{"_id":"5d33580f8ebc3e6ceb4310b2","slug":"bulandshahar-news-bulandshahr-news-gbd180627329","type":"story","status":"publish","title_hn":"हादसा: स्कूल वैन पर नहीं था नंबर, फर्स्ट एड बॉक्स भी मिला गायब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हादसा: स्कूल वैन पर नहीं था नंबर, फर्स्ट एड बॉक्स भी मिला गायब
विज्ञापन
हादसा: स्कूल वैन पर नहीं था नंबर, फर्स्ट एड बॉक्स भी मिला गायब
सिकंदराबाद। शासन के सख्त आदेशों के बाद भी स्कूली वाहनों में बच्चों की जान जोखिम में डालकर यात्रा कराई जा रही है। कहीं क्षमता से अधिक तो कहीं सुरक्षा के मानकों के बिना स्कूली बच्चों को लाया जा रहा है। शनिवार को जो वैन बच्चों को लेकर स्कूल जा रही थी, उसके चालक के पास कामर्शियल लाइसेंस नहीं था। वैन पर नंबर प्लेट नहीं थी और न ही वैन में फर्स्ट एड बॉक्स मिला।
शासन ने स्कूली वाहनों को मानकों को पूरा करने के बाद ही संचालित करने के आदेश दिए हैं। बावजूद इसके स्कूली वाहनों की मनमानी को रोकने के बजाए जिम्मेदार अधिकारी आंखें मूंदे हुए हैं। स्कूली वाहनों में जहां क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाने के साथ ही नियमों का मजाक उड़ाया जा रहा है। इस ओर न तो स्कूल प्रबंधन ध्यान दे रहा है और न ही प्रशासन की इन वाहनों पर नजर पड़ रही है। गत नौ जुलाई को गुलावठी क्षेत्र में स्कूली वैन का रेडिएटर फटने के बाद दो बच्चे झुलसकर गंभीर घायल हो गए थे। इसके बाद अधिकारी महज एक दिन स्कूली वाहनों की चेकिंग कर फिर सो गए। अगर प्रशासन नींद में सोया नहीं होता और स्कूली वाहनों की चेकिंग जारी रहती तो शायद सिंकदराबाद में हादसा हुआ नहीं होता। पुलिस जांच के अनुसार हादसे का शिकार हुई मैजिक वैन में न तो वाहन की नंबर प्लेट लगी हुई थी और न ही फर्स्ट एड बाक्स मौजूद था। साथ ही चालक बिना कामर्शियल लाइसेंस के वाहन चला रहा था। कोतवाल योगेंद्र सिंह ने बताया कि पुलिस मैजिक वैन के कागज, फिटनेस और अन्य जांच में जुट गई है। जांच के दौरान चालक के पास कामर्शियल लाइसेंस न होने की जानकारी मिली है। चालक द्वारा लापरवाही से स्कूली वाहन को चलाने की जानकारी मिली है। चालक के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है। एआरटीओ प्रर्वतन से वार्ता करने का प्रयास किया गया तो सीयूजी नंबर स्विच ऑफ होने के कारण वार्ता नहीं हो सकी। एआरटीओ प्रशासन मुहम्मद कय्यूम ने बताया कि वाहनों पर कार्रवाई करने का अधिकार एआरटीओ प्रवर्तन को है। मामले की जांच कराई जाएगी।
सामने से आ रहे बाइक सवार को बचाने के प्रयास में वैन अनियंत्रित होने के कारण पलट गई। वैन में 12 बच्चे सवार थे। 11 बच्चों को मामूली रूप से चोट आई। एक बच्ची को उपचार के लिए नोएडा अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
विज्ञापन
- राजेश भाटी, प्रबंधक
विज्ञापन
सिकंदराबाद। शासन के सख्त आदेशों के बाद भी स्कूली वाहनों में बच्चों की जान जोखिम में डालकर यात्रा कराई जा रही है। कहीं क्षमता से अधिक तो कहीं सुरक्षा के मानकों के बिना स्कूली बच्चों को लाया जा रहा है। शनिवार को जो वैन बच्चों को लेकर स्कूल जा रही थी, उसके चालक के पास कामर्शियल लाइसेंस नहीं था। वैन पर नंबर प्लेट नहीं थी और न ही वैन में फर्स्ट एड बॉक्स मिला।
शासन ने स्कूली वाहनों को मानकों को पूरा करने के बाद ही संचालित करने के आदेश दिए हैं। बावजूद इसके स्कूली वाहनों की मनमानी को रोकने के बजाए जिम्मेदार अधिकारी आंखें मूंदे हुए हैं। स्कूली वाहनों में जहां क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाने के साथ ही नियमों का मजाक उड़ाया जा रहा है। इस ओर न तो स्कूल प्रबंधन ध्यान दे रहा है और न ही प्रशासन की इन वाहनों पर नजर पड़ रही है। गत नौ जुलाई को गुलावठी क्षेत्र में स्कूली वैन का रेडिएटर फटने के बाद दो बच्चे झुलसकर गंभीर घायल हो गए थे। इसके बाद अधिकारी महज एक दिन स्कूली वाहनों की चेकिंग कर फिर सो गए। अगर प्रशासन नींद में सोया नहीं होता और स्कूली वाहनों की चेकिंग जारी रहती तो शायद सिंकदराबाद में हादसा हुआ नहीं होता। पुलिस जांच के अनुसार हादसे का शिकार हुई मैजिक वैन में न तो वाहन की नंबर प्लेट लगी हुई थी और न ही फर्स्ट एड बाक्स मौजूद था। साथ ही चालक बिना कामर्शियल लाइसेंस के वाहन चला रहा था। कोतवाल योगेंद्र सिंह ने बताया कि पुलिस मैजिक वैन के कागज, फिटनेस और अन्य जांच में जुट गई है। जांच के दौरान चालक के पास कामर्शियल लाइसेंस न होने की जानकारी मिली है। चालक द्वारा लापरवाही से स्कूली वाहन को चलाने की जानकारी मिली है। चालक के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है। एआरटीओ प्रर्वतन से वार्ता करने का प्रयास किया गया तो सीयूजी नंबर स्विच ऑफ होने के कारण वार्ता नहीं हो सकी। एआरटीओ प्रशासन मुहम्मद कय्यूम ने बताया कि वाहनों पर कार्रवाई करने का अधिकार एआरटीओ प्रवर्तन को है। मामले की जांच कराई जाएगी।
विज्ञापन
सामने से आ रहे बाइक सवार को बचाने के प्रयास में वैन अनियंत्रित होने के कारण पलट गई। वैन में 12 बच्चे सवार थे। 11 बच्चों को मामूली रूप से चोट आई। एक बच्ची को उपचार के लिए नोएडा अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
विज्ञापन
- राजेश भाटी, प्रबंधक