{"_id":"bc61ec873c5aa9dabd81a6571eb9ac14","slug":"asara-residences-allotment-in-the-same-session-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सच होगा घर का सपना, मिलेगा आसरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सच होगा घर का सपना, मिलेगा आसरा
अमर उजाला, बुलंदशहर
Updated Fri, 22 Jan 2016 11:33 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गरीबों का घर का सपना सच होने वाला है। आसरा योजना के 284 मकानों का निर्माण पूरा हो गया है। आसरा आवासों का आवंटन इसी सत्र में होना है।
जनपद में योजना के तहत 312 मकानों का निर्माण होना था। एक मकान पर 3.91 लाख रुपये की लागत आई है। सूबे में सपा सरकार का गठन होने के बाद हर एक निकाय क्षेत्र में जमीन की उपलब्धता के आधार पर आसरा योजना के तहत मकानों का निर्माण कराने का निर्णय लिया गया था।
इसी के मददेनजर छतारी में 156, बुगरासी में 48, बीबीनगर में 72, जहांगीराबाद में 36 मकानों की स्कीम लांच की गई। मकानों का निर्माण कराने की जिम्मेदारी सरकार ने सीएनडीएस को दी।
छतारी में 156 में से 140 मकान, बुगरासी में 48 में 44 मकान, बीबीनगर में 72 में 68 मकानोें का निर्माण मुकम्मल हो चुका है। कुल मिलाकर 312 में से 284 मकान बने खड़े हैं।
विज्ञापन
आसरा आवासीय कालोनियों में बिजली पानी, सड़क और जल निकासी का बंदोबस्त किया जा रहा है। ये सब होते ही मकानों का आवंटन गरीबी के आधार पर किया जाएगा।
विज्ञापन
जनपद में योजना के तहत 312 मकानों का निर्माण होना था। एक मकान पर 3.91 लाख रुपये की लागत आई है। सूबे में सपा सरकार का गठन होने के बाद हर एक निकाय क्षेत्र में जमीन की उपलब्धता के आधार पर आसरा योजना के तहत मकानों का निर्माण कराने का निर्णय लिया गया था।
इसी के मददेनजर छतारी में 156, बुगरासी में 48, बीबीनगर में 72, जहांगीराबाद में 36 मकानों की स्कीम लांच की गई। मकानों का निर्माण कराने की जिम्मेदारी सरकार ने सीएनडीएस को दी।
विज्ञापन
छतारी में 156 में से 140 मकान, बुगरासी में 48 में 44 मकान, बीबीनगर में 72 में 68 मकानोें का निर्माण मुकम्मल हो चुका है। कुल मिलाकर 312 में से 284 मकान बने खड़े हैं।
विज्ञापन
आसरा आवासीय कालोनियों में बिजली पानी, सड़क और जल निकासी का बंदोबस्त किया जा रहा है। ये सब होते ही मकानों का आवंटन गरीबी के आधार पर किया जाएगा।