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अब ब्लड की कमी से नहीं टूटेगी जिंदगी की ‘डोर’
अमर उजाला ब्यूरो / बुलंदशहर
Updated Mon, 01 May 2017 11:35 PM IST
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ब्लड बैंक
- फोटो : अमर उजाला
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ब्लड की कमी से जिले में अब किसी मरीज की जिंदगी की डोर नहीं टूटेगी। दरअसल, स्वास्थ्य विभाग खुर्जा और सिकंदराबाद में ब्लड बैंक बनाने जा रहा है। अब जरूरतमंदों को ब्लड के लिए जिला मुख्यालय तक दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी।
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सीएमओ डॉ. दीपक ओहरी ने बताया जिला अस्पताल में ब्लड बैंक है। इसलिए ब्लड के लिए जरूरतमंद लोगों को जिला मुख्यालय पर आना पड़ता है। कई बार ब्लड पहुंचाने में देरी के चलते मरीज की मौत हो जाती है। खुर्जा और सिकंदराबाद में ब्लड बैंक खोलने की तैयारी है। ब्लड को सुरक्षित रखने के लिए डीप फ्रीजर समेत तमाम जरूरी उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे।
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हाईवे पर हैं खुर्जा व सिकंदराबाद
सीएमओ डॉ. दीपक ओहरी ने बताया कि खुर्जा सिकंदराबाद एनएच-91 किनारे बसे हुए हैं। हाईवे पर अकसर सड़क हादसे होते रहते हैं। इसके चलते कई बार पीड़ित का खून ज्यादा बह जाने से उसकी मौत हो जाती है। इसलिए खुर्जा और सिकंदराबाद नगर को ब्लड बैंक के लिए चुनाव किया गया है।
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खुर्जा और सिकंदराबाद में जल्द ही ब्लड बैंक खोले जाएंगे। इस संबंध में शासन का आदेश मिल गया है। इससे लोगों को ब्लड के लिए जिला मुख्यालय की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। डा. दीपक ओहरी, सीएमओ, बुलंदशहर
बेघरों का बनेगा गरीब कार्ड
एक्सईएन बुलंदशहर विकास प्राधिकरण ने बताया कि जिले में बेघर गरीबों का गरीब कार्ड बनाया जाएगा। बीपीएल सूची से छूटे गरीब परिवारों को गरीब कार्ड की सौगात मिलेगी। इस संबंध में जल्द ही सर्वे शुरू किया जाएगा।
2195 आशाओं को अब मिलेगी सैलरी
अब स्वास्थ्य विभाग की आशाएं मानदेय पर निर्भर नहीं रहेंगी। जल्द ही इन आशाओं को भी सेलरी तय की जाएगी। सीएमओ डा. दीपक ओहरी ने बताया कि इस संबंध में विभाग के आला अधिकारियों से बातचीत हो चुकी है। आशाएं लंबे समय से स्थानीय माहवार वेतन की मांग करती रही हैं।
फिलहाल उनको 1000 रुपये दिए जाते हैं। इसके बदले उनको कार्य करना भी होता है। काम नहीं करने पर उनको एक हजार रुपये नहीं दिए जाते हैं। सेलरी निर्धारित होने की सुगबुगाहट से आशाआें में खुशी का माहौल है। स्वास्थ्य विभाग के रिकार्ड के मुताबिक जिले में 2195 आशाए काम कर रही हैं।