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एनएच-235 और फ्रेट कारीडोर की रफ्तार पर ब्रेक
ब्यूरो/अमर उजाला, बुलंदशहर
Updated Thu, 16 Mar 2017 10:41 PM IST
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नेशनल हाईवे
- फोटो : अमर उजाला
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एनएच-235 चौड़ीकरण और डेडिकेटेड फ्रेट कॉरीडोर की रफ्तार में भूमि की कमी अड़चन बन गई है। इस संबंध में रेलवे, नहर और प्रशासन के अफसरों के बीच बृहस्पतिवार को समस्या का निपटारा करने की मंशा से बैठक हुई।
जनपद में एनएच-235 का चौड़ीकरण होना है। हाइवे-4 लेन होना है। रेलवे बुलंदशहर में विश्व बैंक की सहायता से डेडिकेटेड फ्रेट कारीडोर का निर्माण करवा रहा है। प्रोजेक्ट के तहत रेल पटरी की एक ओर साइड में ट्रैक बिछाया जाना है। हाइवे चौड़ीकरण और फ्रेट कॉरीडोर का निर्माण हापुड़ की दिशा में होना है।
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इसी के मद्देनजर एनएचएआई और रेलवे ने हाइवे-235 और रेल पटरी के दोनों ओर जमीन का अधिग्रहण किया था। गुलावठी के पास हाइवे-235 और फ्रेट कारीडोर वी आकृति में आगे बढ़ेंगे। बताया गया है दोनों प्रोजेक्टस को गति देने के लिए पर्याप्त जमीन नहीं है।
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मौके पर उपलब्ध भूमि पर यदि हाइवे चौड़ीकरण होता है तो फ्रेट कारीडोर के लिए जमीन नहीं बचती और यदि फ्रेट कारीडार का निर्माण होगा तो एनएच-235 का चौड़ीकरण नहीं होगा। इस मसले को सुलझाने के लिए डीएम आंजनेय कुमार सिंह ने रेलवे के प्रोजेक्ट अफसर और नहर विभाग के अफसरों को बुलाया। दरअसल जहां जमीन की कमी आ रही है, उसके पास नहर विभाग की कुछ भूमि है।
बैठक में नहर विभाग की जमीन को खाली कराने पर सहमति बनी। रेलवे ने नहर विभाग को पत्र जारी कर जमीन के लिए एनओसी मांगी है। नहर विभाग यदि जमीन उपलब्ध करा देता है तो दोनों प्रोजेक्ट आगे बढ़ेंगे अन्यथा रफ्तार पर ब्रेक लगना तय है।
जमीन की समस्या है। नहर विभाग को जीमन के लिए चिटठी भेजी गई है। जल्द ही जमीन की समस्या निपटा ली जाएगी।
-आंजनेय कुमार सिंह, डीएम