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एक्यूआई 450 के पार, हालात बेकाबू
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स्मॉग से बचने के लिए मुंह पर मास्क लगाकर जाते युवा।
- फोटो : BULANDSHAHR
एक्यूआई 450 के पार, हालात बेकाबू
बुलंदशहर। दिवाली के बाद बढ़े प्रदूषण का असर बृहस्पतिवार को भी कम नहीं हुआ बल्कि स्थिति और भी खराब हो गई। जिससे हालात लगातार बेकाबू होते जा रहे है। वायु प्रदूषण और स्मॉग की चपेट में यूपी के अधिकांश जनपद शामिल है। देश के सबसे प्रदूषित शहरों में गाजियाबाद सबसे ऊपर, हापुड़ दूसरे नंबर पर, ग्रेटर नोएडा तीसरे तो बुलंदशहर छठवें नंबर पर है। बृहस्पतिवार को जनपद का एक्यूआई 454 मापा गया।
बढ़ते प्रदूषण को लेकर जनपद की स्थिति में सुधार नहीं हो रहा है। दिवाली के बाद से जिले के प्रदूषण में लगातार इजाफा हो रहा है। जिससे जनपद की वायु गुणवत्ता लगातार खराब हो रही है। बृहस्पतिवार को भी स्थिति में कोई गिरावट नजर नहीं आई और सुबह से ही आसमान में स्मॉग की परत छाई रही। वहीं, स्मॉग के कारण लोग परेशान रहे। वातावरण में सल्फर डाई ऑक्साइड और कार्बन डाई ऑक्साइड की मात्रा लगातार बढ़ने से पर्यावरण को ही नहीं बल्कि सेहत के लिए भी काफी नुकसानदेह है। क्योकि दोनों ही गैसो की अधिकता वातावरण को नुकसान पहुंचाती है। इस दौरान लोगों को सांस लेने में परेशानी व आंखों में जलन होने के साथ संक्रमण का खतरा बना रहता है। प्रदूषण की वजह से सांस रोगियों को यह परेशानी अभी कई दिन तक रह सकती है। वहीं, बढ़ता वायु प्रदूषण और स्मॉग का कहर अब यूपी के शहरों को चपेट में ले रहा है। लगातार बढ़ रहे वायु प्रदूषण के चलते प्रदेश के जनपदों का एक्यूआई लगातार बढ़ रहा है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के बृहस्पतिवार की एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) रिपोर्ट के मुताबिक बुलंदशहर का एक्यूआई 454, हापुड़ का 4477 और गाजियाबाद का एक्यूआई 482 रहा। वहीं, दिल्ली में प्रदूषण के ग्राफ में सुधार देखने को मिला।
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बुलंदशहर। दिवाली के बाद बढ़े प्रदूषण का असर बृहस्पतिवार को भी कम नहीं हुआ बल्कि स्थिति और भी खराब हो गई। जिससे हालात लगातार बेकाबू होते जा रहे है। वायु प्रदूषण और स्मॉग की चपेट में यूपी के अधिकांश जनपद शामिल है। देश के सबसे प्रदूषित शहरों में गाजियाबाद सबसे ऊपर, हापुड़ दूसरे नंबर पर, ग्रेटर नोएडा तीसरे तो बुलंदशहर छठवें नंबर पर है। बृहस्पतिवार को जनपद का एक्यूआई 454 मापा गया।
बढ़ते प्रदूषण को लेकर जनपद की स्थिति में सुधार नहीं हो रहा है। दिवाली के बाद से जिले के प्रदूषण में लगातार इजाफा हो रहा है। जिससे जनपद की वायु गुणवत्ता लगातार खराब हो रही है। बृहस्पतिवार को भी स्थिति में कोई गिरावट नजर नहीं आई और सुबह से ही आसमान में स्मॉग की परत छाई रही। वहीं, स्मॉग के कारण लोग परेशान रहे। वातावरण में सल्फर डाई ऑक्साइड और कार्बन डाई ऑक्साइड की मात्रा लगातार बढ़ने से पर्यावरण को ही नहीं बल्कि सेहत के लिए भी काफी नुकसानदेह है। क्योकि दोनों ही गैसो की अधिकता वातावरण को नुकसान पहुंचाती है। इस दौरान लोगों को सांस लेने में परेशानी व आंखों में जलन होने के साथ संक्रमण का खतरा बना रहता है। प्रदूषण की वजह से सांस रोगियों को यह परेशानी अभी कई दिन तक रह सकती है। वहीं, बढ़ता वायु प्रदूषण और स्मॉग का कहर अब यूपी के शहरों को चपेट में ले रहा है। लगातार बढ़ रहे वायु प्रदूषण के चलते प्रदेश के जनपदों का एक्यूआई लगातार बढ़ रहा है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के बृहस्पतिवार की एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) रिपोर्ट के मुताबिक बुलंदशहर का एक्यूआई 454, हापुड़ का 4477 और गाजियाबाद का एक्यूआई 482 रहा। वहीं, दिल्ली में प्रदूषण के ग्राफ में सुधार देखने को मिला।
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