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रोजाना 30 लाख की टोल वसूली, फिर भी हाईवे-91 पर गड्ढे
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रोजाना 30 लाख की टोल वसूली, फिर भी हाईवे-91 पर गड्ढे
सिकंदराबाद। हाईवे-91 से गुजरने वाले 25 हजार से ज्यादा वाहन चालक रोजाना करीब 30 लाख रुपये का टोल चुकाते हैं। इसके बावजूद हाईवे पर गड्ढे तक नहीं भरे।
सिकंदरबाद से गुजर रहे एनएच-91 गाजियाबाद-अलीगढ़ एक्सप्रेस वे का करीब 20 किमी हिस्सा सिकंदराबाद में पड़ता है। लालपुर गांव में हाईवे जगह-जगह उखड़ गया है। हाईवे पर गड्ढ़ों की वजह से आए दिन हादसे हो रहे हैं। तेज रफ्तार वाहन के पहिए के अचानक गड्ढे में गिर जाने के कारण वाहनों में तकनीकि खराबी आने से चालकों को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ा। लालपुर में कई बार तो जाम की स्थिति बन जाती है। हाईवे के टोल प्लाजा पर शौचालाय की व्यवस्था भी नहीं है। अगर हादसा हो जाए तो घायलों को एंबुलेंस तक नहीं मिलती। घायलों को पुलिस या 108 एंबुलेंस से ही अस्पताल पहुुंचना पड़ता है। दो टीमें भर रहीं गड्ढे तीन माह से गड्ढों में तब्दील हाईवे-91 पर बृहस्पतिवार को बाइक सवार की मौत के बाद शुक्रवार को एनएचएआई की टीम निरीक्षण के लिए निकली। एआरटीओ मनोज कुमार शुक्ला, एनएचएआई के असिस्टेंट इंजीनियर राघवेंद्र त्रिपाठी ने टीम के साथ दौरा किया। एनएचएआई के असिस्टेंट इंजीनियर राघवेंद्र त्रिपाठी ने कहा कि बारिश की वजह से काम बंद हो गया था। अब फिर से गड्ढे भरने का काम शुरू कर दिया गया है।
नेशनल हाईवे -91 पर हुए गड्ढों को भरने के कार्य में दो टीमें लगी हुई हैं । करीब एक सप्ताह में हाईवे पर हुए सभी गड्ढे भर दिए जाएंगे। - पीपी सिंह, प्रोजेक्ट मैनेजर एनएचएआई
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सिकंदराबाद। हाईवे-91 से गुजरने वाले 25 हजार से ज्यादा वाहन चालक रोजाना करीब 30 लाख रुपये का टोल चुकाते हैं। इसके बावजूद हाईवे पर गड्ढे तक नहीं भरे।
सिकंदरबाद से गुजर रहे एनएच-91 गाजियाबाद-अलीगढ़ एक्सप्रेस वे का करीब 20 किमी हिस्सा सिकंदराबाद में पड़ता है। लालपुर गांव में हाईवे जगह-जगह उखड़ गया है। हाईवे पर गड्ढ़ों की वजह से आए दिन हादसे हो रहे हैं। तेज रफ्तार वाहन के पहिए के अचानक गड्ढे में गिर जाने के कारण वाहनों में तकनीकि खराबी आने से चालकों को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ा। लालपुर में कई बार तो जाम की स्थिति बन जाती है। हाईवे के टोल प्लाजा पर शौचालाय की व्यवस्था भी नहीं है। अगर हादसा हो जाए तो घायलों को एंबुलेंस तक नहीं मिलती। घायलों को पुलिस या 108 एंबुलेंस से ही अस्पताल पहुुंचना पड़ता है। दो टीमें भर रहीं गड्ढे तीन माह से गड्ढों में तब्दील हाईवे-91 पर बृहस्पतिवार को बाइक सवार की मौत के बाद शुक्रवार को एनएचएआई की टीम निरीक्षण के लिए निकली। एआरटीओ मनोज कुमार शुक्ला, एनएचएआई के असिस्टेंट इंजीनियर राघवेंद्र त्रिपाठी ने टीम के साथ दौरा किया। एनएचएआई के असिस्टेंट इंजीनियर राघवेंद्र त्रिपाठी ने कहा कि बारिश की वजह से काम बंद हो गया था। अब फिर से गड्ढे भरने का काम शुरू कर दिया गया है।
नेशनल हाईवे -91 पर हुए गड्ढों को भरने के कार्य में दो टीमें लगी हुई हैं । करीब एक सप्ताह में हाईवे पर हुए सभी गड्ढे भर दिए जाएंगे। - पीपी सिंह, प्रोजेक्ट मैनेजर एनएचएआई
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