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कोवैक्सीन लगवाने से पूर्व भरना होगा शपथ पत्र
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कोवैक्सीन लगवाने से पूर्व भरना होगा शपथ पत्र
बुलंदशहर। कोरोना से बचाव के लिए स्वास्थ्य कर्मियों के बाद फ्रंट लाइन वर्करों को कोवैक्सीन की डोज दी जा रही है। कोविशील्ड की तरह कोवैक्सीन लगवाने से पहले वैक्सीनेशन कराने वाले कर्मी से पहले एक शपथ पत्र भी भरवाया जा रहा है। शपथ पत्र पर एक सहमति पत्र हैं, जिसे लिखकर देने पर संबंधित को वैक्सीन लगाई जा रही है।
कोरोना से बचाव के लिए 16 जनवरी से वैक्सीनेशन का कार्य शुरू हो गया था। पहले चरण में स्वास्थ्य कर्मियों को कोविशील्ड की डोज लगाई गई। वहीं, पांच फरवरी से शुरू हुए दूसरे चरण के तहत पुलिस, प्रशासन, निकाय आदि के फ्रंटलाइन वर्करों को कोविशील्ड की डोज लगाई गई। शासन के निर्देश पर वैक्सीन लगवाने वालों से एक सहमति पत्र भरवाया जा रहा है। स्वास्थ्य अफसरों के अनुसार, सहमति पत्र में वैक्सीन लगवाने वालों को शुरुआती सात दिनों के अंदर किसी भी तरह के साइड इफेक्ट और लक्षणों के बारे में एक फैक्ट शीट के जरिये पूरी जानकारी देनी होगी। सीएमओ डॉ. भवतोष शंखधर ने बताया कि सहमति पत्र भरना टीकाकरण की एक औपचारिकता है। दोनों वैक्सीन सुरक्षित हैं। घबराने की किसी को जरूरत नहीं है।
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बुलंदशहर। कोरोना से बचाव के लिए स्वास्थ्य कर्मियों के बाद फ्रंट लाइन वर्करों को कोवैक्सीन की डोज दी जा रही है। कोविशील्ड की तरह कोवैक्सीन लगवाने से पहले वैक्सीनेशन कराने वाले कर्मी से पहले एक शपथ पत्र भी भरवाया जा रहा है। शपथ पत्र पर एक सहमति पत्र हैं, जिसे लिखकर देने पर संबंधित को वैक्सीन लगाई जा रही है।
कोरोना से बचाव के लिए 16 जनवरी से वैक्सीनेशन का कार्य शुरू हो गया था। पहले चरण में स्वास्थ्य कर्मियों को कोविशील्ड की डोज लगाई गई। वहीं, पांच फरवरी से शुरू हुए दूसरे चरण के तहत पुलिस, प्रशासन, निकाय आदि के फ्रंटलाइन वर्करों को कोविशील्ड की डोज लगाई गई। शासन के निर्देश पर वैक्सीन लगवाने वालों से एक सहमति पत्र भरवाया जा रहा है। स्वास्थ्य अफसरों के अनुसार, सहमति पत्र में वैक्सीन लगवाने वालों को शुरुआती सात दिनों के अंदर किसी भी तरह के साइड इफेक्ट और लक्षणों के बारे में एक फैक्ट शीट के जरिये पूरी जानकारी देनी होगी। सीएमओ डॉ. भवतोष शंखधर ने बताया कि सहमति पत्र भरना टीकाकरण की एक औपचारिकता है। दोनों वैक्सीन सुरक्षित हैं। घबराने की किसी को जरूरत नहीं है।
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