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शिक्षकों के जाति और मूल निवास प्रमाणपत्रों की जांच शुरू
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शिक्षकों के जाति और मूल निवास प्रमाणपत्रों की जांच शुरू
बुलंदशहर। बेसिक शिक्षा विभाग में 69 हजार शिक्षक भर्ती में शामिल शिक्षकों के जाति और मूल निवास प्रमाण पत्रों की जांच होगी। बताया गया कि विभाग की अपर मुख्य सचिव ने बीएसए को यह निर्देश दिए हैं। ऐसे में इस भर्ती में शामिल उन शिक्षकों पर तलवार लटक गई है, जिन्होंने 20 मई 2020 के बाद संबंधित प्रमाणपत्र बनवाए थे। बीएसए ने बताया कि प्रमाणपत्रों की जांच शुरू हो गई है।
बेसिक शिक्षा विभाग के प्राथमिक स्कूलों में शासन के आदेश पर गत दिनों 69 हजार शिक्षकों की भर्ती हुई थी। दो चरणों में हुई भर्ती में से जनपद जनपद में करीब 700 शिक्षक आए थे। शासन ने जब भर्ती का विज्ञापन जारी किया तो इसमें यह शर्त रखी गई थी कि विज्ञापन की तिथि से पूर्व अभ्यर्थियों के सभी शैक्षिक और अन्य प्रमाणपत्र पूरे होने चाहिए। लेकिन अधिकतर शिक्षकों ने भर्ती का विज्ञापन जारी होने के बाद अपने मूल निवास और जाति प्रमाणपत्र बनवाए और उनका चयन हो गया, जिस पर अब बेसिक शिक्षा विभाग की अपर मुख्य सचिव रेणुका कुमार ने ऐसे शिक्षकों के प्रमाणपत्रों की जांच के बाद उनके चयन को निरस्त करने के आदेश दिए हैं। बताया गया कि जिन शिक्षकों के 20 मई 2020 के बाद मूल निवास और जाति प्रमाणपत्र दस्तावेजों के साथ लगे होंगे उनकी जांच के बाद सेवा को समाप्त किया जाएगा। सचिव के आदेश मिलने के बाद बीएसए ने जिले में जांच शुरू करा दी है। आदेश के तहत एक सप्ताह के भीतर विभाग द्वारा जांच को पूरा करने के बाद कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।
बेसिक शिक्षा अधिकारी अखंड प्रताप सिंह = विभाग की अपर मुख्य सचिव के आदेश मिल चुके हैं, जिन शिक्षकों ने 20 मई 2020 के बाद जाति और मूल निवासी प्रमाणपत्र लगाए हैं, उनकी जांच शुरू करा दी गई है। यदि कोई ऐसा शिक्षक मिलता है तो उसका चयन निरस्त किया जाएगा। शासन के आदेशों का सख्ती से पालन होगा।
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बुलंदशहर। बेसिक शिक्षा विभाग में 69 हजार शिक्षक भर्ती में शामिल शिक्षकों के जाति और मूल निवास प्रमाण पत्रों की जांच होगी। बताया गया कि विभाग की अपर मुख्य सचिव ने बीएसए को यह निर्देश दिए हैं। ऐसे में इस भर्ती में शामिल उन शिक्षकों पर तलवार लटक गई है, जिन्होंने 20 मई 2020 के बाद संबंधित प्रमाणपत्र बनवाए थे। बीएसए ने बताया कि प्रमाणपत्रों की जांच शुरू हो गई है।
बेसिक शिक्षा विभाग के प्राथमिक स्कूलों में शासन के आदेश पर गत दिनों 69 हजार शिक्षकों की भर्ती हुई थी। दो चरणों में हुई भर्ती में से जनपद जनपद में करीब 700 शिक्षक आए थे। शासन ने जब भर्ती का विज्ञापन जारी किया तो इसमें यह शर्त रखी गई थी कि विज्ञापन की तिथि से पूर्व अभ्यर्थियों के सभी शैक्षिक और अन्य प्रमाणपत्र पूरे होने चाहिए। लेकिन अधिकतर शिक्षकों ने भर्ती का विज्ञापन जारी होने के बाद अपने मूल निवास और जाति प्रमाणपत्र बनवाए और उनका चयन हो गया, जिस पर अब बेसिक शिक्षा विभाग की अपर मुख्य सचिव रेणुका कुमार ने ऐसे शिक्षकों के प्रमाणपत्रों की जांच के बाद उनके चयन को निरस्त करने के आदेश दिए हैं। बताया गया कि जिन शिक्षकों के 20 मई 2020 के बाद मूल निवास और जाति प्रमाणपत्र दस्तावेजों के साथ लगे होंगे उनकी जांच के बाद सेवा को समाप्त किया जाएगा। सचिव के आदेश मिलने के बाद बीएसए ने जिले में जांच शुरू करा दी है। आदेश के तहत एक सप्ताह के भीतर विभाग द्वारा जांच को पूरा करने के बाद कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।
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बेसिक शिक्षा अधिकारी अखंड प्रताप सिंह = विभाग की अपर मुख्य सचिव के आदेश मिल चुके हैं, जिन शिक्षकों ने 20 मई 2020 के बाद जाति और मूल निवासी प्रमाणपत्र लगाए हैं, उनकी जांच शुरू करा दी गई है। यदि कोई ऐसा शिक्षक मिलता है तो उसका चयन निरस्त किया जाएगा। शासन के आदेशों का सख्ती से पालन होगा।
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