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नोटबंदी के बाद जरी एक्सपोर्ट पर छाया संकट
ब्यूरो/अमर उजाला, बुलंदशहर
Updated Sat, 19 Nov 2016 12:09 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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नोट बंदी के चलते सिकंदराबाद तहसील के जरी एक्सपोर्ट पर संकट खड़ा हो गया है। समय पर डिलीवरी नहीं होने से 20 करोड़ रुपये के ऑर्डर अब तक कैंसिल हो चुके हैं। हालात जल्द नहीं सुधरे तो 100 करोड़ रुपये के ऑर्डर कैंसिल होने की कतार में हैं। दरअसल, नोट बंदी के बाद कारीगर 500-1000 का नोट बदलने के लिए बैंकों की कतार में लगे रहते हैं।
कच्चा माल खरीदने में नोटबंदी अड़चन बना हुआ है। ऐसे में जरी का उत्पादन 70 प्रतिशत तक घट गया है। बुलंदशहर की सिकंदराबाद तहसील में 1000 करोड़ रुपये का जरी उद्योग हैं। यहां से जरी के आइटम यूएसए, यूके, ऑस्ट्रिया, ऑस्ट्रेलिया, इग्लैंड, ब्रिटेन और दुबई में एक्सपोर्ट किए जाते हैं।
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कई उद्यमियों का विदेशों में सीधा सपर्क है तो कई उद्यमी दिल्ली के एक्सपोर्टर से जरी के आइटम एक्सपोर्ट करते हैं। जब से 500-1000 के नोट बंद हुए हैं, तब से तकनीकी कारीगर काम करने के बजाय बैंकों के सामने कतार में खड़े हुए हैं। जिस कारखाने में 800 कारीगर काम कर रहे थे उस कारखाने में महज 60-70 श्रमिक आ रहे हैं।
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ऐसे में ऑर्डर पूरा करना संभव नहीं है। अब तक 20 करोड़ रुपये के ऑर्डर कैंसिल हो गए हैं। वहीं, 80 करोड़ रुपये के ऑर्डर कैंसिल होने की कतार में हैं। विश्वस्तरीय है जरी उद्योग ः सिकंदराबाद का जरी उद्योग विश्वस्तरीय हैं। यहां से बॉलीवुड और हॉलीवुड के लिए ऑर्डर तैयार किए जाते हैं।
एक कारोबारी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि उनके पास 90 लाख रुपये के ऑर्डर हैं, मगर श्रमिकों के नहीं होने के चलते वह ऑर्डर पूरा करने की स्थिति में नहीं हैं।