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मांझे की चपेट में आया बाइक सवार, गर्दन और अंगुलियां हुईं लहूलुहान

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 27 Mar 2021 09:55 PM IST
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boy injured by flyers
मांझे की चपेट में आया बाइक सवार, गर्दन और अंगुलियां हुईं लहूलुहान
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बुगरासी। प्रतिबंधित चीन निर्मित मांझे की चपेट में आने से बाइक सवार युवक की गर्दन और अंगुलियां लहूलुहान हो र्गइं। घटना कस्बे के तकियावाला मोहल्ले की है। गंभीर रूप से घायल युवक को अस्पताल पहुंचाया गया। जहां उसका इलाज चल रहा है।
शनिवार को कस्बा निवासी युवक देवेंद्र बाइक से घर जा रहा था। मोहल्ला तकियावाला में ही कटी हुई पतंग का प्रतिबंधित चीनी मांझा लटका हुआ था। बाइक पर सवार देवेंद्र की गर्दन मांझे की चपेट में आ गई। देवेंद्र ने तत्काल हाथ से मांझे को गर्दन से जैसे ही दूर किया तभी दो अंगुली भी मांझे की चपेट में आने से से कट गई। देवेंद्र को आननफानन में नजदीकी एक निजी अस्पताल पर लाया गया जहां उसका उपचार किया गया। बुरी तरह लहूलुहान हुए देवेंद्र की जान बाल-बाल बची है। चिकित्सक के अनुसार स्थिति गंभीर परंतु खतरे से बाहर है।
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मांझे पर प्रतिबंध फिर भी बिक्री खुलेआम
चीन निर्मित मांझा प्लास्टिक का बना होने के साथ ही वह कांच मिक्स होता है। जैसे ही पतंग कटती है तो मांझा वापस खींचते वक्त इसकी चपेट में आने पर अक्सर दुर्घटना हो जाती है। पूर्व में बड़े शहरों में हुईं कई घटनाओं को देखते हुए न्यायालय ने भी इसकी बिक्री पर पूर्णतया प्रतिबंधि लगाया हुआ है। बावजूद इसके इसकी बिक्री धड़ल्ले से की जा रही है। कस्बा क्षेत्र में इसकी बिक्री पर प्रतिबंध को लेकर आज तक भी संबंधित विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की है।
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आसानी से नहीं टूटता मांझा
बुगरासी। कई वर्ष पूर्व देसी मांझा ही पतंग उड़ाने में प्रयोग में लाया जाता था। पतंग कटने के बाद इसकी चपेट में आने से शरीर में हल्का घाव हो जाता था। किसी बच्चे द्वारा मांझे को लूटने पर भी मांझा बीच से ही टूट जाता था, जिससे दुर्घटना का भी कोई खतरा नहीं था। कांच मिक्स चीनी मांझा आसानी से टूटता भी नहीं है। साथ ही वापस खींचते वक्त जिस किसी के भी शरीर से टच होता है वहीं से शरीर को काट डालता है।

गर्मी में रहता है छत पर जाने में खतरा
बुगरासी। अधिकांश लोग गर्मी में ही पतंग उड़ाते हैं। गर्मी के दिनों में शाम के समय काफी लोग छत पर भी घूमते रहते हैं। पतंगबाजी के चलते छत पर घूमना भी खतरे से खाली नहीं है। सबसे ज्यादा बच्चों को लेकर खतरा बना रहता है।
प्रतिबंधित मांझे की बिक्री करने वालों को चिन्हित किया जाएगा। इसके लिए अभियान चलाकर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
अलका सिंह, सीओ स्याना
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