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जहरीली हवा से मुश्किल में जिंदगी, एक्यूआई पहुंचा 434
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जहरीली हवा से मुश्किल में जिंदगी, एक्यूआई पहुंचा 434
बुलंदशहर। जनपद में वायु प्रदूषण की स्थिति दिन-प्रतिदिन गंभीर होती जा रही है। इससे जनपद देश के सबसे प्रदूषित शहरों में टॉप-फाइव में शामिल है। शुक्रवार को जनपद का एक्यूआई 434 मापा गया। जबकि, कानपुर का एक्यूआई 455 मापा गया। हाईवे पर दृश्यता कम होने के कारण वाहन चालकों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।
दिवाली के बाद से ही बुलंदशहर, गाजियाबाद, मेरठ, ग्रेटर नोएडा और नोएडा समेत उप्र के अन्य जनपद प्रदूषण की चपेट में है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) द्वारा भी बढ़ते वायु प्रदूषण को लेकर चिंता जाहिर की जा चुकी है। शुक्रवार को शहर समेत पूरे जनपद में धुंध छाई रही। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार जनपद का एक्यूआई 434 रहा। जबकि, आसपास क्षेत्र के जनपदों में कानपुर का 455, लखनऊ का 441, गाजियाबाद का 440, बागपत का 421, ग्रेटर नोएडा का 415, नोएडा का 414, पटना का 404 और मेरठ का 403 एक्यूआई मापा गया। जनपद में हवा की गुणवत्ता खराब होने से आंख और सांस की बीमारियां बढ़ने लगी हैं। निजी चिकित्सकों के अलावा सरकारी चिकित्सालयों में नेत्र रोगियों की संख्या बढ़ रही है। वहीं, अस्थमा से पीड़ित मरीज भी परेशानियों का सामना कर रहे हैं। चिकित्सकों का कहना है कि सुबह-शाम की हवा स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। स्मॉग के कारण लोगों को बीमारियां घेर सकती हैं। ऐसे में घर से बाहर निकलते समय मॉस्क और चश्मे का प्रयोग अवश्य करें।
रवींद्र कुमार, एडीएम प्रशासन - वायु प्रदूषण को कम करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। जब तक जनपद के लोग वायु प्रदूषण कम करने के लिए खुद आगे नहीं आएंगे, तब तक प्रभावी उपाय करना मुश्किल है। इसलिए जनपद के लोग वायु प्रदूषण कम करने में सहयोग करें। -
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बुलंदशहर। जनपद में वायु प्रदूषण की स्थिति दिन-प्रतिदिन गंभीर होती जा रही है। इससे जनपद देश के सबसे प्रदूषित शहरों में टॉप-फाइव में शामिल है। शुक्रवार को जनपद का एक्यूआई 434 मापा गया। जबकि, कानपुर का एक्यूआई 455 मापा गया। हाईवे पर दृश्यता कम होने के कारण वाहन चालकों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।
दिवाली के बाद से ही बुलंदशहर, गाजियाबाद, मेरठ, ग्रेटर नोएडा और नोएडा समेत उप्र के अन्य जनपद प्रदूषण की चपेट में है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) द्वारा भी बढ़ते वायु प्रदूषण को लेकर चिंता जाहिर की जा चुकी है। शुक्रवार को शहर समेत पूरे जनपद में धुंध छाई रही। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार जनपद का एक्यूआई 434 रहा। जबकि, आसपास क्षेत्र के जनपदों में कानपुर का 455, लखनऊ का 441, गाजियाबाद का 440, बागपत का 421, ग्रेटर नोएडा का 415, नोएडा का 414, पटना का 404 और मेरठ का 403 एक्यूआई मापा गया। जनपद में हवा की गुणवत्ता खराब होने से आंख और सांस की बीमारियां बढ़ने लगी हैं। निजी चिकित्सकों के अलावा सरकारी चिकित्सालयों में नेत्र रोगियों की संख्या बढ़ रही है। वहीं, अस्थमा से पीड़ित मरीज भी परेशानियों का सामना कर रहे हैं। चिकित्सकों का कहना है कि सुबह-शाम की हवा स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। स्मॉग के कारण लोगों को बीमारियां घेर सकती हैं। ऐसे में घर से बाहर निकलते समय मॉस्क और चश्मे का प्रयोग अवश्य करें।
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रवींद्र कुमार, एडीएम प्रशासन - वायु प्रदूषण को कम करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। जब तक जनपद के लोग वायु प्रदूषण कम करने के लिए खुद आगे नहीं आएंगे, तब तक प्रभावी उपाय करना मुश्किल है। इसलिए जनपद के लोग वायु प्रदूषण कम करने में सहयोग करें। -
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