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सरकारी बकाया है तो कर दें अदा, वरना नहीं लड़ पाएंगे चुनाव
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सरकारी बकाया है तो कर दें अदा, वरना नहीं लड़ पाएंगे चुनाव
बुलंदशहर। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर शासन स्तर से तैयारी चल रही है। शासन के निर्देश पर जनपद स्तर पर भी अधिकारी चुनाव की तैयारियों में जुट गए हैं। जबकि नए लोगों के साथ मौजूदा प्रधानों ने भी दोबारा चुनाव में उतरने के लिए बिसात बिछानी शुरू कर दी है। लेकिन किसी भी तरह की राजकीय बकाया, प्रधान पद पर चुनाव लड़ने के ख्वाब में बाधा बन सकता है। अगर किसी पर कोई भी सरकारी बकाया है तो वह चुनाव नहीं लड़ सकता है।
जनपद में 951 ग्राम पंचायतें हैं। गत वर्ष 2015 में पंचायतों की पहली बैठक 25 दिसंबर को हुई थी। ऐसे में आगामी 25 दिसंबर को जनपद के मौजूदा प्रधानों का कार्यकाल खत्म होने वाला है। इसके लिए अब पांच दिन शेष ही रह गए हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार की ओर से प्रधान पद के चुनाव को लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। शासन के निर्देश पर जनपद स्तरीय अधिकारियों ने इस दिशा में काम करना शुरू कर दिया है। कुछ मौजूदा प्रधानों ने आगामी चुनाव को लेकर तैयारियां शुरू कर दी हैं। लेकिन किसी भी तरह के सरकारी बकाएदारों को आगामी चुनाव में लड़ने से रोका जा सकता है। चुनाव लड़ने वाले मौजूदा प्रधानों को विभाग से अनापत्ति प्रमाणपत्र लेना होगा। वहीं, दूसरी ओर चुनाव लड़ने के इच्छुक प्रत्याशियों ने भी अपनी-अपनी ताल ठोंकने के साथ मतदाताओं से भी संपर्क तेज कर दिया है। लेकिन अभी शासन स्तर से तारीख निर्धारित नहीं होने के कारण अभी चुनाव की स्थिति भी स्पष्ट नहीं हो सकी है। जिला पंचायती राज अधिकारी नंदलाल ने बताया कि 25 दिसंबर तक जनपद के मौजूदा प्रधानों का कार्यकाल है। चुनाव में उतरने से पूर्व सभी उम्मीदवारों को अनापत्ति प्रमाणपत्र लेना अनिवार्य होगा। किसी भी सरकारी बकाया होने की दशा में संबंधित के चुनाव लड़ने पर रोक लग सकती है।
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बुलंदशहर। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर शासन स्तर से तैयारी चल रही है। शासन के निर्देश पर जनपद स्तर पर भी अधिकारी चुनाव की तैयारियों में जुट गए हैं। जबकि नए लोगों के साथ मौजूदा प्रधानों ने भी दोबारा चुनाव में उतरने के लिए बिसात बिछानी शुरू कर दी है। लेकिन किसी भी तरह की राजकीय बकाया, प्रधान पद पर चुनाव लड़ने के ख्वाब में बाधा बन सकता है। अगर किसी पर कोई भी सरकारी बकाया है तो वह चुनाव नहीं लड़ सकता है।
जनपद में 951 ग्राम पंचायतें हैं। गत वर्ष 2015 में पंचायतों की पहली बैठक 25 दिसंबर को हुई थी। ऐसे में आगामी 25 दिसंबर को जनपद के मौजूदा प्रधानों का कार्यकाल खत्म होने वाला है। इसके लिए अब पांच दिन शेष ही रह गए हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार की ओर से प्रधान पद के चुनाव को लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। शासन के निर्देश पर जनपद स्तरीय अधिकारियों ने इस दिशा में काम करना शुरू कर दिया है। कुछ मौजूदा प्रधानों ने आगामी चुनाव को लेकर तैयारियां शुरू कर दी हैं। लेकिन किसी भी तरह के सरकारी बकाएदारों को आगामी चुनाव में लड़ने से रोका जा सकता है। चुनाव लड़ने वाले मौजूदा प्रधानों को विभाग से अनापत्ति प्रमाणपत्र लेना होगा। वहीं, दूसरी ओर चुनाव लड़ने के इच्छुक प्रत्याशियों ने भी अपनी-अपनी ताल ठोंकने के साथ मतदाताओं से भी संपर्क तेज कर दिया है। लेकिन अभी शासन स्तर से तारीख निर्धारित नहीं होने के कारण अभी चुनाव की स्थिति भी स्पष्ट नहीं हो सकी है। जिला पंचायती राज अधिकारी नंदलाल ने बताया कि 25 दिसंबर तक जनपद के मौजूदा प्रधानों का कार्यकाल है। चुनाव में उतरने से पूर्व सभी उम्मीदवारों को अनापत्ति प्रमाणपत्र लेना अनिवार्य होगा। किसी भी सरकारी बकाया होने की दशा में संबंधित के चुनाव लड़ने पर रोक लग सकती है।
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