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शातिर ठग के घर कुर्की का नोटिस हुआ चस्पा
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शातिर ठग के घर कुर्की का नोटिस हुआ चस्पा
बुलंदशहर। टावर लगाने के नाम पर ठगी करने वाले शातिर की असली पहचान आखिर ढाई वर्ष बाद हो ही गई है। पुलिस उसकी गिरफ्तारी नहीं कर सकी है, लेकिन उसके घर पर कुर्की का नोटिस चस्पा कर दिया गया है।
सिकंदराबाद के मोहल्ला खत्रीवाड़ा निवासी नितिन अरोड़ा पुत्र बाबू सिंह ने वर्ष 2018 में मुख्यमंत्री को एक पत्र भेजा था। इस पर मार्च 2018 में सिकंदराबाद कोतवाली पुलिस ने एफआईआर दर्ज की थी। इसमें उसने बताया था कि उसके मोबाइल पर 12 मार्च 2018 को एक कॉल आई थी। आरोपी ने उसके मोहल्ले में मोबाइल टावर लगवाने की बात कही थी। साथ ही कहा कि उसका नंबर लकी है, उसे कंपनी यह मौका दे रही है। यदि वह टावर लगवाता है तो कंपनी उसके साथ 55 लाख रुपये का एग्रीमेंट करेगी, उसके एक परिजन को नौकरी, इंश्योरेंस और प्रत्येक माह 45 हजार रुपये दिए जाएंगे। इसके लिए आरोपी ने एग्रीमेंट के नाम पर पीड़ित से करीब 1.14 लाख रुपये की मांग की थी। पीड़ित ने आरोपी के झांसे में आकर उसके विभिन्न खाताें में यह रकम ट्रांसफर कर दी थी। पीड़ित ने जब आरोपी के उक्त नंबरों पर कॉल की तो उसे अपने ठगे जाने की जानकारी हुई। हालांकि, पुलिस ने मामला आरोपी द्वारा बताए गए विभिन्न नाम जोया खान, जुबैर खान और अजित सिंह के खिलाफ दर्ज कर लिया। लेकिन, इसके बाद यह मामला ठंडे बस्ते में चला गया था। सिकंदराबाद थाने से जांच ट्रांसफर होकर क्राइम ब्रांच पहुंची। लेकिन, यहां भी यह मामला अधर में ही लटका रहा। बीते दिनों उक्त प्रकरण में इंस्पेक्टर अवनीश कुमार सिंह ने पड़ताल शुरू की थी। उन्होंने बताया कि मामले की गहनता से जांच करने पर सामने आया कि उक्त ठगी एटा के कोतवाली देहात क्षेत्र के गांव नगला सेवा निवासी आरोपी विनय कुमार ने की हैं। जिसके बाद उसकी तलाश में दबिश दी गईं, लेकिन उसका सुराग नहीं लग सका। वहीं, इंस्पेक्टर ने न्यायालय के आदेश पर आरोपी के आवास पर कुर्की का नोटिस चस्पा कर दिया है। उन्होंने बताया कि जल्द ही गिरफ्तारी न होने पर कुर्की की जाएगी।
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बुलंदशहर। टावर लगाने के नाम पर ठगी करने वाले शातिर की असली पहचान आखिर ढाई वर्ष बाद हो ही गई है। पुलिस उसकी गिरफ्तारी नहीं कर सकी है, लेकिन उसके घर पर कुर्की का नोटिस चस्पा कर दिया गया है।
सिकंदराबाद के मोहल्ला खत्रीवाड़ा निवासी नितिन अरोड़ा पुत्र बाबू सिंह ने वर्ष 2018 में मुख्यमंत्री को एक पत्र भेजा था। इस पर मार्च 2018 में सिकंदराबाद कोतवाली पुलिस ने एफआईआर दर्ज की थी। इसमें उसने बताया था कि उसके मोबाइल पर 12 मार्च 2018 को एक कॉल आई थी। आरोपी ने उसके मोहल्ले में मोबाइल टावर लगवाने की बात कही थी। साथ ही कहा कि उसका नंबर लकी है, उसे कंपनी यह मौका दे रही है। यदि वह टावर लगवाता है तो कंपनी उसके साथ 55 लाख रुपये का एग्रीमेंट करेगी, उसके एक परिजन को नौकरी, इंश्योरेंस और प्रत्येक माह 45 हजार रुपये दिए जाएंगे। इसके लिए आरोपी ने एग्रीमेंट के नाम पर पीड़ित से करीब 1.14 लाख रुपये की मांग की थी। पीड़ित ने आरोपी के झांसे में आकर उसके विभिन्न खाताें में यह रकम ट्रांसफर कर दी थी। पीड़ित ने जब आरोपी के उक्त नंबरों पर कॉल की तो उसे अपने ठगे जाने की जानकारी हुई। हालांकि, पुलिस ने मामला आरोपी द्वारा बताए गए विभिन्न नाम जोया खान, जुबैर खान और अजित सिंह के खिलाफ दर्ज कर लिया। लेकिन, इसके बाद यह मामला ठंडे बस्ते में चला गया था। सिकंदराबाद थाने से जांच ट्रांसफर होकर क्राइम ब्रांच पहुंची। लेकिन, यहां भी यह मामला अधर में ही लटका रहा। बीते दिनों उक्त प्रकरण में इंस्पेक्टर अवनीश कुमार सिंह ने पड़ताल शुरू की थी। उन्होंने बताया कि मामले की गहनता से जांच करने पर सामने आया कि उक्त ठगी एटा के कोतवाली देहात क्षेत्र के गांव नगला सेवा निवासी आरोपी विनय कुमार ने की हैं। जिसके बाद उसकी तलाश में दबिश दी गईं, लेकिन उसका सुराग नहीं लग सका। वहीं, इंस्पेक्टर ने न्यायालय के आदेश पर आरोपी के आवास पर कुर्की का नोटिस चस्पा कर दिया है। उन्होंने बताया कि जल्द ही गिरफ्तारी न होने पर कुर्की की जाएगी।
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