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छह वर्षीय मासूम से दुष्कर्म के दोषी को दस वर्ष कारावास
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छह वर्षीय मासूम से दुष्कर्म के दोषी को दस वर्ष कारावास
बुलंदशहर। अनूपशहर थाना क्षेत्र में मार्च 2016 को छह वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म के आरोपी लोकेश को विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अधिनियम द्वितीय के न्यायालय ने दोषी करार दिया है। न्यायालय ने अभियुक्त को दस वर्ष सश्रम कारावास और 20 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है।
विशेष लोक अभियोजक सुनील कुमार शर्मा ने बताया कि अनूपशहर कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी एक व्यक्ति ने 18 मार्च 2016 को थाने पर तहरीर दी। जिसमें उसने बताया कि उसकी छह वर्षीय पुत्री घर के बाहर खेल रही थी। उसी दौरान पड़ोस में रहने वाला आरोपी युवक वहां पहुंचा और उनकी पुत्री को टॉफी दिलाने का लालच देकर अपने साथ जंगल की ओर ले गया था। जहां आरोपी ने उनकी पुत्री के साथ एक बोंगे में ले जाकर दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। इसके बाद आरोपी पीड़िता को डरा धमका कर वहीं छोड़ कर भाग गया। मासूम ने घर जाकर अपनी मां को सारी घटना बताई थी। मां ने इसकी जानकारी उसके पिता को दी। नाबालिग का पिता अपने भाइयों के साथ आरोपी के खेत पर पहुंचा और उसे पकड़ कर पुलिस को सौंप दिया था। थाना पुलिस ने मामले में तहरीर के आधार पर आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली। साथ ही जांच के बाद चार्जशीट तैयार कर कोर्ट में दाखिल कर दी थी। वहीं, मामले में अब विशेष न्यायाधीश पाक्सो अदालत द्वितीय के न्यायाधीश तरुण कुमार सिंह ने लोकेश को दोषी मानते हुए उसे दस वर्ष कारावास की और 20 हजार रुपये का अर्थदंड सुनाया है।
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बुलंदशहर। अनूपशहर थाना क्षेत्र में मार्च 2016 को छह वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म के आरोपी लोकेश को विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अधिनियम द्वितीय के न्यायालय ने दोषी करार दिया है। न्यायालय ने अभियुक्त को दस वर्ष सश्रम कारावास और 20 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है।
विशेष लोक अभियोजक सुनील कुमार शर्मा ने बताया कि अनूपशहर कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी एक व्यक्ति ने 18 मार्च 2016 को थाने पर तहरीर दी। जिसमें उसने बताया कि उसकी छह वर्षीय पुत्री घर के बाहर खेल रही थी। उसी दौरान पड़ोस में रहने वाला आरोपी युवक वहां पहुंचा और उनकी पुत्री को टॉफी दिलाने का लालच देकर अपने साथ जंगल की ओर ले गया था। जहां आरोपी ने उनकी पुत्री के साथ एक बोंगे में ले जाकर दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। इसके बाद आरोपी पीड़िता को डरा धमका कर वहीं छोड़ कर भाग गया। मासूम ने घर जाकर अपनी मां को सारी घटना बताई थी। मां ने इसकी जानकारी उसके पिता को दी। नाबालिग का पिता अपने भाइयों के साथ आरोपी के खेत पर पहुंचा और उसे पकड़ कर पुलिस को सौंप दिया था। थाना पुलिस ने मामले में तहरीर के आधार पर आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली। साथ ही जांच के बाद चार्जशीट तैयार कर कोर्ट में दाखिल कर दी थी। वहीं, मामले में अब विशेष न्यायाधीश पाक्सो अदालत द्वितीय के न्यायाधीश तरुण कुमार सिंह ने लोकेश को दोषी मानते हुए उसे दस वर्ष कारावास की और 20 हजार रुपये का अर्थदंड सुनाया है।
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