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रोकने पर भी नहीं माने किसान, बैरियर हटाकर दिल्ली बॉर्डर के लिए हुए रवाना
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ट्रैक्टर ट्राली में सवार को दिल्ली कूच करते किसान।
- फोटो : SIKANDRABAD
रोकने पर भी नहीं माने किसान, बैरियर हटाकर दिल्ली बॉर्डर के लिए हुए रवाना
बुलंदशहर/खुर्जा जंक्शन/औरंगाबाद। किसान आंदोलन के समर्थन में जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से किसान बृहस्पतिवार रात और शुक्रवार सुबह पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों के रोकने के बावजूद ट्रैक्टरों पर सवार होकर दिल्ली बॉर्डर के लिए निकल गए। वहीं, कई स्थानों पर किसान आंदोलन के समर्थन में किसानों ने पंचायत आदि की। गुलावठी पुलिस ने भारतीय किसान यूनियन के तहसील अध्यक्ष रोहताश सिंह तेवतिया को नजर बंद कर दिया है। पुलिस ने रात्रि 12 बजे से उन्हें घर पर हीं नजर बंद कर दिया है।
गौरतलब है कि कृषि कानून के विरोध में पिछले कई महीनों से दिल्ली के विभिन्न सीमाओं पर किसानों का आंदोलन चल रहा है। किसान नेता राकेश टिकैत के अनशन की चेतावनी के बाद जनपद के किसानों ने भी आंदोलन में शामिल होने के लिए जाने की तैयारी कर ली। बुलंदशहर से भारतीय किसान यूनियन महाशक्ति के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठा. धर्मेंद्र सिंह अपने पदाधिकारियों के साथ शुक्रवार को पुलिस को चकमा देकर गाजीपुर बॉर्डर पर पहुंचे, जहां उन्होंने राकेश टिकैत को समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि सुबह के समय उनके घर पर पुलिस तैनात हो गई। फिर भी मैं अपने पदाधिकारियाें के साथ किसी तरह गाजीपुर बॉर्डर पर पहुंचा। उनके साथ राष्ट्रीय उपाध्यक्ष लता ठाकुर, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष बंटी सिंह लोधी, जिला उपाध्यक्ष अरुण कुमार राजपूत, मंडल संगठन मंत्री सुनील ठाकुर आदि शामिल रहे। वहीं, खुर्जा जंक्शन से कुछ किसान रात के समय ही दिल्ली जाने के लिए निकल पड़े लेकिन सिकंदराबाद मार्ग पर उन्हें रोक दिया गया था। किसानों को जाने से रोकने के लिए क्षेत्र के धराऊ चौकी समेत कई स्थानों पर पुलिस फोर्स तैनात की गई और बैरियर भी लगाए गए। शुक्रवार को जंक्शन क्षेत्र में जेवर मार्ग पर दोपहर के समय किसान एकत्रित हो गए। इसकी सूचना मिलने के बाद एसडीएम लवी त्रिपाठी और सीओ सुरेश सिंह मौके पर पहुंच गए। उन्होंने किसानों से अपील करते हुए कहा कि वह दिल्ली न जाएं। अधिकारियों के समझाने पर कुछ किसान तो मान गए और लौटने लगे। लेकिन कुछ किसान ट्रैक्टरों पर सवार होकर सिकंदराबाद मार्ग की तरफ बढ़ गए। धराऊ चौकी पर जब किसान पहुंचे तो पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की। लेकिन किसान रुके नहीं सड़क पर लगे पुलिस के बैरियर को हटाते हुए वह आगे बढ़ गए। किसानों ने कहा कि हर हाल में वह गाजीपुर बार्डर पहुंचेंगे। कैलाश गौतम, आलोक चौधरी, जयवीर सिंह, जनक सिंह, पप्पू, ओमवीर, सतेंद्र, विनोद, हरेंद्र, सुरेश, बिन्नी, मदनपाल, बॉबी, गजेंद्र सिंह, महेंद्र सिंह आदि रहे।
किसानों की आवाज दबाने का किया जा रहा प्रयास
