{"_id":"5d9cc7a08ebc3e016308f912","slug":"bulandshahar-news-bulandshahr-news-gbd1860314125","type":"story","status":"publish","title_hn":"पराली जलाने पर किसानों को भरना पड़ेगा जुर्माना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पराली जलाने पर किसानों को भरना पड़ेगा जुर्माना
विज्ञापन
पराली जलाने पर किसानों को भरना पड़ेगा जुर्माना
बुलंदशहर। इस समय धान की कटाई ने तेजी पकड़ ली है। किसानों ने पराली जलाई तो उन्हें जुर्माना भी भरना पड़ेगा। साथ ही उन पर कानूनी कार्रवाई भी होगी। यह आदेश उप कृषि निदेशक ने जारी करते हुए किसानों से पराली न जलाने का आह्वान किया है।
जनपद में हर वर्ष किसान धान की फसल को ज्यादा अहमियत देते हैं। इस बार जनपद में धान की फसल का रकबा एक लाख हेक्टेयर से अधिक है। साथ ही बेहतर फसल को देखकर किसान गदगद हैं और उन्हें अच्छी पैदावार होने की भी संभावना है। इस समय धान की फसल पकवार पर पहुंच गई है। साथ ही कटाई भी शुरू हो गई है। ऐसे में धान की निकासी के बाद खेत में पराली भी होगी। पिछले वर्षों में देखने को मिला है कि इस पराली को अधिकतर किसान खेत में जला देते हैं। इससे पर्यावरण प्रदूषित होता है। इतना ही नहीं इससे उठने वाले धुआं स्वास्थ्य के लिए भी हानिकारक होता है। साथ ही खेत की उर्वरा शक्ति कम होने के साथ मिट्टी के मित्र कीट भी मर जाते हैं। इसे देखते हुए शासन की ओर से पराली न जलाने के आदेश जारी किए हुए हैं। अब फसल की कटाई शुरू होते ही इन आदेशों को उप कृषि निदेशक की ओर से जारी कर दिया गया है। किसानों को चेतावनी दी है कि यदि उन्होंने पराली को जलाया तो उन पर जुर्माना लगेगा साथ ही कानूनी कार्रवाई होगी।
कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. शिव सिंह का कहना है कि किसान खेत में पराली न जलाकर उसका खाद बनाएं। इससे भूमि की उर्वरा शक्ति बढ़ेगी। साथ ही आगे बोई जाने वाली फसल कभी अच्छी होगी। यदि किसान पराली को जलाते हैं तो वह एक तो पर्यावरण को बढ़ावा देंगे। साथ ही भूमि की उर्वरा शक्ति को कम करने का काम करेंगे। इतना ही नहीं खेत में पराली जलाते समय आग की गर्मी से मिट्टी के मित्र कीट मर जाते हैं, जिससे भूमि कमजोर होगी और आगे बोई जाने वाली फसल भी कमजोर होगी।
विज्ञापन
---------------
किसानों को धान की पराली जलाए जाने पर शासन स्तर से जुर्माना लगाने के साथ कानूनी कार्रवाई किए जाने का आदेश है। किसान पराली जलाने के बजाय खेत में ही छोड़कर उससे खाद बना सकते हैं। - आरपी चौधरी, उप कृषि निदेशक, बुलंदशहर।
विज्ञापन
बुलंदशहर। इस समय धान की कटाई ने तेजी पकड़ ली है। किसानों ने पराली जलाई तो उन्हें जुर्माना भी भरना पड़ेगा। साथ ही उन पर कानूनी कार्रवाई भी होगी। यह आदेश उप कृषि निदेशक ने जारी करते हुए किसानों से पराली न जलाने का आह्वान किया है।
जनपद में हर वर्ष किसान धान की फसल को ज्यादा अहमियत देते हैं। इस बार जनपद में धान की फसल का रकबा एक लाख हेक्टेयर से अधिक है। साथ ही बेहतर फसल को देखकर किसान गदगद हैं और उन्हें अच्छी पैदावार होने की भी संभावना है। इस समय धान की फसल पकवार पर पहुंच गई है। साथ ही कटाई भी शुरू हो गई है। ऐसे में धान की निकासी के बाद खेत में पराली भी होगी। पिछले वर्षों में देखने को मिला है कि इस पराली को अधिकतर किसान खेत में जला देते हैं। इससे पर्यावरण प्रदूषित होता है। इतना ही नहीं इससे उठने वाले धुआं स्वास्थ्य के लिए भी हानिकारक होता है। साथ ही खेत की उर्वरा शक्ति कम होने के साथ मिट्टी के मित्र कीट भी मर जाते हैं। इसे देखते हुए शासन की ओर से पराली न जलाने के आदेश जारी किए हुए हैं। अब फसल की कटाई शुरू होते ही इन आदेशों को उप कृषि निदेशक की ओर से जारी कर दिया गया है। किसानों को चेतावनी दी है कि यदि उन्होंने पराली को जलाया तो उन पर जुर्माना लगेगा साथ ही कानूनी कार्रवाई होगी।
विज्ञापन
कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. शिव सिंह का कहना है कि किसान खेत में पराली न जलाकर उसका खाद बनाएं। इससे भूमि की उर्वरा शक्ति बढ़ेगी। साथ ही आगे बोई जाने वाली फसल कभी अच्छी होगी। यदि किसान पराली को जलाते हैं तो वह एक तो पर्यावरण को बढ़ावा देंगे। साथ ही भूमि की उर्वरा शक्ति को कम करने का काम करेंगे। इतना ही नहीं खेत में पराली जलाते समय आग की गर्मी से मिट्टी के मित्र कीट मर जाते हैं, जिससे भूमि कमजोर होगी और आगे बोई जाने वाली फसल भी कमजोर होगी।
विज्ञापन
---------------
किसानों को धान की पराली जलाए जाने पर शासन स्तर से जुर्माना लगाने के साथ कानूनी कार्रवाई किए जाने का आदेश है। किसान पराली जलाने के बजाय खेत में ही छोड़कर उससे खाद बना सकते हैं। - आरपी चौधरी, उप कृषि निदेशक, बुलंदशहर।