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हड़ताल को लेकर शासन का आदेश, नो वर्क, नो पेमेंट

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 15 Dec 2019 12:09 AM IST
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हड़ताल को लेकर शासन का आदेश, नो वर्क, नो पेमेंट
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बुलंदशहर। लेखपालों की प्रदेश व्यापी हड़ताल को देखते हुए शासन ने सख्त रुख अपना लिया है। अपर मुख्य सचिव राजस्व ने लेखपाल संवर्ग की हड़ताल पर छह माह की रोक लगाने के साथ ही सरकारी काम न करने पर नो वर्क, नो पेमेंट का आदेश जारी कर दिया है। करीब एक सप्ताह से लेखपालों की हड़ताल के चलते राजस्व की हानि हो रही है। वहीं, किसान व आमजन को परेशानी उठानी पड़ रही है।

बता दें कि लेखपाल संगठन अपनी आठ सूत्रीय मांगों को लेकर पिछले करीब एक सप्ताह से कार्य बहिष्कार कर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। उनकी इस कार्य बहिष्कार के चलते तहसीलों का काम प्रभावित हो रहा है। तहसीलों में न तो राजस्व की वसूली हो पा रही है और न ही ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों की समस्या का समाधान हो रहा है। कई दिनों तक तो लेखपाल अपनी-अपनी तहसीलों में ही हड़ताल पर थे, लेकिन शुक्रवार से जिला मुख्यालय पर एकत्र होकर पूर्ण कार्य बहिष्कार कर हड़ताल पर बैठ गए हैं। जिला मुख्यालय पर यह हड़ताल 26 दिसंबर तक जारी रखने की चेतावनी लेखपाल संगठन ने दी है। कार्य बहिष्कार और हड़ताल को लेकर शासन ने सख्त रुख अपना लिया है। अपर मुख्य सचिव राजस्व ने आदेश दिया है कि हड़ताल पर रोक संबंधी अधिसूचना के बाद भी लेखपाल संवर्ग हड़ताल पर है और सरकारी कार्य से अलग रहने पर वहां नो वर्क, नो पे का सिद्धांत पर कार्रवाई की जाए। वहीं, लेखपाल संगठन के अध्यक्ष सचिन गर्ग ने बताया कि इस आदेश को लेकर प्रांतीय पदाधिकारियों की बैठक आयोजित होगी। उसमें ही निर्णय लिया जाएगा कि आगे क्या करना है।
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