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वोटर को पोलिंग बूथ तक पहुंचाएगा ‘बूथ डायरी एप’
अमर उजाला/बुलंदशहर
Updated Wed, 28 Dec 2016 11:13 PM IST
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- फोटो : ब्यूरो
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इस बार विधानसभा चुनाव में ‘बूथ डायरी एप’ वोटरों को बूथों का रास्ता दिखाएगा। एप पर बूथ की फोटो और कर्मचारियों का नाम नंबर अपलोड कर दिए गए हैं। मोबाइल एप पर आप खुद बूथ का पता लगा सकते हैं। अड़चन आने पर बूथ कर्मचारियों से संपर्क भी एप की मदद से किया जा सकेगा।
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पहली बार मतदाता बूथ से स्वास्थ्य और शिक्षा के अधिकारी कनेक्ट होंगे। जिस क्षेत्र में बूथ होगा वहां के ग्राम विकास अधिकारी, ग्राम पंचायत अधिकारी, पटवारी, अमीन, स्वास्थ्य अफसर, आंगनबाड़ी कार्यकत्री, आशा, एएनएम, सेक्टर मजिस्ट्रेट और जोनल मजिस्ट्रेट का डाटा एप पर उपलब्ध होगा।
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नाम और पद नाम के साथ मोबाइल एप पर चुनाव अफसर व कर्मचारियों का डाटा फीड होगा। जिला प्रबंधक इ-गवर्नेस पीयूश चौधरी ने बताया कि 70 फीसदी डाटा अपलोडिंग हो चुकी है। चुनाव आचार संहिता लागू होते ही एप भी वजूद में आ जाएगा।
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इस बार पांच लाख रुपये का भरा जाएगा मुचलका
विधान सभा चुनाव को शांतिपूर्ण संपन्न कराने के लिए पुलिस को दो से पांच लाख रुपये तक का मुचलका भरने के आदेश दिए गए हैं। बुधवार को एसडीएम कन्हई सिंह ने तहसील सभागार में सेक्टर मजिस्ट्रेटों, पुलिस अधिकारियों के साथ चुनावी तैयारियों की समीक्षा बैठक ली।
उन्होंने कहा कि अपराधिक तत्वों के खिलाफ गुंडा एक्ट की कार्रवाई की जाएगी। संवेदनशील, अतिसंवेदनशील बूथों का पूरा ब्यौरा उनके कार्यालय को उपलब्ध कराया जाए। सेक्टर मजिस्ट्रेट बूथ पर बिजली, पानी, बाउंड्री वाल,और अन्य व्यवस्थाएं सुनश्चित करेंगे।
2482 बूथों को अब भी बिजली पानी और शौचालय का इंतजार
विधानसभा चुनाव-2017 के लिए बूथों पर बुनियादी सुविधाओं को लेकर जिला प्रशासन गंभीर नही है। हालांकि इसके लिए निर्वाचन आयोग कई बार रिमाइंडर जारी कर चुका है।
विधानसभा चुनाव के लिए जिले की साताें विधानसभा क्षेत्रों में 2561 बूथ बनाए गए हैं।
23 बूथों पर पानी का इंतजाम अब तक नहीं हो पाया है। 1302 बूथों पर दूर संचार (टेलीफोन) की व्यवस्था नहीं है। 44 बूथों पर शौचालय का कहीं अतापता नहीं है। 109 बूथों पर फर्नीचर का टोटा है।
437 बूथों पर शेड, 200 बूथों पर रैंप और 367 बूथों पर बिजली नहीं है। कुल मिलाकर 2561 बूथों में से 2482 मतदाता बूथों पर कोई न कोई कमी जरूर है। र प्रशासन ने 30 हजार से अधिक कर्मचारियों का नाम चुनाव आयोग को भेजा गया है।