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अरनियां के किसानों का अटका मुआवजा
अमर उजाला ब्यूरो/बुलंदशहर
Updated Sun, 23 Oct 2016 10:43 PM IST
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- फोटो : ब्यूरो
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अफसरों की उलझन के चलते अरनिया थर्मल पावर प्रोजेक्ट में किसानों का 15 करोड़ रुपये मुआवजा अटक गया है। दरअसल किसानों की रिट पर सुनवाई करते हुए मुआवजा वितरण को लेकर हाईकोर्ट ने जांच का आदेश दिया था। इसके चलते प्रशासन ने किसानों को मुआवजा बांटना बंद कर दिया है।
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ऐसे में काश्तकार अफसरों की उलझन का खामियाजा भुगतने को मजबूर हैं। यूपीएसआईडीसी ने 1993 में अरनिया क्षेत्र में औद्योगिक विकास के लिए किसानों से 1201 एकड़ कृषि भूमि का अधिग्रहण किया था। बाद में यूपीएसआईडी (उप्र स्टेट औद्योगिक विकास संस्था) ने ये जमीन थर्मल पावर प्लांट बनाने के लिए टीएचडीसी (टीहरी हाईड्रो डवलपमेंट) को दे दी थी।
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मुआवजे वितरण को लेकर पिछले दिनों क्षेत्र के कुछ किसान हाईकोर्ट में चले गए थे। कोर्ट ने जिला प्रशासन पर सख्त टिप्पणी की। कोर्ट ने इसे 200 करोड़ की बंदरबांट माना और शासन को जांच का आदेश दे दिया। फिलहाल जांच शासन स्तर से की जा रही है। इसके चलते प्रशासन ने किसानों को बकाया 15 करोड़ रुपये का भुगतान रोक दिया है।
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मुआवजा नहीं मिलने से स्थानीय काश्तकार परेशान हैं। शनिवार को तीन महिला किसान मुआवजे की मांग को लेकर एडीएम प्रशासन से भी मिली। एडीएम ने महिला किसानों ने मुआवजे के लिए कुछ समय इंतजार करने के लिए लौटा दिया।
एडीएम अरविंद कुमार मिश्र ने बताया मुआवजा वितरण की जांच चल रही है। जांच के चलते मुआवजा वितरण नहीं किया जा रहा है। जांच पूरी होते मुआवजा बांटा जाएगा।
मैना मौजपुर में धरना जारी
फ्रेट कॉरीडोर के लिए मुआवजे की मांग को लेकर मैनामौजपुर गांव में 47वें दिन रविवार को भी धरना जारी रहा। किसानों ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। धरने पर बैठे अजय चौधरी, सुग्रीव सोलंकी, बब्बन चौधरी आदि किसान नेताओं ने कहा कि अपनी मांगों से वह पीछे नहीं हटेंगे। धरने पर नवल सिंह, विजेन्द्र प्रताप सोलंकी, लटूर सिंह, राजकुमार आदि किसान मौजूद रहे।