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बुलंदशहर में गोल्डन कार्ड के नाम पर मांग रहे पैसे
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बुलंदशहर में गोल्डन कार्ड के नाम पर मांग रहे पैसे
बुलंदशहर। प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना आयुष्मान भारत के नाम पर सरकारी चिकित्सालयों में अवैध वसूली की जा रही है। योजना के एक पात्र ने लखावटी स्थित सीएचसी पर निशुल्क बनने वाले गोल्डन कार्ड के नाम पर रुपये मांगने का आरोप लगाया है। शिकायत करने पर कर्मचारियों द्वारा अभद्रता की गई। वहीं, सीएमओ ने मामले की जांच कर कार्रवाई करने की बात कही है।
आयुष्मान भारत जन आरोग्य योजना में पात्र लोगों के गोल्डन कार्ड बनवाने के लिए शासन ने निर्देश दिए हैं। वहीं, सरकारी चिकित्सालयों में गोल्डन कार्ड निशुल्क बनाए जाने का प्रावधान है। लेकिन जिले के लखावटी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर पात्र लोगों के गोल्डन कार्ड बनाने के नाम पर अवैध वसूली की जा रही है। रुपये न देने पर पात्र लोगों को कोई ना कोई कारण बताकर वापस कर दिया जाता है। पात्र मेहताब और तरुण कुमार ने बताया कि वह मंगलवार को सीएचसी केंद्र पर गोल्डन कार्ड बनवाने के लिए गए थे। गोल्डन कार्ड बनाने से पूर्व 50 रुपये प्रति कार्ड की मांग की गई। आरोप लगाया कि रुपये देने से मना करने पर कार्ड न बनाने की बात कही और कहा कि रुपये देने पर ही कार्ड जारी किया जाएगा और शिकायत करने पर कर्मचारियों द्वारा अभद्रता की गई।
मामला गंभीर है, गोल्डन कार्ड बनाने के नाम पर रुपये मांगना गलत है। सरकारी चिकित्सालयों में गोल्डन कार्ड निशुल्क बनाए जाते हैं। अगर रुपये लेकर गोल्डन कार्ड जारी किए जा रहे हैं तो मामले की जांच कराई जाएगी। लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. केएन तिवारी, सीएमओ
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बुलंदशहर। प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना आयुष्मान भारत के नाम पर सरकारी चिकित्सालयों में अवैध वसूली की जा रही है। योजना के एक पात्र ने लखावटी स्थित सीएचसी पर निशुल्क बनने वाले गोल्डन कार्ड के नाम पर रुपये मांगने का आरोप लगाया है। शिकायत करने पर कर्मचारियों द्वारा अभद्रता की गई। वहीं, सीएमओ ने मामले की जांच कर कार्रवाई करने की बात कही है।
आयुष्मान भारत जन आरोग्य योजना में पात्र लोगों के गोल्डन कार्ड बनवाने के लिए शासन ने निर्देश दिए हैं। वहीं, सरकारी चिकित्सालयों में गोल्डन कार्ड निशुल्क बनाए जाने का प्रावधान है। लेकिन जिले के लखावटी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर पात्र लोगों के गोल्डन कार्ड बनाने के नाम पर अवैध वसूली की जा रही है। रुपये न देने पर पात्र लोगों को कोई ना कोई कारण बताकर वापस कर दिया जाता है। पात्र मेहताब और तरुण कुमार ने बताया कि वह मंगलवार को सीएचसी केंद्र पर गोल्डन कार्ड बनवाने के लिए गए थे। गोल्डन कार्ड बनाने से पूर्व 50 रुपये प्रति कार्ड की मांग की गई। आरोप लगाया कि रुपये देने से मना करने पर कार्ड न बनाने की बात कही और कहा कि रुपये देने पर ही कार्ड जारी किया जाएगा और शिकायत करने पर कर्मचारियों द्वारा अभद्रता की गई।
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मामला गंभीर है, गोल्डन कार्ड बनाने के नाम पर रुपये मांगना गलत है। सरकारी चिकित्सालयों में गोल्डन कार्ड निशुल्क बनाए जाते हैं। अगर रुपये लेकर गोल्डन कार्ड जारी किए जा रहे हैं तो मामले की जांच कराई जाएगी। लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. केएन तिवारी, सीएमओ
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