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Bulandshahar News: अब हर टीबी रोगी की होगी जीओ टैंगिग
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अब हर टीबी रोगी की होगी जीओ टैगिंग
बुलंदशहर। जिले में टीबी रोगियों का जीओ टैगिंग का कार्य शुरू हो गया है। जीओ टैगिंग से अफसरों को आसानी से पता चल सकेगा कि टीबी रोगी के पास समय से दवा पहुंची या नहीं। साथ ही इससे यह भी आसानी से पता चल सकेगा कि किस क्षेत्र में टीबी के रोगी सर्वाधिक हैं। इससे समय रहते संबंधित क्षेत्र में बीमारी से रोकथाम का प्रयास किया जाएगा।
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. हेमंत रस्तोगी ने बताया कि जिले में फिलहाल 9141 लोग टीबी रोग से पीड़ित हैं। इनमें 8704 लोगों की जीओ टैगिंग की जा चुकी है। बताया कि राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के तहत वर्ष 2025 तक देश को टीबी मुक्त बनाना है। वहीं, जिले में वास्तविक टीबी मरीजों की जानकारी होना आवश्यक है। इसके लिए अब जिले के टीबी रोगियों को जीओ टैगिंग से जोड़ा जा रहा है। जीओ टैगिंग के तहत एप पर मरीज का विवरण एवं लोकेशन फीड की जाती है, जिससे मरीजों के स्वास्थ्य पर नजर रखी जा सके। बताया कि जीओ टैगिंग पर स्वास्थ्य कर्मी और मरीज की लोकेशन से पता चल जाएगा कि संबंधित को स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंची या नहीं। बताया कि दो सप्ताह या अधिक समय तक खांसी, खांसी के साथ बलगम आना, बलगम में कभी-कभी खून आना, वजन कम होना, भूख न लगना, सीने में दर्द होना, शाम को हल्का बुखार आना आदि लक्षण यदि किसी को है तो वह टीबी की जांच जरूर कराएं। संवाद
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बुलंदशहर। जिले में टीबी रोगियों का जीओ टैगिंग का कार्य शुरू हो गया है। जीओ टैगिंग से अफसरों को आसानी से पता चल सकेगा कि टीबी रोगी के पास समय से दवा पहुंची या नहीं। साथ ही इससे यह भी आसानी से पता चल सकेगा कि किस क्षेत्र में टीबी के रोगी सर्वाधिक हैं। इससे समय रहते संबंधित क्षेत्र में बीमारी से रोकथाम का प्रयास किया जाएगा।
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. हेमंत रस्तोगी ने बताया कि जिले में फिलहाल 9141 लोग टीबी रोग से पीड़ित हैं। इनमें 8704 लोगों की जीओ टैगिंग की जा चुकी है। बताया कि राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के तहत वर्ष 2025 तक देश को टीबी मुक्त बनाना है। वहीं, जिले में वास्तविक टीबी मरीजों की जानकारी होना आवश्यक है। इसके लिए अब जिले के टीबी रोगियों को जीओ टैगिंग से जोड़ा जा रहा है। जीओ टैगिंग के तहत एप पर मरीज का विवरण एवं लोकेशन फीड की जाती है, जिससे मरीजों के स्वास्थ्य पर नजर रखी जा सके। बताया कि जीओ टैगिंग पर स्वास्थ्य कर्मी और मरीज की लोकेशन से पता चल जाएगा कि संबंधित को स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंची या नहीं। बताया कि दो सप्ताह या अधिक समय तक खांसी, खांसी के साथ बलगम आना, बलगम में कभी-कभी खून आना, वजन कम होना, भूख न लगना, सीने में दर्द होना, शाम को हल्का बुखार आना आदि लक्षण यदि किसी को है तो वह टीबी की जांच जरूर कराएं। संवाद
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