलिस ने आरोपी को जेल भेज दिया है। पुलिस अब ठगी के शिकार लोगों के शिकायत करने का इंतजार कर रही है।
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