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खुद पर रखें विश्वास, हौसले से छुएं आसमान
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दिल्ली रोड स्थित लीलावती पब्लिक स्कूल में आयोजित अपराजिता 100 मिलियन स्माइल कार्यक्रम में उपस्थि?
- फोटो : BULANDSHAHR
खुद पर रखें विश्वास, हौसले से छुएं आसमान
बुलंदशहर। नारी अब बेचारी नहीं है। यह बात जगजाहिर है। हर क्षेत्र में महिलाएं उच्च पदों पर आसीन हैं और समाज को दिशा देने का काम कर रही हैं। जो महिलाएं अपने को कमजोर समझती हैं उन्हें जागरूक होना होगा। अपनी सुरक्षा के लिए आत्मविश्वास को जगाना होगा। यह विचार शनिवार को नेशनल हाईवे 91 स्थित लीलावती कॉवेंट स्कूल में आयोजित अपराजिता के तहत अपनी सुरक्षा, अपने हाथ कार्यक्रम के तहत स्कूल की प्रधानाचार्या शैली अग्रवाल ने व्यक्त किए। छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज खुद पर विश्वास कर अपने हौसलों से आसमान को छूना होगा। इस दौरान छात्राओं ने स्कूल परिसर में आत्मरक्षा के विभिन्न गुर भी सीखे।
स्कूल की प्रधानाचार्या शैली अग्रवाल ने छात्राओं से कहा कि अपनी सुरक्षा का अधिकार सभी को है। मुसीबत के समय हिम्मत से काम लेना चाहिए। बेटियां कमजोर नहीं हैं, अपने अधिकार को पाने के लिए उन्हें आगे बढ़ना है। प्रधानाचार्य ने कहा कि इस अभियान से बेटियों को बहुत कुछ सीखने को मिलेगा। इसके बाद स्कूल की प्रशिक्षिका स्वाति तेवतिया ने भी छात्राओं का मनोबल बढ़ाया। उन्होंने बताया कि छात्राओं को मुसीबत का डटकर सामना करना चाहिए। साथ ही इस दौरान उन्होंने जूडो की कुछ मूव्स भी छात्राओं को सिखाईं। अपर पंच, लोअर पंच, के साथ ही नाखून और अंगुलियों की सहायता से शरीर के कमजोर अंग जैसे नाक, आंख आदि पर प्रहार कर अपना बचाव करने के तरीके से अवगत कराया। वहीं, स्कूल की अध्यापिका रामवती शर्मा ने भी अपराजिता का मतलब बताते हुए नारी सशक्तीकरण को लेकर अपने विचार रखे। इसके बाद छात्राओं ने शपथ पत्र भरे और अपनी सुरक्षा स्वयं करने की शपथ ली। इस अवसर पर उप प्रधानाचार्य सौरभ सक्सेना, अध्यापिका दिव्या गुप्ता समेत अन्य स्टाफ मौजूद रहा। कार्यक्रम का संचालन छात्रा तान्या गुप्ता ने किया।
आकांक्षा यादव - कार्यक्रम ने मन में काफी उत्साह भर दिया। आधी आबादी आज पुरुषों के कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ रही है। इससे मनोबल हमारा भी बढ़ रहा है।
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सिद्रा गाजी - कार्यक्रम में बहुत कुछ सीखने को मिला। प्रशिक्षिका द्वारा दिए गए टिप्स जीवन में आगे काफी काम आएंगे। अपनी सहेलियों को भी बचाव के यह तरीके बताऊंगी।
नव्या अग्रवाल - किसी भी परिस्थितियों से सामना करने के लिए डरने की जरूरत नहीं है। अपराजिता कार्यक्रम से यही सीख मिली, जो जीवन में काम आएगी।
दिया शर्मा - इस कार्यक्रम से सीख लेकर अपनी सहेलियों और बहनों को भी जागरूक करूंगी। ताकि, वह कठिन समय में भी खुद को सुरक्षित रख सकें।
जाह्नवी चौधरी - इस तरह का कार्यक्रम से मनोबल बढ़ता है। अपने अधिकार जानने के साथ-साथ अपनी सुरक्षा खुद करने की सीख मिली है। जिसे जीवन भर अपने जीवन में उतार कर रखूंगी।
अलका - अपराध करने वालों का डटकर मुकाबला करना कोई बड़ी बात नहीं है। बस खुद के आत्मविश्वास को कमजोर नहीं होने देना है।