स्याना। गढ़ स्टैंड पर शुक्रवार को भाकियू के कार्यकर्ता व पदाधिकारी इकटठा हुए। इस दौरान तहसील अध्यक्ष डा. गजेन्द्र लोधी ने कहा कि सरकार द्वारा किसानों की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। लेकिन किसान पीछे नहीं हटेंगे व सरकार को करारा जवाब देने के लिए तैयार हैं। किसान यहां से गाजीपुर बार्डर के लिए भी रवाना हुए। विपिन चौधरी, मोनू त्यागी, पिन्टू चौधरी, चन्द्रहास लोधी रिन्कू त्यागी, कपिल सिंह आदि कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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पुलिस को चकमा देकर आंदोलनस्थल पर पहुंचे किसान नेता
औरंगाबाद। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत के आवाहन पर पूर्व जिलाध्यक्ष ओर मेरठ मंडल उपाध्यक्ष गुड्डू प्रधान और प्रदेश सचिव कैप्टन बिशन सिंह सिरोही की अगुवाई में सैकड़ों पदाधिकारी कृषि कानून को वापस लेने की मांग को लेकर चल रहे धरने में थाना पुलिस को चकमा देकर शुक्रवार को शामिल हो गए। उधर, स्याना के पूर्व विधायक और रालोद नेता दिलनवाज़ खान, जिलाध्यक्ष अरुण चौधरी और पश्चिम क्षेत्र के उपाध्यक्ष योगेन्द्र सिंह लोधी भी आंदोलन में गाजीपुर बॉर्डर पहुंचे हैं। गुलावठी पुलिस ने भारतीय किसान यूनियन के तहसील अध्यक्ष रोहताश सिंह तेवतिया को नजरबंद कर दिया है। पुलिस ने रात्रि 12 बजे से उन्हें घर पर हीं नजरबंद कर दिया है। पुलिसकर्मी उनके घर पर तैनात हैं। रोहताश तेवतिया ने फोन पर बताया कि रात्रि से उन्हें नजरबंद कर दिया गया। शुक्रवार को वह एक दो स्थानों पर गए। पुलिस भी उनके साथ-साथ गई। उन्होंने बताया कि कार्यकर्ताओं की बैठक में भाग लेने के दौरान भी पुलिस उनके साथ रही। भाकियू के ब्लॉक अध्यक्ष वैभव वर्मा का कहना है कि भाकियू कार्यकर्ताओं को दिल्ली जाने से पुलिस द्वारा रोका जा रहा है। कार्यकर्ताओं के रोजमर्रा के कार्य में बाधा डाली जा रही है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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बुलंदशहर/खुर्जा जंक्शन/औरंगाबाद। किसान आंदोलन के समर्थन में जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से किसान बृहस्पतिवार रात और शुक्रवार सुबह पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों के रोकने के बावजूद ट्रैक्टरों पर सवार होकर दिल्ली बॉर्डर के लिए निकल गए। वहीं, कई स्थानों पर किसान आंदोलन के समर्थन में किसानों ने पंचायत आदि की। गुलावठी पुलिस ने भारतीय किसान यूनियन के तहसील अध्यक्ष रोहताश सिंह तेवतिया को नजर बंद कर दिया है। पुलिस ने रात्रि 12 बजे से उन्हें घर पर हीं नजर बंद कर दिया है।
गौरतलब है कि कृषि कानून के विरोध में पिछले कई महीनों से दिल्ली के विभिन्न सीमाओं पर किसानों का आंदोलन चल रहा है। किसान नेता राकेश टिकैत के अनशन की चेतावनी के बाद जनपद के किसानों ने भी आंदोलन में शामिल होने के लिए जाने की तैयारी कर ली। बुलंदशहर से भारतीय किसान यूनियन महाशक्ति के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठा. धर्मेंद्र सिंह अपने पदाधिकारियों के साथ शुक्रवार को पुलिस को चकमा देकर गाजीपुर बॉर्डर पर पहुंचे, जहां उन्होंने राकेश टिकैत को समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि सुबह के समय उनके घर पर पुलिस तैनात हो गई। फिर भी मैं अपने पदाधिकारियाें के साथ किसी तरह गाजीपुर बॉर्डर पर पहुंचा। उनके साथ राष्ट्रीय उपाध्यक्ष लता ठाकुर, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष बंटी सिंह