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10 मार्च तक हो किसानों का समाधान नहीं तो रोक देंगे काम
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10 मार्च तक हो किसानों का समाधान नहीं तो रोक देंगे काम
बुलंदशहर। खुर्जा क्षेत्र के गांव मदनपुर में आंदोलनरत किसान बृहस्पतिवार को कलक्ट्रेट पहुंचे। भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले किसानों की डीएम और एसएसपी समेत कई प्रशासनिक अधिकारियों के बीच बैठक हुई। यह बैठक लंबी चली और अफसरों को पांच दिन का किसानों ने समय देकर चेतावनी दी कि 10 मार्च तक समाधान नहीं होने पर 11 मार्च को डीएफएफसीसी का काम रोक दिया जाएगा।
बता दें कि खुर्जा क्षेत्र के गांव मदनपुर में किसान अपनी मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं। वह पिछले काफी समय से धरने पर बैठे हैं। साथ ही किसानों की समस्याओं को लेकर भारतीय किसान यूनियन भी आगे आ गई है। किसानों ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बुधवार को भी वार्ता की थी। इसी तरह किसान भाकियू के बैनर तले एक बार फिर बृहस्पतिवार को कलक्ट्रेट पहुंचे और डीएम व एसएसपी समेत कई अधिकारियों के साथ वार्ता की। इस दौरान अफसरों के साथ किसानाें की नोकझोंक भी हुई। आखिर में किसानाें ने प्रशासनिक अफसरों को उनकी मांगाें का समाधान करने के लिए पांच दिन का समय दिया। इस दौरान भाकियू के राष्ट्रीय सचिव अनिल तालान ने कहा कि आवारा पशु, गन्ना इंडेंट और गन्ना पेड़ी का सर्वे तुरंत हो। अन्यथा किसान गन्ना विभाग के कार्यालय को ताला लगाने को मजबूर होंगे। वहीं, दूसरी ओर किसानों की समस्याओं का समाधान करने के लिए डीएम रविंद्र कुमार ने दो दिन का समय मांगा है। इस दौरान मुख्य महासचिव चौ. मांगेराम त्यागी, युवा जिला अध्यक्ष शैलेंद्र सिंह आर्य, मोनू त्यागी, बब्बन प्रधान, रामवीर गौतम, डॉ. योगेंद्र अत्री, उपेंद्र प्रधान, सुखबीर सिंह और निहाल सिंह जाट आदि शामिल रहे।
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बुलंदशहर। खुर्जा क्षेत्र के गांव मदनपुर में आंदोलनरत किसान बृहस्पतिवार को कलक्ट्रेट पहुंचे। भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले किसानों की डीएम और एसएसपी समेत कई प्रशासनिक अधिकारियों के बीच बैठक हुई। यह बैठक लंबी चली और अफसरों को पांच दिन का किसानों ने समय देकर चेतावनी दी कि 10 मार्च तक समाधान नहीं होने पर 11 मार्च को डीएफएफसीसी का काम रोक दिया जाएगा।
बता दें कि खुर्जा क्षेत्र के गांव मदनपुर में किसान अपनी मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं। वह पिछले काफी समय से धरने पर बैठे हैं। साथ ही किसानों की समस्याओं को लेकर भारतीय किसान यूनियन भी आगे आ गई है। किसानों ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बुधवार को भी वार्ता की थी। इसी तरह किसान भाकियू के बैनर तले एक बार फिर बृहस्पतिवार को कलक्ट्रेट पहुंचे और डीएम व एसएसपी समेत कई अधिकारियों के साथ वार्ता की। इस दौरान अफसरों के साथ किसानाें की नोकझोंक भी हुई। आखिर में किसानाें ने प्रशासनिक अफसरों को उनकी मांगाें का समाधान करने के लिए पांच दिन का समय दिया। इस दौरान भाकियू के राष्ट्रीय सचिव अनिल तालान ने कहा कि आवारा पशु, गन्ना इंडेंट और गन्ना पेड़ी का सर्वे तुरंत हो। अन्यथा किसान गन्ना विभाग के कार्यालय को ताला लगाने को मजबूर होंगे। वहीं, दूसरी ओर किसानों की समस्याओं का समाधान करने के लिए डीएम रविंद्र कुमार ने दो दिन का समय मांगा है। इस दौरान मुख्य महासचिव चौ. मांगेराम त्यागी, युवा जिला अध्यक्ष शैलेंद्र सिंह आर्य, मोनू त्यागी, बब्बन प्रधान, रामवीर गौतम, डॉ. योगेंद्र अत्री, उपेंद्र प्रधान, सुखबीर सिंह और निहाल सिंह जाट आदि शामिल रहे।
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