गुंजन - आज अपराध से लड़ने की ताकत मिली है। महिला कहीं भी किसी से कम नहीं है। वह खुद अपनी हिफाजत करने में सक्षम है।
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बुलंदशहर। नारी अब बेचारी नहीं है। यह बात जगजाहिर है। हर क्षेत्र में महिलाएं उच्च पदों पर आसीन हैं और समाज को दिशा देने का काम कर रही हैं। जो महिलाएं अपने को कमजोर समझती हैं उन्हें जागरूक होना होगा। अपनी सुरक्षा के लिए आत्मविश्वास को जगाना होगा। यह विचार शनिवार को नेशनल हाईवे 91 स्थित लीलावती कॉवेंट स्कूल में आयोजित अपराजिता के तहत अपनी सुरक्षा, अपने हाथ कार्यक्रम के तहत स्कूल की प्रधानाचार्या शैली अग्रवाल ने व्यक्त किए। छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज खुद पर विश्वास कर अपने हौसलों से आसमान को छूना होगा। इस दौरान छात्राओं ने स्कूल परिसर में आत्मरक्षा के विभिन्न गुर भी सीखे।
स्कूल की प्रधानाचार्या शैली अग्रवाल ने छात्राओं से कहा कि अपनी सुरक्षा का अधिकार सभी को है। मुसीबत के समय हिम्मत से काम लेना चाहिए। बेटियां कमजोर नहीं हैं, अपने अधिकार को पाने के लिए उन्हें आगे बढ़ना है। प्रधानाचार्य ने कहा कि इस अभियान से बेटियों को बहुत कुछ सीखने को मिलेगा। इसके बाद स्कूल की प्रशिक्षिका स्वाति तेवतिया ने भी छात्राओं का मनोबल बढ़ाया। उन्होंने बताया कि छात्राओं को मुसीबत का डटकर सामना करना चाहिए। साथ ही इस दौरान उन्होंने जूडो की कुछ मूव्स भी छात्राओं को सिखाईं। अपर पंच, लोअर पंच, के साथ ही नाखून और अंगुलियों की सहायता से शरीर के कमजोर अंग जैसे नाक, आंख आदि पर प्रहार कर अपना बचाव करने के तरीके से अवगत कराया। वहीं, स्कूल की अध्यापिका रामवती शर्मा ने भी अपराजिता का मतलब बताते हुए नारी सशक्तीकरण को लेकर अपने विचार रखे। इसके बाद छात्राओं ने शपथ पत्र भरे और अपनी सुरक्षा स्वयं करने की शपथ ली। इस अवसर पर उप प्रधानाचार्य सौरभ सक्सेना, अध्यापिका दिव्या गुप्ता समेत अन्य स्टाफ मौजूद रहा। कार्यक्रम का संचालन छात्रा तान्या गुप्ता ने किया।
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आकांक्षा यादव - कार्यक्रम ने मन में काफी उत्साह भर दिया। आधी आबादी आज पुरुषों के कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ रही है। इससे मनोबल हमारा भी बढ़ रहा है।
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सिद्रा गाजी - कार्यक्रम में बहुत कुछ सीखने को मिला। प्रशिक्षिका द्वारा दिए गए टिप्स जीवन में आगे काफी काम आएंगे। अपनी सहेलियों को भी बचाव के यह तरीके बताऊंगी।
नव्या अग्रवाल - किसी भी परिस्थितियों से सामना करने के लिए डरने की जरूरत नहीं है। अपराजिता कार्यक्रम से यही सीख मिली, जो जीवन में काम आएगी।
दिया शर्मा - इस कार्यक्रम से सीख लेकर अपनी सहेलियों और बहनों को भी जागरूक करूंगी। ताकि, वह कठिन समय में भी खुद को सुरक्षित रख सकें।
जाह्नवी चौधरी - इस तरह का कार्यक्रम से मनोबल बढ़ता है। अपने अधिकार जानने के साथ-साथ अपनी सुरक्षा खुद करने की सीख मिली है। जिसे जीवन भर अपने जीवन में उतार कर रखूंगी।
अलका - अपराध करने वालों का डटकर मुकाबला करना कोई बड़ी बात नहीं है। बस खुद के आत्मविश्वास को कमजोर नहीं होने देना है।
गुंजन - आज अपराध से लड़ने की ताकत मिली है। महिला कहीं भी किसी से कम नहीं है। वह खुद अपनी हिफाजत करने में सक्षम है।