{"_id":"6241e3f95d4ae2466958486d","slug":"bank-strike-bulandshahr-news-gbd236027699","type":"story","status":"publish","title_hn":"बैंकों के साथ एटीएम भी रहे बंद, परेशान हुए लोग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बैंकों के साथ एटीएम भी रहे बंद, परेशान हुए लोग
विज्ञापन
बैंकों की हड़ताल के चलते एटीएम बूथ पर लगी लंबी कतार
- फोटो : KHURJA
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बैंकों के साथ एटीएम भी रहे बंद, परेशान हुए लोग
बुलंदशहर। निजीकरण के विरोध में सोमवार को बैंककर्मी हड़ताल पर रहे। इससे 200 करोड़ रुपये का लेनदेन प्रभावित हुआ। हड़ताल में शामिल रहे बैंकों के ग्राहक धन निकासी और जमा कराने के लिए भटकते रहे। इस दौरान अधिकांश एटीएम भी बंद रहने से समस्या और बढ़ गई। हड़ताली कर्मियों ने उन बैंकों की शाखाओं को भी दोपहर में बंद करा दिया, जो इस हड़ताल में शामिल नहीं थे।
वित्तीय वर्ष समाप्त होने में अब तीन दिन शेष रह गए हैं। तमाम लोग बैंक संबंधी काम निपटाने में लगे हैं। जिन बैंकों के कर्मचारी हड़ताल में शामिल थे, उनके ग्राहकों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। जो बैंक खुले रहे, वहां भी भीड़ लगी हुई मिली। बाद में हड़ताली कर्मियों ने इन बैंकों की भी ज्यादातर शाखाओं को बंद करा दिया। पैसे निकालने के लिए लोगों ने एटीएम का रुख किया लेकिन, ज्यादातर एटीएम भी बंद रहे। नगर निवासी ऋतिक शर्मा ने बताया कि खाते से धनराशि निकालने के लिए बैंक आए थे। बैंक बंद मिलने पर बैरंग लौटना पड़ा। आसिफ नूर ने बताया कि वित्तीय वर्ष समाप्त होने जा रहा है। उससे पूर्व लेनदेन संबंधी कार्य करने के लिए बैंक आया। यहां आकर पता चला कि बैंक सोमवार व मंगलवार को बंद रहेंगे। ऐसे में वापस लौटना पड़ा।
जो खुले उन्हें कराया बंद
जिले में सभी बैंकों के बंदी को लेकर योजना बनाई गई थी। इंडियन बैंक, यूनियन बैंक और कैंनरा बैंक सुबह से बंद थे। भारतीय स्टेट बैंक, आईसीआईसीआई, बैंक ऑफ बड़ौदा, पंजाब नेशनल बैंक, जिला सहकारी बैंक सुबह के समय खुले रहे। इसकी सूचना पर धरनारत बैंक कर्मी संबंधित बैंकों में पहुंचे और बंद करवाकर धरने में सहयोग मांगा। इसके बाद इन बैंकों की शाखाएं भी बंद हो गईं।
विज्ञापन
बोले उपभोक्ता
जरूरत पड़ने पर बैंक खाते से कुछ रुपये निकालने के लिए आया था। यहां पर बैंक बंदी का नोटिस लगा मिला। काफी देर तक बैंक खुलने का इंतजार किया। एटीएम से भी रुपये नहीं मिले। - गोपाल
सुबह बैंक पहुंचा, वहां पर बैंक बंद मिलने पर निराशा हाथ लगी। सोचा हड़ताल कुछ देर बाद समाप्त हो जाएगी लेकिन, हड़ताल जारी रही। - राम
केवल सरकारी बैंक के कर्मी हड़ताल पर रहे। इनके हड़ताल पर रहने से जिले में करीब 200 करोड़ रुपये का लेनदेन का कार्य प्रभावित हुआ। लोगों की परेशानियों को देखते हुए एटीएम में धनराशि रखवा दी गई है। - अभिषेक गुप्ता, जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक
विज्ञापन
बुलंदशहर। निजीकरण के विरोध में सोमवार को बैंककर्मी हड़ताल पर रहे। इससे 200 करोड़ रुपये का लेनदेन प्रभावित हुआ। हड़ताल में शामिल रहे बैंकों के ग्राहक धन निकासी और जमा कराने के लिए भटकते रहे। इस दौरान अधिकांश एटीएम भी बंद रहने से समस्या और बढ़ गई। हड़ताली कर्मियों ने उन बैंकों की शाखाओं को भी दोपहर में बंद करा दिया, जो इस हड़ताल में शामिल नहीं थे।
वित्तीय वर्ष समाप्त होने में अब तीन दिन शेष रह गए हैं। तमाम लोग बैंक संबंधी काम निपटाने में लगे हैं। जिन बैंकों के कर्मचारी हड़ताल में शामिल थे, उनके ग्राहकों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। जो बैंक खुले रहे, वहां भी भीड़ लगी हुई मिली। बाद में हड़ताली कर्मियों ने इन बैंकों की भी ज्यादातर शाखाओं को बंद करा दिया। पैसे निकालने के लिए लोगों ने एटीएम का रुख किया लेकिन, ज्यादातर एटीएम भी बंद रहे। नगर निवासी ऋतिक शर्मा ने बताया कि खाते से धनराशि निकालने के लिए बैंक आए थे। बैंक बंद मिलने पर बैरंग लौटना पड़ा। आसिफ नूर ने बताया कि वित्तीय वर्ष समाप्त होने जा रहा है। उससे पूर्व लेनदेन संबंधी कार्य करने के लिए बैंक आया। यहां आकर पता चला कि बैंक सोमवार व मंगलवार को बंद रहेंगे। ऐसे में वापस लौटना पड़ा।
विज्ञापन
जो खुले उन्हें कराया बंद
जिले में सभी बैंकों के बंदी को लेकर योजना बनाई गई थी। इंडियन बैंक, यूनियन बैंक और कैंनरा बैंक सुबह से बंद थे। भारतीय स्टेट बैंक, आईसीआईसीआई, बैंक ऑफ बड़ौदा, पंजाब नेशनल बैंक, जिला सहकारी बैंक सुबह के समय खुले रहे। इसकी सूचना पर धरनारत बैंक कर्मी संबंधित बैंकों में पहुंचे और बंद करवाकर धरने में सहयोग मांगा। इसके बाद इन बैंकों की शाखाएं भी बंद हो गईं।
विज्ञापन
बोले उपभोक्ता
जरूरत पड़ने पर बैंक खाते से कुछ रुपये निकालने के लिए आया था। यहां पर बैंक बंदी का नोटिस लगा मिला। काफी देर तक बैंक खुलने का इंतजार किया। एटीएम से भी रुपये नहीं मिले। - गोपाल
सुबह बैंक पहुंचा, वहां पर बैंक बंद मिलने पर निराशा हाथ लगी। सोचा हड़ताल कुछ देर बाद समाप्त हो जाएगी लेकिन, हड़ताल जारी रही। - राम
केवल सरकारी बैंक के कर्मी हड़ताल पर रहे। इनके हड़ताल पर रहने से जिले में करीब 200 करोड़ रुपये का लेनदेन का कार्य प्रभावित हुआ। लोगों की परेशानियों को देखते हुए एटीएम में धनराशि रखवा दी गई है। - अभिषेक गुप्ता, जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक