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चिकित्सक को दिखाने के नाम पर स्वास्थ्य कर्मी ने लिए रुपये
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चिकित्सक को दिखाने के नाम पर स्वास्थ्य कर्मी ने लिए रुपये
बुलंदशहर। जिला अस्पताल के एक स्वास्थ्य कर्मी पर डिबाई क्षेत्र निवासी एक युवक ने रुपये देने के बाद चिकित्सक से उपचार कराने का आरोप लगाया है। साथ ही कर्मी पर अभद्रता और मारपीट करने का आरोप लगा मुख्यमंत्री को शिकायत भेजकर कार्रवाई की मांग की है।
डिबाई क्षेत्र के गांव गौसमी निवासी ब्रजेश शर्मा ने बताया कि उसकी पत्नी दो माह से बीमार चल रही थी। जिसका डिबाई के ही सरकारी चिकित्सालय में उपचार चल रहा था। सुधार न होने पर चिकित्सकों ने पत्नी को जिला अस्पताल रेफर कर दिया। बताया कि 15 दिन पूर्व उपचार के लिए जिला अस्पताल गया था। वहां ओपीडी में चिकित्सक के न मिलने पर बैरंग लौटना पड़ा। आरोप है कि एक सप्ताह पूर्व चिकित्सक को पुन दिखाने का प्रयास किया तो चिकित्सक के न मिलने पर कर्मचारी ने रुपये की मांग की। कर्मचारी का कहना था कि रुपये देने पर ही चिकित्सक देखेंगे। विरोध करने पर कर्मचारी ने अभद्रता और मारपीट की। इस संबंध में अस्पताल प्रशासन से कार्रवाई की मांग की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। अब पीड़ित ने आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत भेजकर कार्रवाई की मांग की है।
दलालों का रहता है जमावड़ा
जिला अस्पताल की ओपीडी में एक रुपये की पर्ची पर निशुल्क उपचार मिलता है, लेकिन चिकित्सकों के न मिलने पर इसका फायदा बाहर स्थित मेडिकल स्टोर के कर्मचारी उठा रहे हैं। जो मरीज को बहला-फुसलाकर महंगी दवाइयां दिलवाने का काम कर रहे हैं। मरीज महंगी दर पर दवाइयां मिलने की स्वास्थ्य अफसरों से कई बार शिकायत कर चुके हैं। बावजूद इसके कोई कार्रवाई नहीं होती है।
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कोट
मामले की शिकायत मिलने पर जांच करवाकर कार्रवाई की जाएगी। बाहरी लोगों के ओपीडी से मरीज को ले जाने वाले मामले में भी जांच कराई जाएगी। - डॉ. सुष्पेंद्र कुमार, प्रभारी सीएमओ
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बुलंदशहर। जिला अस्पताल के एक स्वास्थ्य कर्मी पर डिबाई क्षेत्र निवासी एक युवक ने रुपये देने के बाद चिकित्सक से उपचार कराने का आरोप लगाया है। साथ ही कर्मी पर अभद्रता और मारपीट करने का आरोप लगा मुख्यमंत्री को शिकायत भेजकर कार्रवाई की मांग की है।
डिबाई क्षेत्र के गांव गौसमी निवासी ब्रजेश शर्मा ने बताया कि उसकी पत्नी दो माह से बीमार चल रही थी। जिसका डिबाई के ही सरकारी चिकित्सालय में उपचार चल रहा था। सुधार न होने पर चिकित्सकों ने पत्नी को जिला अस्पताल रेफर कर दिया। बताया कि 15 दिन पूर्व उपचार के लिए जिला अस्पताल गया था। वहां ओपीडी में चिकित्सक के न मिलने पर बैरंग लौटना पड़ा। आरोप है कि एक सप्ताह पूर्व चिकित्सक को पुन दिखाने का प्रयास किया तो चिकित्सक के न मिलने पर कर्मचारी ने रुपये की मांग की। कर्मचारी का कहना था कि रुपये देने पर ही चिकित्सक देखेंगे। विरोध करने पर कर्मचारी ने अभद्रता और मारपीट की। इस संबंध में अस्पताल प्रशासन से कार्रवाई की मांग की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। अब पीड़ित ने आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत भेजकर कार्रवाई की मांग की है।
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दलालों का रहता है जमावड़ा
जिला अस्पताल की ओपीडी में एक रुपये की पर्ची पर निशुल्क उपचार मिलता है, लेकिन चिकित्सकों के न मिलने पर इसका फायदा बाहर स्थित मेडिकल स्टोर के कर्मचारी उठा रहे हैं। जो मरीज को बहला-फुसलाकर महंगी दवाइयां दिलवाने का काम कर रहे हैं। मरीज महंगी दर पर दवाइयां मिलने की स्वास्थ्य अफसरों से कई बार शिकायत कर चुके हैं। बावजूद इसके कोई कार्रवाई नहीं होती है।
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मामले की शिकायत मिलने पर जांच करवाकर कार्रवाई की जाएगी। बाहरी लोगों के ओपीडी से मरीज को ले जाने वाले मामले में भी जांच कराई जाएगी। - डॉ. सुष्पेंद्र कुमार, प्रभारी सीएमओ