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Bulandshahar News: सिक्योरिटी चेक गायब कर कूटरचना का आरोप, कोर्ट के आदेश पर एफआईआर
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बुलंदशहर/स्याना। शराब ठेके के संचालन के दौरान डिपो में जमा कराए गए हस्ताक्षरित सिक्योरिटी चेक को खुर्द-बुर्द कर कूटरचना और रकम ऐंठने की साजिश का मामला सामने आया है। कोर्ट के आदेश पर स्याना पुलिस ने गोदाम प्रभारी मनोज यादव, शराब कारोबारी त्रिवेंद्र सिंघल, संजय शर्मा और शुभम शर्मा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।
स्याना के मोहल्ला पट्टी हरनाम सिंह निवासी लता शर्मा ने न्यायालय में दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि वह देसी शराब की दुकान की अनुज्ञापी थीं। वर्ष 2019 में उन्होंने डिपो प्रभारी मनोज यादव को हस्ताक्षरित ब्लैंक चेक बतौर सिक्योरिटी सौंपा था। आरोप है कि मार्च 2026 में कारोबार बंद कर पूरा भुगतान करने के बाद जब चेक वापस मांगा गया तो टालमटोल की गई। बाद में रंजिशन डिपो प्रभारी से मिलीभगत कर चेक को खुर्द-बुर्द कर दिया गया और फर्जी चेक बाउंस का केस बनाने की नीयत से उसमें हेराफेरी की गई।
पुलिस के कार्रवाई न करने पर पीड़ित ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। वहीं, अब न्यायालय के आदेश पर स्याना पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है। वहीं, मामले में नामजद वेव सीएल-2 के गोदाम प्रभारी मनोज यादव का कहना है कि उन पर लगाए गए सभी आरोप पूरी तरह निराधार और मनगढ़ंत हैं। उनका किसी साजिश या लेनदेन विवाद से कोई लेना-देना नहीं है। वह इस संबंध में जल्द ही संबंधित अधिकारियों के समक्ष साक्ष्यों के साथ अपना पक्ष रखेंगे। सीओ रामकरन सिंह ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
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स्याना के मोहल्ला पट्टी हरनाम सिंह निवासी लता शर्मा ने न्यायालय में दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि वह देसी शराब की दुकान की अनुज्ञापी थीं। वर्ष 2019 में उन्होंने डिपो प्रभारी मनोज यादव को हस्ताक्षरित ब्लैंक चेक बतौर सिक्योरिटी सौंपा था। आरोप है कि मार्च 2026 में कारोबार बंद कर पूरा भुगतान करने के बाद जब चेक वापस मांगा गया तो टालमटोल की गई। बाद में रंजिशन डिपो प्रभारी से मिलीभगत कर चेक को खुर्द-बुर्द कर दिया गया और फर्जी चेक बाउंस का केस बनाने की नीयत से उसमें हेराफेरी की गई।
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पुलिस के कार्रवाई न करने पर पीड़ित ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। वहीं, अब न्यायालय के आदेश पर स्याना पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है। वहीं, मामले में नामजद वेव सीएल-2 के गोदाम प्रभारी मनोज यादव का कहना है कि उन पर लगाए गए सभी आरोप पूरी तरह निराधार और मनगढ़ंत हैं। उनका किसी साजिश या लेनदेन विवाद से कोई लेना-देना नहीं है। वह इस संबंध में जल्द ही संबंधित अधिकारियों के समक्ष साक्ष्यों के साथ अपना पक्ष रखेंगे। सीओ रामकरन सिंह ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
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