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काली नदी के पुराने पुल से नहीं गुजरेंगे भारी वाहन
ब्यूरो/अमर उजाला, बुलंदशहर
Updated Sun, 16 Oct 2016 09:57 PM IST
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काली नदी के जर्जर हो रहे पुराने पुल से अब बड़े वाहन नहीं गुजर सकेंगे। पुराने पुल के जर्जर होने के कारण बड़ा हादसा रोकने के लिए नगर पालिका अवरोधक लगवाएगी। इसके अलावा अतिक्रमण रोकने के लिए काली नदी पुल के पास पालिका पार्क का निर्माण कराएगी।
काली नदी का पुराना पुल काफी जर्जर हो चुका है। इसकी मियाद भी खत्म हो चुकी है। मियाद खत्म होने के बावजूद पुराने पुल से आवागमन चालू है। पुल से बड़े वाहन न गुजरें, इसकी कवायद शुरू हो गई है। नगर पालिका द्वारा पुल के दोनों तरफ अवरोधक लगाए जाएंगे, ताकि पुल पर कोई हादसा होने से बचाया जा सके।
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इसके अलावा नगर पालिका जल्द ही काली नदी पर पार्क का निर्माण कराएगी। यह पार्क काली नदी के नए पुल के पास बनाया जाएगा। पार्क का निर्माण अतिक्रमण को रोकने के लिए किया जाएगा। पार्क का निर्माण काली नदी पुल से आगे स्याना रोड की तरफ किया जाएगा।
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पार्क का उद्देश्य होगा कि मार्ग को सुंदर बनाने के साथ-साथ पार्क की प्रस्तावित जगह पर होने वाले अतिक्रमण को रोका जा सके। चेयरपर्सन पिंकी गर्ग ने बताया कि काली नदी पुल पर पार्क का निर्माण किया जाएगा। इसके अलावा पुराने पुल पर बड़े वाहनों के आवागमन रोकने के लिए अवरोधक लगया जाएगा।
सिस्टम ने थामी ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस वे की ‘रफ्तार’
सिस्टम की सुस्ती से ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस-वे की रफ्तार पर ब्रेक लगा गया है। पैरीफेरल एक्सप्रेस-वे के भराव के लिए सिकंदराबाद क्षेत्र से मिट्टी उठाई जानी है। इसके लिए पर्यावरण क्लीयरेंस की अनुमति जरूरी है। ढाई माह से अफसर और बाबुओं के टेबल पर इसकी फाइल धूल फांक रही है।
कुंडला से गाजियाबाद होते हुए पलवल (हरियाणा) तक 135 किमी. लंबे ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस वे का निर्माण होना है। एक्सप्रेस वे पर मिट्टी डालने के लिए संस्था ने करीब ढाई माह पूर्व जिला प्रशासन से 8000 क्यू. मीटर की अनुमति मांगी थी। प्रोजेक्ट मैनेजर विशाल कौली के मुताबिक दस्तावेज पूरे हैं लेकिन क्लीयरेंस नहीं मिल रही है।