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सजी कवियों की महफिल, कविता पाठ कर लूटी वाहवाही
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सजी कवियों की महफिल, कविता पाठ कर लूटी वाहवाही
औरंगाबाद। विजयदशमी पर्व के अवसर पर मंगलवार रात रामलीला मंच पर कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। जिसका शुभारंभ पूर्व चेयरमैन राजकुमार लोधी ने मां सरस्वती चित्र के सम्मुख दीप प्रज्जवलित कर किया। बाद मेें दूर दराज क्षेत्र से आए कवियों ने विजयदशमी और राजनीति पर तंज कसे।
बता दें कि रामलीला मंच पर आयोजित कवि सम्मेलन में कवि कपिल राजपूत ने अपनी रचना प्रस्तुत करते कहा - मेरे हालात पर तू इतना भी मुस्करा नहीं, वक्त बुरा है मेरा, वक्त अच्छा अभी गुजरा नहीं, और सुन लो मेरी उदासी पर जश्न मनाने वालों, टूट गया हूं मै लेकिन बिखरा नहीं। कवि नवनीत गर्ग ने रचना में कहा कि जिंदगी का एक यही बस ख्वाब मेरा है, वहां दिये जलाऊ जहां अंधेरा है। कवि डा, राजेश गोयल ने अपनी रचना सुनाते कहा कि सुख के साथी बनें हजारों, साथी दुख बनें तो जानू। उजियारों के कितने साथी, अंधियारों के बनें तो जानूं। कवि रामजीलाल वर्मा ने बीती यादें जो भुला दें, वो दिल कहां से लाऊ, ददी गम जिसने सुना वो दोस्त कहां से लाऊ कविता सुनाकर लोगों की तालियां बटोरी। कवि सम्मेलन में हेमंत गुप्ता, अजय कुमार अग्रवाल, मनोज गुप्ता, शिवकुमार गुप्ता, सुरेन्द्र शर्मा, अर्जुन वर्मा, कविश अग्रवाल आदि मौजूद रहे।
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औरंगाबाद। विजयदशमी पर्व के अवसर पर मंगलवार रात रामलीला मंच पर कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। जिसका शुभारंभ पूर्व चेयरमैन राजकुमार लोधी ने मां सरस्वती चित्र के सम्मुख दीप प्रज्जवलित कर किया। बाद मेें दूर दराज क्षेत्र से आए कवियों ने विजयदशमी और राजनीति पर तंज कसे।
बता दें कि रामलीला मंच पर आयोजित कवि सम्मेलन में कवि कपिल राजपूत ने अपनी रचना प्रस्तुत करते कहा - मेरे हालात पर तू इतना भी मुस्करा नहीं, वक्त बुरा है मेरा, वक्त अच्छा अभी गुजरा नहीं, और सुन लो मेरी उदासी पर जश्न मनाने वालों, टूट गया हूं मै लेकिन बिखरा नहीं। कवि नवनीत गर्ग ने रचना में कहा कि जिंदगी का एक यही बस ख्वाब मेरा है, वहां दिये जलाऊ जहां अंधेरा है। कवि डा, राजेश गोयल ने अपनी रचना सुनाते कहा कि सुख के साथी बनें हजारों, साथी दुख बनें तो जानू। उजियारों के कितने साथी, अंधियारों के बनें तो जानूं। कवि रामजीलाल वर्मा ने बीती यादें जो भुला दें, वो दिल कहां से लाऊ, ददी गम जिसने सुना वो दोस्त कहां से लाऊ कविता सुनाकर लोगों की तालियां बटोरी। कवि सम्मेलन में हेमंत गुप्ता, अजय कुमार अग्रवाल, मनोज गुप्ता, शिवकुमार गुप्ता, सुरेन्द्र शर्मा, अर्जुन वर्मा, कविश अग्रवाल आदि मौजूद रहे।
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