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Bulandshahar News: पूर्व चेयरमैन रफीक फड्डा की अग्रिम जमानत याचिका खारिज
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रफीक फड्डा।
बुलंदशहर। मोबाइल फोन की खरीद का फर्जी अदालत में पेश करने के मामले में बुधवार को खुर्जा के पूर्व चेयरमैन रफीक फड्डा की अग्रिम जमानत याचिका खारिज हो गई। फड्डा पर प्रभु हनुमान पर आपत्तिजनक पोस्ट करने का आरोप लगा था। इसके बाद उनका मोबाइल जब्त कर लिया गया था। मोबाइल रिलीज कराने के लिए उन्होंने खुर्जा एसीजेएम न्यायालय में मोबाइल खरीद का बिल प्रस्तुत किया था, जो कि फर्जी पाया गया।
साल 2024 में खुर्जा के पूर्व चेयरमैन हाजी रफीक फड्डा पर आईपीसी की धारा 295ए व 67 आईटी एक्ट में मामला दर्ज किया गया था। इस मुकदमे में बताया गया था कि रफीक के फोन से भगवान हनुमान के प्रति आपत्तिजनक पोस्ट की गई है। इससे लोगों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है। पुलिस ने जांच के दौरान रफीक का संबंधित आईफोन-13 जब्त कर लिया था। फोन के रिलीज के लिए नौ जनवरी 2025 को हाजी रफीक ने एसीजेएम न्यायालय खुर्जा के यहां प्रार्थना पत्र दिया था। बिल न होने के कारण न्यायालय ने प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया था।
अगले ही दिन दस जनवरी को रफीक फड्डा ने दूसरा प्रार्थना पत्र खुर्जा एसीजेएम के यहां पेश किया। इस दौरान एक बिल की काॅपी भी लगाई गई। न्यायालय ने प्रस्तुत बिल को संदिग्ध मानते हुए संबंधित थाना प्रभारी को जांच करने के आदेश दिए थे। पुलिस की जांच में पाया गया कि साल 2022 से अब तक भी ऐसी कोई दुकान ही है, जिसका बिल प्रस्तुत किया गया था। न्यायालय ने फर्जी बिल पेश करने के प्रकरण को गंभीर माना। इसके बाद एसीजेएम खुर्जा के वरिष्ठ लिपिक नीरज कुमार की तहरीर पर खुर्जा पुलिस ने रफीक के खिलाफ एक और मुकदमा दर्ज कर लिया।
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पुलिस गिरफ्तार करती इससे पहले ही पूर्व चेयरमैन ने न्यायालय में अग्रिम जमानत के लिए प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर दिया। बुधवार को सत्र न्यायाधीश मंजीत सिंह श्योराण के न्यायालय ने मामले की सुनवाई कर याचिका को खारिज कर दिया।
पत्नी भी रहीं हैं चेयरमैन
हाजी रफीक फड्डा वर्ष 2012 से 2017 तक खुर्जा नगर पालिका के चेयरमैन पद पर काबिज रहे। इसके बाद वर्ष 2017 से 2022 तक उनकी पत्नी भी खुर्जा नगर पालिका की चेयरमैन पद पर रहीं। वर्ष 2022 में वह चुनाव हार गए थे।
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साल 2024 में खुर्जा के पूर्व चेयरमैन हाजी रफीक फड्डा पर आईपीसी की धारा 295ए व 67 आईटी एक्ट में मामला दर्ज किया गया था। इस मुकदमे में बताया गया था कि रफीक के फोन से भगवान हनुमान के प्रति आपत्तिजनक पोस्ट की गई है। इससे लोगों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है। पुलिस ने जांच के दौरान रफीक का संबंधित आईफोन-13 जब्त कर लिया था। फोन के रिलीज के लिए नौ जनवरी 2025 को हाजी रफीक ने एसीजेएम न्यायालय खुर्जा के यहां प्रार्थना पत्र दिया था। बिल न होने के कारण न्यायालय ने प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया था।
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अगले ही दिन दस जनवरी को रफीक फड्डा ने दूसरा प्रार्थना पत्र खुर्जा एसीजेएम के यहां पेश किया। इस दौरान एक बिल की काॅपी भी लगाई गई। न्यायालय ने प्रस्तुत बिल को संदिग्ध मानते हुए संबंधित थाना प्रभारी को जांच करने के आदेश दिए थे। पुलिस की जांच में पाया गया कि साल 2022 से अब तक भी ऐसी कोई दुकान ही है, जिसका बिल प्रस्तुत किया गया था। न्यायालय ने फर्जी बिल पेश करने के प्रकरण को गंभीर माना। इसके बाद एसीजेएम खुर्जा के वरिष्ठ लिपिक नीरज कुमार की तहरीर पर खुर्जा पुलिस ने रफीक के खिलाफ एक और मुकदमा दर्ज कर लिया।
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पुलिस गिरफ्तार करती इससे पहले ही पूर्व चेयरमैन ने न्यायालय में अग्रिम जमानत के लिए प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर दिया। बुधवार को सत्र न्यायाधीश मंजीत सिंह श्योराण के न्यायालय ने मामले की सुनवाई कर याचिका को खारिज कर दिया।
पत्नी भी रहीं हैं चेयरमैन
हाजी रफीक फड्डा वर्ष 2012 से 2017 तक खुर्जा नगर पालिका के चेयरमैन पद पर काबिज रहे। इसके बाद वर्ष 2017 से 2022 तक उनकी पत्नी भी खुर्जा नगर पालिका की चेयरमैन पद पर रहीं। वर्ष 2022 में वह चुनाव हार गए थे।