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खतरा: बिना फिटनेस मरीजों को अस्पताल पहुंचा रहीं एंबुलेंस
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खतरा: बिना फिटनेस मरीजों को अस्पताल पहुंचा रहीं एंबुलेंस
बुलंदशहर। स्वास्थ्य विभाग में निशुल्क स्वास्थ्य सेवा देने के लिए 81 एंबुलेंस का संचालन किया जा रहा है। इसमें काफी संख्या में ऐसी भी एंबुलेंस हैं जो क्षमता से अधिक चल चुकी हैं और बिना फिटनेस के सड़कों पर दौड़ रही हैं। सोमवार को खुर्जा क्षेत्र में मरीज को लेने जाते समय एक एंबुलेंस में आग लग गई, जिसमें जिंदा जलकर ईएमटी (इमरजेंसी मेडिकल ट्रेनी) की मौत हो गई थी। घटना का कारण एंबुलेंस की फिटनेस न होना सामने आ रहा है। मंगलवार को जिलेभर में एंबुलेंस की पड़ताल की गई तो काफी संख्या में ऐसी एंबुलेंस मिली जिनकी हालत जर्जर चल रही है। बीते एक सप्ताह पूर्व जिला अस्पताल से हायर सेंटर लेकर जाते समय एएलएस सेवा की एंबुलेंस करीब एक घंटा तक स्टार्ट ही नहीं हुई। यदि मरीज की हालत गंभीर होती तो उसकी जान भी जा सकती थी।
बुलंदशहर : कलक्ट्रेट के पास बंद हो गई एंबुलेंस
मंगलवार को दोपहर के समय यूपी 41 जी 0596 नंबर 108 सेवा की एंबुलेंस जा रही थी। अचानक एंबुलेंस कलक्ट्रेट के गेट पर पहुंची तो बंद हो गई। चालक ने एंबुलेंस स्टार्ट करने का काफी प्रयास किया। लेकिन एंबुलेंस स्टार्ट नहीं हो सकी। एंबुलेंस स्टार्ट करने के लिए चालक द्वारा लोगों से धक्का भी लगवाया गया लेकिन स्टार्ट नहीं हो सकी। इसके बाद चालक द्वारा किसी तरह एंबुलेंस को कालाआम चौराहे पर ले जाया गया। यदि इसमें मरीज होता तो उसकी जान पर आफत आ सकती है। वहीं, एंबुलेंस के आगे का हिस्सा तार के सहारे बंधा हुआ था। जिससे लगता है कि एंबुलेंस की फिटनेस नहीं हुई है।
खुर्जा : बिना नंबर की एंबुलेंस
खुर्जा स्थित महिला चिकित्सालय में 102 सेवा की एंबुलेंस एक गर्भवती महिला को लेकर अस्पताल पहुंची। एंबुलेंस की पड़ताल की तो उस पर न तो कोई नंबर प्लेट लगी हुई थी और न ही उसका आगे का हिस्सा सही था। एंबुलेंस के हिस्से को तार से बांधा गया था। वहीं, एंबुलेंस में अन्य खामियां भी नजर आईं। जबकि एंबुलेंस को मानक के अनुसार संचालित करने के नियम है। इसके बावजूद लापरवाही बरती जा रही है।
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एंबुलेंस की फिटनेस से पहले अब स्वास्थ्य अफसरों द्वारा मानकों को परखा जाएगा। मानक पूरे न होने पर उसे अनफिट करार कर दिया जाएगा। मानक पूरे करने वाली एंबुलेंस को प्रमाणपत्र जारी होने के बाद ही उसकी संभागीय परिवहन विभाग में फिटनेस हो सकेगी। - डॉ. विनय कुमार सिंह, सीएमओ
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बुलंदशहर। स्वास्थ्य विभाग में निशुल्क स्वास्थ्य सेवा देने के लिए 81 एंबुलेंस का संचालन किया जा रहा है। इसमें काफी संख्या में ऐसी भी एंबुलेंस हैं जो क्षमता से अधिक चल चुकी हैं और बिना फिटनेस के सड़कों पर दौड़ रही हैं। सोमवार को खुर्जा क्षेत्र में मरीज को लेने जाते समय एक एंबुलेंस में आग लग गई, जिसमें जिंदा जलकर ईएमटी (इमरजेंसी मेडिकल ट्रेनी) की मौत हो गई थी। घटना का कारण एंबुलेंस की फिटनेस न होना सामने आ रहा है। मंगलवार को जिलेभर में एंबुलेंस की पड़ताल की गई तो काफी संख्या में ऐसी एंबुलेंस मिली जिनकी हालत जर्जर चल रही है। बीते एक सप्ताह पूर्व जिला अस्पताल से हायर सेंटर लेकर जाते समय एएलएस सेवा की एंबुलेंस करीब एक घंटा तक स्टार्ट ही नहीं हुई। यदि मरीज की हालत गंभीर होती तो उसकी जान भी जा सकती थी।
बुलंदशहर : कलक्ट्रेट के पास बंद हो गई एंबुलेंस
मंगलवार को दोपहर के समय यूपी 41 जी 0596 नंबर 108 सेवा की एंबुलेंस जा रही थी। अचानक एंबुलेंस कलक्ट्रेट के गेट पर पहुंची तो बंद हो गई। चालक ने एंबुलेंस स्टार्ट करने का काफी प्रयास किया। लेकिन एंबुलेंस स्टार्ट नहीं हो सकी। एंबुलेंस स्टार्ट करने के लिए चालक द्वारा लोगों से धक्का भी लगवाया गया लेकिन स्टार्ट नहीं हो सकी। इसके बाद चालक द्वारा किसी तरह एंबुलेंस को कालाआम चौराहे पर ले जाया गया। यदि इसमें मरीज होता तो उसकी जान पर आफत आ सकती है। वहीं, एंबुलेंस के आगे का हिस्सा तार के सहारे बंधा हुआ था। जिससे लगता है कि एंबुलेंस की फिटनेस नहीं हुई है।
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खुर्जा : बिना नंबर की एंबुलेंस
खुर्जा स्थित महिला चिकित्सालय में 102 सेवा की एंबुलेंस एक गर्भवती महिला को लेकर अस्पताल पहुंची। एंबुलेंस की पड़ताल की तो उस पर न तो कोई नंबर प्लेट लगी हुई थी और न ही उसका आगे का हिस्सा सही था। एंबुलेंस के हिस्से को तार से बांधा गया था। वहीं, एंबुलेंस में अन्य खामियां भी नजर आईं। जबकि एंबुलेंस को मानक के अनुसार संचालित करने के नियम है। इसके बावजूद लापरवाही बरती जा रही है।
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एंबुलेंस की फिटनेस से पहले अब स्वास्थ्य अफसरों द्वारा मानकों को परखा जाएगा। मानक पूरे न होने पर उसे अनफिट करार कर दिया जाएगा। मानक पूरे करने वाली एंबुलेंस को प्रमाणपत्र जारी होने के बाद ही उसकी संभागीय परिवहन विभाग में फिटनेस हो सकेगी। - डॉ. विनय कुमार सिंह, सीएमओ