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गंगा किनारे फूलों की खेती के साथ होगा मधुमक्खी पालन

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 09 Dec 2020 11:05 PM IST
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गंगा किनारे फूलों की खेती के साथ होगा मधुमक्खी पालन
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बुलंदशहर। शासन और प्रशासन की पहल पर जनपद में गंगा किनारे जैविक खाद से खेती कराई जा रही है। अब यहां पर फूलों की खेती और मधुमक्खी पालन भी कराया जाएगा। मधुमक्खी पालन से बनने वाला शहद भी जैविक होगा तो फूलों से किसानों की आय भी बढ़ेगी। इसके लिए डास्प की ओर से तैयारी की जा रही है।
जनपद में गंगा किनारे 39 गांवों में 1050 हेक्टेयर भूमि में जैविक खाद से खेती कराई जा रही है। खरीफ के सीजन में शुरू की गई इस खेती के सार्थक परिणाम आने पर अब रबी के सीजन में भी यहां पर जैविक खाद से गेहूं, आलू और सरसों आदि की फसल कराई जा रही हैं। इस कार्य डास्प यानी कृषि विविधीकरण योजना (डास्प) के तहत किया जा रहा है। इसमें कृषि विभाग की भी अहम भूमिका है। इसके लिए किसानों के 50 समूह बनाए गए हैं। जैविक खाद से खेती कर रहे किसान भी काफी खुश हैं। वहीं, अब जिला प्रशासन के सहयोग से गंगा किनारे इन गांवों में जैविक खाद से खेती कर रहे किसानों से फूलों की फसल के साथ मधुमक्खी पालन करवाने की तैयारी चल रही है। अफसरों का कहना है कि यहां पर होने वाली फसल पूरी तरह से जैविक खाद से हो रही है। यदि यहां पर फूलों की खेती के साथ मधुमक्खी पालन करवाया तो बनने वाला शहद भी जैविक होगा। क्योंकि यह शहद जैविक फसलों के आसपास ही तैयार होगा। मधुमक्खी भी यहां पर फूलों अन्य फसलों से ही शहद एकत्रित कर सकेगी। अफसरों का यह भी दावा है कि उक्त 39 गांवों में फूलों की खेती और मधुमक्खी पालन के लिए 50 समूह में शामिल किसानों के अलावा अन्य किसानों से भी संपर्क किया जा रहा है। जल्द ही किसानों के समूह बनाए जाएंगे और इस कार्य की शुरूआत कर दी जाएगी। किसानों के फूल और शहद को भी बाजार में बेचने के लिए उनका बड़ी कंपनियों से भी अनुबंध करवाया जाएगा।
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किसानों के लिए फायदे का सौदा बनेगा मधुमक्खी पालन
जिला प्रशासन के सहयोग से डास्प की ओर से गंगा किनारे फूलों की खेती और मधुमक्खी पालन करवाने की पहल कामयाब रही तो यह किसानों के लिए फायदे का सौदा साबित होगी। फूलों की खेती किसानों को अतिरिक्त आमदनी देगी तो मधुमक्खी पालन से बनने वाला जैविक शहद भी अधिक दाम पर बिकेगा। इसका लाभ किसानों को ही मिलेगा। आम जनता को भी जैविक शहद मिल सकेगा। अफसरों का दावा है कि यदि यह प्रयास सफल रहा तो जनपद में फूलों की खेती का रकबा बढ़ने के साथ जैविक शहद उत्पादन से जनपद का नाम भी रोशन होगा।
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डॉ. कमल सिंह, अधिकारी, कृषि विविधीकरण योजना (डास्प) - जनपद में गंगा किनारे जैविक खाद से खेती करवाने के सफल परिणाम को देखते हुए अब यहां पर किसानों से फूलों की खेती के साथ मधुमक्खी पालन कराने की तैयारी चल रही है। इसके लिए किसानों से संपर्क किया जा रहा है। प्रयास सफल रहे तो बनने वाला शहद जैविक होगा। इससे किसानों की आय में भी इजाफा होगा।
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