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सीएए के बाद प्रतिदिन सत्यापन को आ रहे दो सौ से अधिक जन्म प्रमाण पत्र
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सीएए के बाद प्रतिदिन सत्यापन को आ रहे दो सौ से अधिक जन्म प्रमाण पत्र
बुलंदशहर। सीएए को लेकर फैल रही भ्रांतियों के चलते लोग जमकर अपने जन्म प्रमाण पत्र बनवा रहे हैं। तहसील में एसडीएम के पास प्रतिदिन करीब दो सौ से अधिक प्रमाणपत्र सत्यापन के लिए पहुंच रहे हैं। मालूम करने पर कोई 20 तो कोई 25 साल पूर्व जन्में लोग भी आनन फानन में प्रमाण पत्र बनवा रहे हैं।
केंद्र सरकार द्वारा नागरिकता संशोधन कानून जब से लागू किया गया है। तभी से एक वर्ग और विपक्ष इसके विरोध करने में लगे हुए हैं। जबकि भाजपा लगातार कह रही है कि यह कानून नागरिकता लेने नहीं देने का कानून है। लेकिन विपक्ष द्वारा फैलाई जा रही भ्रांतियों को लेकर लोगों में अनावश्यक एक भ्रम फैल गया है। एक वर्ग विशेष पिछले दो माह से अपने कागज बनवाने में लगा हुआ है। कोई आधार तो कोई अपना जन्म प्रमाण पत्र बनवा रहा है। यहां तक कि जनपद की तहसीलों में तो जन्म प्रमाण पत्र को सत्यापित कराने वालों की कतार सी लग जाती है। तहसील अफसरों के अनुसार दिन भर में करीब दो सौ से अधिक जन्म प्रमाण पत्र के फार्म सत्यापित कराने के लिए आ रहे हैं। 1991 में जन्मी राबिया ने बताया कि उसके जन्म के समय परिजनों ने जन्म प्रमाण पत्र नहीं बनवाया था। लेकिन अब जबकि उसकी शादी भी हो गई है। इसके बावजूद भी वह अपना जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए ससुराल से बुलंदशहर आई है। ऐसी एक राबिया नहीं दर्जनों राबिया तहसीलों में अपने जन्म प्रमाण पत्र के फार्म को सत्यापित कराने के लिए पहुंच रहे हैं। प्रशासनिक अफसरों का कहना है कि जन्म प्रमाण पत्र बनवाना ठीक है, लेकिन सीएए को लेकर फैल रही भ्रांति को लेकर अपने प्रमाण पत्र बनवा रहे हैं तो यह गलत है। जो नागरिक देश का रहने वाला है उसे तो इस कानून से डरने की बिलकुल भी जरूरत नहीं है।
करीब डेढ़ सौ से अधिक लोगों के जन्म प्रमाण पत्र के फार्म सत्यापन कराने के लिए प्रतिदिन आ रहे हैं। पहले इतने अधिक प्रमाण पत्र के फार्म सत्यापन के लिए नहीं आते थे। अब कुछ दिनों से अधिक आ रहे हैं।
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- डॉ. सदानंद गुप्ता, एसडीएम सदर
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बुलंदशहर। सीएए को लेकर फैल रही भ्रांतियों के चलते लोग जमकर अपने जन्म प्रमाण पत्र बनवा रहे हैं। तहसील में एसडीएम के पास प्रतिदिन करीब दो सौ से अधिक प्रमाणपत्र सत्यापन के लिए पहुंच रहे हैं। मालूम करने पर कोई 20 तो कोई 25 साल पूर्व जन्में लोग भी आनन फानन में प्रमाण पत्र बनवा रहे हैं।
केंद्र सरकार द्वारा नागरिकता संशोधन कानून जब से लागू किया गया है। तभी से एक वर्ग और विपक्ष इसके विरोध करने में लगे हुए हैं। जबकि भाजपा लगातार कह रही है कि यह कानून नागरिकता लेने नहीं देने का कानून है। लेकिन विपक्ष द्वारा फैलाई जा रही भ्रांतियों को लेकर लोगों में अनावश्यक एक भ्रम फैल गया है। एक वर्ग विशेष पिछले दो माह से अपने कागज बनवाने में लगा हुआ है। कोई आधार तो कोई अपना जन्म प्रमाण पत्र बनवा रहा है। यहां तक कि जनपद की तहसीलों में तो जन्म प्रमाण पत्र को सत्यापित कराने वालों की कतार सी लग जाती है। तहसील अफसरों के अनुसार दिन भर में करीब दो सौ से अधिक जन्म प्रमाण पत्र के फार्म सत्यापित कराने के लिए आ रहे हैं। 1991 में जन्मी राबिया ने बताया कि उसके जन्म के समय परिजनों ने जन्म प्रमाण पत्र नहीं बनवाया था। लेकिन अब जबकि उसकी शादी भी हो गई है। इसके बावजूद भी वह अपना जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए ससुराल से बुलंदशहर आई है। ऐसी एक राबिया नहीं दर्जनों राबिया तहसीलों में अपने जन्म प्रमाण पत्र के फार्म को सत्यापित कराने के लिए पहुंच रहे हैं। प्रशासनिक अफसरों का कहना है कि जन्म प्रमाण पत्र बनवाना ठीक है, लेकिन सीएए को लेकर फैल रही भ्रांति को लेकर अपने प्रमाण पत्र बनवा रहे हैं तो यह गलत है। जो नागरिक देश का रहने वाला है उसे तो इस कानून से डरने की बिलकुल भी जरूरत नहीं है।
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करीब डेढ़ सौ से अधिक लोगों के जन्म प्रमाण पत्र के फार्म सत्यापन कराने के लिए प्रतिदिन आ रहे हैं। पहले इतने अधिक प्रमाण पत्र के फार्म सत्यापन के लिए नहीं आते थे। अब कुछ दिनों से अधिक आ रहे हैं।
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- डॉ. सदानंद गुप्ता, एसडीएम सदर