{"_id":"689e1599b572db848d00b542","slug":"all-12-surviving-accused-in-wahid-murder-case-found-guilty-bulandshahr-news-c-30-gbd1005-699697-2025-08-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bulandshahar News: वाहिद हत्याकांड में जीवित सभी 12 आरोपी दोषी करार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bulandshahar News: वाहिद हत्याकांड में जीवित सभी 12 आरोपी दोषी करार
विज्ञापन
वाहिद हत्याकांड मामले में न्यायालय परिसर के बाहर मौजूद लोग। संवाद
बुलंदशहर। नगर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला रुकनसराय में 24 अगस्त 2012 को हुए वाहिद हत्याकांड में अदालत ने बृहस्पतिवार को जीवित सभी 12 आरोपियों को दोषी करार दिया है। तीन आरोपियों की विचारण के दौरान मौत हो चुकी है। 19 अगस्त को दोषियों को सजा सुनाई जाएगी। अदालत के फैसले के बाद सभी दोषियों को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया।
21 अगस्त 2012 को शहर के मोहल्ला रुकनसराय निवासी यूसुफ के बेटों फरीद, आसिफ, शहजाद, कासिम ने मोहल्ले के रईस के रिश्तेदार खुर्जा निवासी आजाद पर जानलेवा हमला कर दिया था। इसका मुकदमा नगर कोतवाली पर दर्ज कराया गया था। इसी रंजिश में 24 अगस्त 2012 को खूनी संघर्ष हुआ था। तमंचे, रिवाल्वर और पिस्टल से अंधाधुंध फायरिंग की गई थी। गोली लगने से रईस के भतीजे वाहिद की मौके पर ही मौत हो गई थी।
रईस की तहरीर पर नगर कोतवाली में 15 आरोपियों के खिलाफ हत्या और हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने सभी 15 अभियुक्तों के खिलाफ जांच पूरी कर चार्जशीट न्यायालय में दाखिल की थी। आरोपी याद मोहम्मद, यूसुफ और रहीस की मौत हो चुकी है। बृहस्पतिवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश मंजीत सिंह श्योराण ने वाहिद की हत्या के 12 आरोरियों फरीद, असगर, इस्तखार, फारुख, खलील, चमन, वाहिद, साजिद, लुकमान, हाजी शाहिद, अनवार और अशरफ को दोषी करार दिया है। इसके बाद सभी दोषियों को न्यायिक अभिरक्षा में जिला कारागार भेज दिया गया। अदालत 19 अगस्त को दोषियों को सजा सुनाएगी।
विज्ञापन
बोले रईस, सजा हुई तो मिला सुकून
13 साल तक चले मामले में सभी जीवित आरोपियों को दोषी करार दिए जाने के बाद वाहिद के चाचा रईस ने कहा कि उन्हें अदालत पर पूरा भरोता था। वाहिद उनके बड़े भाई का बेटा था, उन्होंने उसे गोद लिया हुआ था। वारदात वाले दिन से करीब छह माह पहले ही उसकी शादी हुई थी। मौत के कुछ समय बाद ही उसकी पत्नी ने एक पुत्र को जन्म दिया था। अदालत के फैसले के बाद उन्हें सुकून मिला है।
न्यायालय परिसर में उमड़ा दोनों पक्षों का हुजूम
दोनों पक्षों की ओर से भारी संख्या में लोग बृहस्पतिवार को अदालत पहुंचे थे। परिजनों के अलावा मोहल्ले के लोग भी थे। न्यायालय परिसर से लेकर मुुख्य द्वार तक लोगों का हुजूम उमड़ा रहा।
विज्ञापन
21 अगस्त 2012 को शहर के मोहल्ला रुकनसराय निवासी यूसुफ के बेटों फरीद, आसिफ, शहजाद, कासिम ने मोहल्ले के रईस के रिश्तेदार खुर्जा निवासी आजाद पर जानलेवा हमला कर दिया था। इसका मुकदमा नगर कोतवाली पर दर्ज कराया गया था। इसी रंजिश में 24 अगस्त 2012 को खूनी संघर्ष हुआ था। तमंचे, रिवाल्वर और पिस्टल से अंधाधुंध फायरिंग की गई थी। गोली लगने से रईस के भतीजे वाहिद की मौके पर ही मौत हो गई थी।
विज्ञापन
रईस की तहरीर पर नगर कोतवाली में 15 आरोपियों के खिलाफ हत्या और हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने सभी 15 अभियुक्तों के खिलाफ जांच पूरी कर चार्जशीट न्यायालय में दाखिल की थी। आरोपी याद मोहम्मद, यूसुफ और रहीस की मौत हो चुकी है। बृहस्पतिवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश मंजीत सिंह श्योराण ने वाहिद की हत्या के 12 आरोरियों फरीद, असगर, इस्तखार, फारुख, खलील, चमन, वाहिद, साजिद, लुकमान, हाजी शाहिद, अनवार और अशरफ को दोषी करार दिया है। इसके बाद सभी दोषियों को न्यायिक अभिरक्षा में जिला कारागार भेज दिया गया। अदालत 19 अगस्त को दोषियों को सजा सुनाएगी।
विज्ञापन
बोले रईस, सजा हुई तो मिला सुकून
13 साल तक चले मामले में सभी जीवित आरोपियों को दोषी करार दिए जाने के बाद वाहिद के चाचा रईस ने कहा कि उन्हें अदालत पर पूरा भरोता था। वाहिद उनके बड़े भाई का बेटा था, उन्होंने उसे गोद लिया हुआ था। वारदात वाले दिन से करीब छह माह पहले ही उसकी शादी हुई थी। मौत के कुछ समय बाद ही उसकी पत्नी ने एक पुत्र को जन्म दिया था। अदालत के फैसले के बाद उन्हें सुकून मिला है।
न्यायालय परिसर में उमड़ा दोनों पक्षों का हुजूम
दोनों पक्षों की ओर से भारी संख्या में लोग बृहस्पतिवार को अदालत पहुंचे थे। परिजनों के अलावा मोहल्ले के लोग भी थे। न्यायालय परिसर से लेकर मुुख्य द्वार तक लोगों का हुजूम उमड़ा रहा।