फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bulandshahar News ›   bulandshahar new

समूह की महिलाएं अब वसूलेंगी बिजली का बिल

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 27 Feb 2021 11:59 PM IST
विज्ञापन
bulandshahar new
समूह की महिलाएं अब वसूलेंगी बिजली का बिल
विज्ञापन

बुलंदशहर। अब स्वयं सहायता समूह की महिलाएं बिजली का बिल निकालने के लिए भी घर-घर दस्तक देंगी। जिले में फिलहाल 87 महिलाओं ने प्रशिक्षण प्राप्त कर लिया है। इन महिलाओं को बिलिंग एजेंसी की ओर से निर्धारित धनराशि दी जाएगी। साथ ही बिल जमा करने पर एक बिल पर 20 रुपये की राशि अलग से दी जाएगी। महिलाओं को स्वावलंबी बनाने के लिए पावर कॉरपोरेशन द्वारा जिम्मेदारी दी गई है।
जिले में करीब चार लाख से अधिक बिजली उपभोक्ता हैं। उपभोक्ताओं को ब्लू टूथ प्रिंटर की मदद से एक निजी एजेंसी द्वारा प्रत्येक माह बिल उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इस कार्य में एजेंसी द्वारा काफी संख्या में कर्मी लगाए गए हैं। अब सरकार मिशन शक्ति के तहत सरकारी योजनाओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने में जुटी हुई है। योजना के तहत महिलाओं को भी बिल जमा करने के साथ वितरण के कार्य से भी जोड़ा जा रहा है। जिले की 87 महिलाओं को ब्लूटूथ प्रिंटर से बिजली बिल निकालने के लिए प्रशिक्षण दिया जा चुका है। अब महिलाएं घर-घर जाकर लोगों को प्रतिमाह बिल उपलब्ध कराएंगी। यदि कोई उपभोक्ता हाथों हाथ बिल जमा करना चाहता है तो महिलाएं उनके बिल की धनराशि को जमा भी कर सकेंगी। इसके लिए प्रति बिल 20 रुपये की प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी, जिससे महिलाओं में कार्य करने की रुचि बढ़ सके।
विज्ञापन

----------
एप से तैयार होगा बिजली का बिल
स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के मोबाइल फोन में एप इंस्टाल कराया जाएगा। इस एप से बिजली का बिल तैयार करने और जमा धनराशि का प्रिंट निकालने के लिए प्रिंटर मशीन देने की भी योजना है। इससे महिलाएं बिजली का बिल प्रिंट कर उपभोक्ताओं को दे सकेंगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

विभागीय अफसरों की मानें तो इस योजना को लागू कर स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को जोड़कर बिजली का बकाया वसूलने के पीछे सरकार की मंशा है कि इससे एक तो महिलाएं स्वावलंबी बनेंगी। प्रतिमाह अच्छा वेतन भी प्राप्त कर लेगी, जिससे वह आत्मनिर्भर हो जाएंगी। दूसरा बिजली विभाग का घाटा भी पूरा हो सकेगा।
इस योजना से जुड़ने के लिए स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को पेटीएम की तरह ई-वॉलेट करना होगा, जिसमें 10 हजार रुपये अकाउंट में जमा करने होंगे। यह राशि यूपीपीसीएल को वेबसाइट के जरिए जमा होंगे। इसके लिए संबंधित एजेंसी के नोडल अधिकारी को जिम्मेदारी सौंपी गई है। विभागीय अफसरों के अनुसार अभी तक 87 महिलाओं ने बिजली बिल निकालने और जमा करने की जिम्मेदारी ली है। अगर स्वयं सहायता समूह की अन्य महिलाएं भी इस कार्य से जुड़ना चाहती हैं तो विभाग में आकर संपर्क कर सकती हैं।
इस योजना से जुड़ने वाली महिलाओं को अभी फिलहाल एक समूह की महिला को एक हजार उपभोक्ताओं से बिजली बिल वसूलने की जिम्मेदारी दी जाएगी। जिनसे 100 रुपये से लेकर दो हजार रुपये तक के बिल जमा कराने पर एक उपभोक्ता के हिसाब से 20 रुपये महिलाओं को मिलेंगे। विभागीय अफसरों के अनुसार अगर महीने में एक हजार लोगों से बिल जमा कराया गया तो कम से कम 20 हजार रुपये प्रति महिला की आमदनी होगी। वहीं, अगर दो हजार से अधिक का बिल जमा कराती हैं तो वसूले गए बिल का आधा फीसदी पैसा उन्हें मिलेगा।

चीफ इंजीनियर अवधेश कुमार सिंह = यूपीपीसीएल निदेशक ने स्वयं सहायता समूह की महिलाओं से मीटर रीडर का काम लेने के आदेश दिए हैं। इससे उन्हें रोजगार मिलेगा। 87 महिलाओं द्वारा मीटर रीडर का कार्य करने को सहमति जता दी है। जिन्हें प्रशिक्षण दे दिया गया है। संबंधित महिलाओं को रीडिंग एजेंसी के सुपरवाइजर के साथ फील्ड पर भी भेजा जाएगा। आगे और भी महिलाओं को योजना से जोड़ा जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed