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नुमाइश बंद होने से दुकानदारों को उठाना पड़ रहा लाखों का नुकसान
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नुमाइश बंद होने से दुकानदारों को उठाना पड़ रहा लाखों का नुकसान
बुलंदशहर। कोरोना वायरस के चलते जिला प्रदर्शनी को बंद करने की घोषणा डीएम ने कर दी है। जिसको लेकर जिला प्रदर्शनी के ठेकेदार और दुकानदारों को लाखों का नुकसान उठाना पड़ेगा। नुमाइश को जमाने में ही दुकानदारों और ठेकेदारों को 15 दिन लग गए थे। अब अगर नुमाइश उखाड़ने की बात होगी तो दस दिन और लगेंगे। जिससे ठेकेदार और दुकानदारों को भारी नुकसान का भी सामना करना पड़ेगा। इसको लेकर ठेकेदार बुधवार को एडीएम प्रशासन से मिले। ठेकेदार और दुकानदारों ने अपनी समस्या एडीएम के सामने रखी।
138 साल पुरानी जिला प्रदर्शनी को इस बार कोरोना वायरस के चलते बीच में ही बंद करने की घोषणा जिला प्रशासन ने की है। जिला प्रदर्शनी में तमाम झूले, सर्कस, छोटी-बड़ी दुकाने लग चुकी हैं। पूरी नुमाइश लग चुकी है और दुकानदारों को ग्राहकों के आने का इंतजार था। इसी बीच कोरोना वायरस ने अटैक कर दिया। शासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के अनुपालन में जिला प्रदर्शनी को भी बंद करने का निर्णय लिया गया। इस बार पिछले वर्ष के मुकाबले लगभग दोगुना 2.21 करोड़ में ठेका छूटा। इतना महंगा ठेका छूटने के बाद नुमाइश पर रोक लगने से बहुत बड़ा नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है। बुधवार एडीएम कार्यालय में पहुंचे ठेकेदार ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि जिस प्रकार मॉल, सिनेमाघर, स्कूल-कॉलेजों को दो अप्रैल तक के लिए बंद किया गया है। उसी प्रकार जिला प्रदर्शनी के बाजारों, झूलों आदि को बंद कर दिया जाए, उखाड़ा न जाए। दो अप्रैल तक स्थिति सामान्य होने पर इसकी तिथि को आगे बढ़ा दिया जाए। जिससे ठेकेदार और दुकानदारों का नुकसान न हो। ठेकेदार का तर्क था कि नगर के बाजारों में भी तो भीड़ रहती है। इस अवसर पर ठेकेदार अहसान, तेजपाल, रोहित जैन, मनोज शर्मा, राजू, अफजाल, विपिन, सुंदर आदि ठेकेदार और दुकानदार उपस्थित रहे।
कोरोना के प्रकोप को देखते हुए और जनहित में जिला प्रदर्शनी को बंद करने का निर्णय लिया जा चुका है। इसमें किसी भी प्रकार के बदलाव की संभावना नहीं है। - रवीन्द्र कुमार, एडीएम प्रशासन
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बुलंदशहर। कोरोना वायरस के चलते जिला प्रदर्शनी को बंद करने की घोषणा डीएम ने कर दी है। जिसको लेकर जिला प्रदर्शनी के ठेकेदार और दुकानदारों को लाखों का नुकसान उठाना पड़ेगा। नुमाइश को जमाने में ही दुकानदारों और ठेकेदारों को 15 दिन लग गए थे। अब अगर नुमाइश उखाड़ने की बात होगी तो दस दिन और लगेंगे। जिससे ठेकेदार और दुकानदारों को भारी नुकसान का भी सामना करना पड़ेगा। इसको लेकर ठेकेदार बुधवार को एडीएम प्रशासन से मिले। ठेकेदार और दुकानदारों ने अपनी समस्या एडीएम के सामने रखी।
138 साल पुरानी जिला प्रदर्शनी को इस बार कोरोना वायरस के चलते बीच में ही बंद करने की घोषणा जिला प्रशासन ने की है। जिला प्रदर्शनी में तमाम झूले, सर्कस, छोटी-बड़ी दुकाने लग चुकी हैं। पूरी नुमाइश लग चुकी है और दुकानदारों को ग्राहकों के आने का इंतजार था। इसी बीच कोरोना वायरस ने अटैक कर दिया। शासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के अनुपालन में जिला प्रदर्शनी को भी बंद करने का निर्णय लिया गया। इस बार पिछले वर्ष के मुकाबले लगभग दोगुना 2.21 करोड़ में ठेका छूटा। इतना महंगा ठेका छूटने के बाद नुमाइश पर रोक लगने से बहुत बड़ा नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है। बुधवार एडीएम कार्यालय में पहुंचे ठेकेदार ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि जिस प्रकार मॉल, सिनेमाघर, स्कूल-कॉलेजों को दो अप्रैल तक के लिए बंद किया गया है। उसी प्रकार जिला प्रदर्शनी के बाजारों, झूलों आदि को बंद कर दिया जाए, उखाड़ा न जाए। दो अप्रैल तक स्थिति सामान्य होने पर इसकी तिथि को आगे बढ़ा दिया जाए। जिससे ठेकेदार और दुकानदारों का नुकसान न हो। ठेकेदार का तर्क था कि नगर के बाजारों में भी तो भीड़ रहती है। इस अवसर पर ठेकेदार अहसान, तेजपाल, रोहित जैन, मनोज शर्मा, राजू, अफजाल, विपिन, सुंदर आदि ठेकेदार और दुकानदार उपस्थित रहे।
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कोरोना के प्रकोप को देखते हुए और जनहित में जिला प्रदर्शनी को बंद करने का निर्णय लिया जा चुका है। इसमें किसी भी प्रकार के बदलाव की संभावना नहीं है। - रवीन्द्र कुमार, एडीएम प्रशासन
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