लोधी, जिला उपाध्यक्ष अरुण कुमार राजपूत, मंडल संगठन मंत्री सुनील ठाकुर आदि शामिल रहे। वहीं, खुर्जा जंक्शन से कुछ किसान रात के समय ही दिल्ली जाने के लिए निकल पड़े लेकिन सिकंदराबाद मार्ग पर उन्हें रोक दिया गया था। किसानों को जाने से रोकने के लिए क्षेत्र के धराऊ चौकी समेत कई स्थानों पर पुलिस फोर्स तैनात की गई और बैरियर भी लगाए गए। शुक्रवार को जंक्शन क्षेत्र में जेवर मार्ग पर दोपहर के समय किसान एकत्रित हो गए। इसकी सूचना मिलने के बाद एसडीएम लवी त्रिपाठी और सीओ सुरेश सिंह मौके पर पहुंच गए। उन्होंने किसानों से अपील करते हुए कहा कि वह दिल्ली न जाएं। अधिकारियों के समझाने पर कुछ किसान तो मान गए और लौटने लगे। लेकिन कुछ किसान ट्रैक्टरों पर सवार होकर सिकंदराबाद मार्ग की तरफ बढ़ गए। धराऊ चौकी पर जब किसान पहुंचे तो पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की। लेकिन किसान रुके नहीं सड़क पर लगे पुलिस के बैरियर को हटाते हुए वह आगे बढ़ गए। किसानों ने कहा कि हर हाल में वह गाजीपुर बार्डर पहुंचेंगे। कैलाश गौतम, आलोक चौधरी, जयवीर सिंह, जनक सिंह, पप्पू, ओमवीर, सतेंद्र, विनोद, हरेंद्र, सुरेश, बिन्नी, मदनपाल, बॉबी, गजेंद्र सिंह, महेंद्र सिंह आदि रहे।
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किसानों की आवाज दबाने का किया जा रहा प्रयास
स्याना। गढ़ स्टैंड पर शुक्रवार को भाकियू के कार्यकर्ता व पदाधिकारी इकटठा हुए। इस दौरान तहसील अध्यक्ष डा. गजेन्द्र लोधी ने कहा कि सरकार द्वारा किसानों की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। लेकिन किसान पीछे नहीं हटेंगे व सरकार को करारा जवाब देने के लिए तैयार हैं। किसान यहां से गाजीपुर बार्डर के लिए भी रवाना हुए। विपिन चौधरी, मोनू त्यागी, पिन्टू चौधरी, चन्द्रहास लोधी रिन्कू त्यागी, कपिल सिंह आदि कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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पुलिस को चकमा देकर आंदोलनस्थल पर पहुंचे किसान नेता
औरंगाबाद। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत के आवाहन पर पूर्व जिलाध्यक्ष ओर मेरठ मंडल उपाध्यक्ष गुड्डू प्रधान और प्रदेश सचिव कैप्टन बिशन सिंह सिरोही की अगुवाई में सैकड़ों पदाधिकारी कृषि कानून को वापस लेने की मांग को लेकर चल रहे धरने में थाना पुलिस को चकमा देकर शुक्रवार को शामिल हो गए। उधर, स्याना के पूर्व विधायक और रालोद नेता दिलनवाज़ खान, जिलाध्यक्ष अरुण चौधरी और पश्चिम क्षेत्र के उपाध्यक्ष योगेन्द्र सिंह लोधी भी आंदोलन में गाजीपुर बॉर्डर पहुंचे हैं। गुलावठी पुलिस ने भारतीय किसान यूनियन के तहसील अध्यक्ष रोहताश सिंह तेवतिया को नजरबंद कर दिया है। पुलिस ने रात्रि 12 बजे से उन्हें घर पर हीं नजरबंद कर दिया है। पुलिसकर्मी उनके घर पर तैनात हैं। रोहताश तेवतिया ने फोन पर बताया कि रात्रि से उन्हें नजरबंद कर दिया गया। शुक्रवार को वह एक दो स्थानों पर गए। पुलिस भी उनके साथ-साथ गई। उन्होंने बताया कि कार्यकर्ताओं की बैठक में भाग लेने के दौरान भी पुलिस उनके साथ रही। भाकियू के ब्लॉक अध्यक्ष वैभव वर्मा का कहना है कि भाकियू कार्यकर्ताओं को दिल्ली जाने से पुलिस द्वारा रोका जा रहा है। कार्यकर्ताओं के रोजमर्रा के कार्य में बाधा डाली जा रही है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।