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Bulandshahar News: दुकानों का बैनामा न करने पर बीडीए पर 1.10 लाख रुपये का जुर्माना
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बुलंदशहर। बोली लगाकर दुकानों को खरीदने के बाद भी बैनामा न करने के मामले में जिला उपभोक्ता आयोग ने बुलंदशहर विकास प्राधिकरण पर 1.10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। आयोग ने एक माह के अंदर दुकानों का बैनामा करने के आदेश दिए हैं। बैनामा न करने की स्थिति में जमा किए गए 15.46 लाख रुपये 18 फीसदी ब्याज के साथ लौटाने होंगे। साथ ही मानसिक क्षतिपूर्ति के लिए एक लाख और वाद व्यय के 10 रुपये भी देने होंगे।
आयोग के जन सूचना अधिकारी शेखर वर्मा ने बताया कि शिकारपुर क्षेत्र के गांव घुंघरावली बनवारीपुर निवासी रेखपाल सिंह ने बुलंदशहर विकास प्राधिकरण की सुनहेरा कॉम्प्लैक्स में बनाई गई दुकानों को खरीदने के लिए वर्ष 2018 में आवेदन किया था। आवेदन के बाद रेखपाल सिंह ने तीन माह के अंदर 15.46 लाख रुपये दो दुकानों के लिए जमा किए थे। इसके बाद बुलंदशहर विकास प्राधिकरण के अधिकारियों से बैनामा कराने की मांग की लेकिन एक साल तक दुकानों का बैनामा नहीं किया गया।
इससे परेशान होकर रेखपाल सिंह ने जिला उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी। उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष व न्यायाधीश हसनैन कुरैशी ने दोनों पक्षों को सुना। इसके बाद बुलंदशहर विकास प्राधिकरण के पक्ष को खारिज करते हुए स्वीकार किया कि बुलंदशहर विकास प्राधिकरण के सचिव एवं सहायक संपत्ति अधिकारी ने रेखपाल सिंह की दुकानों के लिए पूरी धनराशि जमा करने के बाद भी बैनामा नहीं कराए।
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आदेश दिए कि 30 दिन के अंदर रेखपाल सिंह के पक्ष में दोनों दुकानों का बैनामा कराया जाए। बैनामा न कराने की स्थिति में धनराशि जमा करने की तारीख से 18 फीसदी ब्याज के साथ धनराशि लौटाई जाए।
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आयोग के जन सूचना अधिकारी शेखर वर्मा ने बताया कि शिकारपुर क्षेत्र के गांव घुंघरावली बनवारीपुर निवासी रेखपाल सिंह ने बुलंदशहर विकास प्राधिकरण की सुनहेरा कॉम्प्लैक्स में बनाई गई दुकानों को खरीदने के लिए वर्ष 2018 में आवेदन किया था। आवेदन के बाद रेखपाल सिंह ने तीन माह के अंदर 15.46 लाख रुपये दो दुकानों के लिए जमा किए थे। इसके बाद बुलंदशहर विकास प्राधिकरण के अधिकारियों से बैनामा कराने की मांग की लेकिन एक साल तक दुकानों का बैनामा नहीं किया गया।
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इससे परेशान होकर रेखपाल सिंह ने जिला उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी। उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष व न्यायाधीश हसनैन कुरैशी ने दोनों पक्षों को सुना। इसके बाद बुलंदशहर विकास प्राधिकरण के पक्ष को खारिज करते हुए स्वीकार किया कि बुलंदशहर विकास प्राधिकरण के सचिव एवं सहायक संपत्ति अधिकारी ने रेखपाल सिंह की दुकानों के लिए पूरी धनराशि जमा करने के बाद भी बैनामा नहीं कराए।
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आदेश दिए कि 30 दिन के अंदर रेखपाल सिंह के पक्ष में दोनों दुकानों का बैनामा कराया जाए। बैनामा न कराने की स्थिति में धनराशि जमा करने की तारीख से 18 फीसदी ब्याज के साथ धनराशि लौटाई जाए।