फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bulandshahar News ›   ambulance

खतरा: बिना फिटनेस मरीजों को अस्पताल पहुंचा रहीं एंबुलेंस

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 24 May 2022 10:15 PM IST
विज्ञापन
ambulance
खतरा: बिना फिटनेस मरीजों को अस्पताल पहुंचा रहीं एंबुलेंस
विज्ञापन

बुलंदशहर। स्वास्थ्य विभाग में निशुल्क स्वास्थ्य सेवा देने के लिए 81 एंबुलेंस का संचालन किया जा रहा है। इसमें काफी संख्या में ऐसी भी एंबुलेंस हैं जो क्षमता से अधिक चल चुकी हैं और बिना फिटनेस के सड़कों पर दौड़ रही हैं। सोमवार को खुर्जा क्षेत्र में मरीज को लेने जाते समय एक एंबुलेंस में आग लग गई, जिसमें जिंदा जलकर ईएमटी (इमरजेंसी मेडिकल ट्रेनी) की मौत हो गई थी। घटना का कारण एंबुलेंस की फिटनेस न होना सामने आ रहा है। मंगलवार को जिलेभर में एंबुलेंस की पड़ताल की गई तो काफी संख्या में ऐसी एंबुलेंस मिली जिनकी हालत जर्जर चल रही है। बीते एक सप्ताह पूर्व जिला अस्पताल से हायर सेंटर लेकर जाते समय एएलएस सेवा की एंबुलेंस करीब एक घंटा तक स्टार्ट ही नहीं हुई। यदि मरीज की हालत गंभीर होती तो उसकी जान भी जा सकती थी।
बुलंदशहर : कलक्ट्रेट के पास बंद हो गई एंबुलेंस
मंगलवार को दोपहर के समय यूपी 41 जी 0596 नंबर 108 सेवा की एंबुलेंस जा रही थी। अचानक एंबुलेंस कलक्ट्रेट के गेट पर पहुंची तो बंद हो गई। चालक ने एंबुलेंस स्टार्ट करने का काफी प्रयास किया। लेकिन एंबुलेंस स्टार्ट नहीं हो सकी। एंबुलेंस स्टार्ट करने के लिए चालक द्वारा लोगों से धक्का भी लगवाया गया लेकिन स्टार्ट नहीं हो सकी। इसके बाद चालक द्वारा किसी तरह एंबुलेंस को कालाआम चौराहे पर ले जाया गया। यदि इसमें मरीज होता तो उसकी जान पर आफत आ सकती है। वहीं, एंबुलेंस के आगे का हिस्सा तार के सहारे बंधा हुआ था। जिससे लगता है कि एंबुलेंस की फिटनेस नहीं हुई है।
विज्ञापन

खुर्जा : बिना नंबर की एंबुलेंस
खुर्जा स्थित महिला चिकित्सालय में 102 सेवा की एंबुलेंस एक गर्भवती महिला को लेकर अस्पताल पहुंची। एंबुलेंस की पड़ताल की तो उस पर न तो कोई नंबर प्लेट लगी हुई थी और न ही उसका आगे का हिस्सा सही था। एंबुलेंस के हिस्से को तार से बांधा गया था। वहीं, एंबुलेंस में अन्य खामियां भी नजर आईं। जबकि एंबुलेंस को मानक के अनुसार संचालित करने के नियम है। इसके बावजूद लापरवाही बरती जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

एंबुलेंस की फिटनेस से पहले अब स्वास्थ्य अफसरों द्वारा मानकों को परखा जाएगा। मानक पूरे न होने पर उसे अनफिट करार कर दिया जाएगा। मानक पूरे करने वाली एंबुलेंस को प्रमाणपत्र जारी होने के बाद ही उसकी संभागीय परिवहन विभाग में फिटनेस हो सकेगी। - डॉ. विनय कुमार सिंह, सीएमओ
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed