फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bulandshahar News ›   All three were unconscious before drowning

डूबने से पहले बेहोश थे तीनों

Sat, 27 Aug 2016 11:11 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो /बुलंदशहर
अमर उजाला ब्यूरो /बुलंदशहर Updated Sat, 27 Aug 2016 11:11 PM IST
विज्ञापन
All three were unconscious before drowning
गंगा - फोटो : अमर उजाला

नरौरा की एलजीसी नहर से कार में मिले तीन लोगों के शव मिलने का मामला और उलझता जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में तीनों की मौत का मुख्य कारण पानी में डूबने के कारण दम घुटना आया है। तीन लोग डूबने पहले ही बेहोश थे, क्योंकि रिपोर्ट के अनुसार बेहोश के कारण शरीर के अंदर पानी जल्दी और आसानी से घुस गया। पीएम रिपोर्ट किसी साजिश की ओर इशारा कर रही है।

विज्ञापन


तीनों शवों की वीडियोग्राफी भी कराई गई है।नोएडा के सूरजपुर थाना क्षेत्र निवासी ललित कुमार ने बताया कि वह, उसके पिता राजे, मां धर्मवती, बहन प्रीति, पत्नी शीतल, मामा राजेंद्र, मामी प्रीति, तांत्रिक सलीम और ड्राइवर ओमपाल किराये की कार से बदायूं स्थित बड़े सरकार की दरगाह पर मन्नत मांगने आए थे। शुक्रवार शाम दरगाह में पूजा कर वह पास स्थित एक ढाबे पर आराम करने लगे।
विज्ञापन


यहां बहन प्रीति और मां धर्मवती कोल्ड्र डिंक लेकर आईं और सभी को पिला दी। इसके बाद सभी बेसुध होकर सो गए। शुक्रवार सुबह कार नरौरा की नहर में कार से राजे, धर्मवती और राजे की सलहज प्रीति के शव मिले थे। तीनों शवों का नरौरा से सुबह करीब 11 बजे पोस्टमार्टम के जिला अस्पताल बुलंदशहर भेगे गए।
विज्ञापन
विज्ञापन


एक बड़े स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि पीएम रिपोर्ट में पता चला है कि तीनों की मौत पानी में डूबने के कारण हुई है। रिपोर्ट में उल्लखित बिंदु से पता चलता है कि डूबने के समय तीनों बेहोशी की हालत में थे। इसका कारण कि पानी तीनों के शरीर में आसानी से और जल्दी घुस गया। शरीर में कहीं भी चोट आदि के निशान भी देखने को नहीं मिले हैं।

यदि तीनों बेहोशी की हालत में न होते तो डूबने से बचने के लिए हाथ-पैर जरूर फेंकते और कहीं न कहीं कोई निशान जरूर होता, लेकिन तीनों के शरीर पर कोई निशान देखने को नहीं मिला है।

10 घंटे की देरी से हुआ पोस्टमार्टम
पुलिस की कागजी कार्यवाई पूरा न होने से पोस्टमार्टम करीब 10 घंटे से भी ज्यादा समय बाद किया जा सका। पुलिस को तीनों का पंचनामा और अन्य कागजी कार्यवाही पूरा करने में समय लगने के कारण ही पोस्टमार्टम में इतना समय लग गया। जिला अस्पताल में अपराह्न करीब 11 बजे तीनों का शव पहुंच गया, लेकिन पोस्टमार्टम रात में करीब 9.30 बजे शुरू किया जा सका। स्वास्थ्य अफसरों ने देरी का कारण सीधे-सीधे पुलिस की लापरवाही को बताया।

बिसरा रिर्जव न होने से परिजन संदेह के घेरे में
मृतक परिवार के मुखिया राजे के बेटे ने यह तो बताया था कि सभी को कोल्ड्र डिंक में नशीला पर्दाथ मिलाकर पिलाया गया, लेकिन मृतकों के बिसरा रिजर्व रखने के लिए कोई प्रार्थना पत्र या मांग की गई। बता दें कि किसी व्यक्ति को यदि नशीला पदार्थ दिया जाता है और उसकी मौत हो जाती है तो इसका खुलासा बिसरा से ही किया जा सकता है।


इसके लिए परिजन या पुलिस बिसरा रिजर्व करने के लिए कहती हैं। लेकिन इस मामले में मृतकों में से किसी का भी बिसरा रिजर्व नहीं किया गया, जो अपने आप में कई गंभीर सवाल खड़े करता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed