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विशेषज्ञों की कमी से सीएचसी पर जांच न इलाज का इंतजाम

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 20 Feb 2022 12:30 AM IST
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विशेषज्ञों की कमी से सीएचसी पर जांच न इलाज का इंतजाम
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बुलंदशहर। जिले की आबादी के हिसाब से स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार नहीं हो सका है। वहीं, जो अस्पताल हैं भी वहां पर चिकित्सकों की कमी है। दो दशक पूर्व ब्लॉक क्षेत्र में डेढ़ लाख आबादी को स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने के लिए स्थापित की गई सीएचसी आज भी बदहाल है। आलम यह है कि क्षेत्र के लोगों को 30 से 50 किमी दूर जिला अस्पताल तक की दौड़ लगानी पड़ती है।
जिले में 13 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र संचालित है। जो एक लाख की आबादी वाले क्षेत्रों में दो दशक पूर्व खोले गए थे। इसके बावजूद बीते 20 वर्षों में जहां आबादी बढ़ी है तो संसाधन व स्टाफ की कमी से आज भी सीएचसी की हालत जस की तस बनी हुई है। शिकारपुर और जहांगीराबाद ब्लॉक क्षेत्र में बीते 20 वर्षों में आबादी दोगुना से अधिक हो गई है।
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जहांगीराबाद सीएचसी
जहांगीराबाद नगर की आबादी जहां 90 हजार से अधिक है। वहीं, ब्लॉक क्षेत्र की आबादी तीन लाख से अधिक हो गई है। दो दशक पूर्व खोला गया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर वर्तमान में दो महिला व पुरुष चिकित्सकों की तैनाती है। जबकि, सीएचसी पर न तो महिला रोग विशेषज्ञ की तैनाती मिली है और न ही कोई बाल रोग विशेषज्ञ तैनात है। इसके अलावा बेहोशी के चिकित्सक की भी तैनाती नहीं हो सकी है। इसके चलते गंभीर मरीजों को जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया जाता है। वहीं, समय-समय पर कुत्ता-बंदर काटने पर एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाने के लिए भी मरीजों को भटकना पड़ता है।
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शिकारपुर सीएचसी
शिकारपुर नगर की आबादी वर्तमान में 50 हजार से अधिक है और ब्लॉक क्षेत्र की कुल आबादी तीन लाख के करीब है। ऐसे में दो दशक पूर्व ब्लॉक क्षेत्र में खोले गए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भी विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी चल रही है। सीएचसी पर प्रभारी समेत चार चिकित्सक तैनात है। इसमें दो महिला चिकित्सक और एक बाल रोग विशेषज्ञ तैनात है। सर्जन की कमी चलने पर बीते दिनों एक सर्जन को तैनाती दी गई। नियुक्ति मिलने के बाद सर्जन अपना स्थानांतरण करके दूसरी जगह चले गए। इसके बाद मरीजों को ऑपरेशन आदि की सुविधा लेने के लिए जिला अस्पताल जाना पड़ता है।

यह हैं अस्पताल के मानक
- 30 लाख की जनसंख्या पर 600 बेड का मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल। निर्माण कार्य शुरू हो चुका है।
- पांच लाख की आबादी पर 100 बेड का अस्पताल। जरूरत आठ की, संचालित सिर्फ पांच।
- एक लाख की आबादी पर 30 बेड का अस्पताल। जरूरत जरूरत 30 की, संचालित सिर्फ 13।
कोट
शिकारपुर और जहांगीराबाद के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र समेत जिले के अन्य सरकारी चिकित्सालयों में विशेषज्ञ चिकित्सकों के साथ स्टाफ की काफी कमी चल रही है। इसके लिए समय-समय पर पत्राचार भी किया जा रहा है। उम्मीद है जल्द कुछ विशेषज्ञों की जिले में तैनाती मिलने की उम्मीद है। - डॉ. विनय कुमार सिंह, सीएमओ
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