फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bulandshahar News ›   Bhatta-Parsaul case

केस वापस नहीं लेने पर होगा उग्र आंदोलन

Mon, 05 Sep 2016 10:41 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/बुलंदशहर
अमर उजाला ब्यूरो/बुलंदशहर Updated Mon, 05 Sep 2016 10:41 PM IST
विज्ञापन
Bhatta-Parsaul case
किसान - फोटो : अमरउजाला

भट्टा-पारसौल आंदोलन के प्रदर्शनकारी किसानों ने सोमवार को भट्टा गांव में पंचायत की। किसानों ने उनके खिलाफ जारी वारंट का विरोध जताया। किसान मंगलवार को डीएम को ज्ञापन सौंपकर उनके ऊपर दर्ज केस वापस लेने की मांग करेंगे। किसानों ने पंचायत में निर्णय लिया कि उनके खिलाफ दर्ज मामले वापस नहीं लिए गए तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।  

विज्ञापन


गौरतलब है कि वर्ष 2011 में जेपी एक्सप्रेस वे के विरोध में भट्टा-पारसौल आंदोलन हुआ था। आंदोलन में करीब 50 हजार से ज्यादा किसानों ने भाग लिया था। इस हिंसक आंदोलन में सैकड़ों प्रदर्शनकारी और पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हुए थे। मामले की जांच कर रही सीबीसीआईडी ने प्रदर्शनकारी किसानों को दोषी माना था।
विज्ञापन


सीबीसीआईडी की जांच रिपोर्ट में करीब 450 नामजद प्रदर्शनकारी और हजारों अज्ञात प्रदर्शनकारियों को दोषी माना गया है। सीबीसीआईडी की जांच रिपोर्ट के आधार पर पहले चरण में दनकौर थाना क्षेत्र के 40 प्रदर्शनकारियों को गौतमबुद्धनगर न्यायालय ने वारंट जारी कर दिया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसके विरोध में सोमवार को भट्टा में किसानों ने पंचायत की। पंचायत में डिस्ट्रिक्ट बार के प्रेसिडेंट सुरेंद्र भाटी, काले सिंह, रोहताश सिंह, धर्म सिंह, त्रिलोक सिंह, भारत कुमार, गजे सिंह मौजूद रहे।


आज डीएम को देंगे ज्ञापन: मनवीर
किसान नेता मनवीर तेवतिया और देवरंजन नागर ने बताया कि मंगलवार को सभी किसान जिलाधिकारी को ज्ञापन देंगे। यदि किसानों पर दर्ज किए गए केस वापस नहीं लिए गए तो किसान आंदोलन करेंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed