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मौसम बदलने से बढ़े त्वचा रोग और एलर्जी के बढ़े मरीज
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मौसम बदलने से बढ़े त्वचा रोग और एलर्जी के बढ़े मरीज
बुलंदशहर। तापमान में उतार-चढ़ाव होने से संक्रामक बीमारियों ने पांव पसारना शुरू कर दिया है। इन दिनों बुखार, डायरिया और एलर्जी के मरीज सामने आ रहे हैं। इनमें सबसे अधिक त्वचा रोगियों की संख्या बढ़ी है। बुधवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में 1354 मरीजों ने पंजीकरण कराया। इसमें 295 मरीज एलर्जी के शामिल रहे।
गर्मी की शुरुआत का असर इन दिनों दिखाई देने लगा है। होली का त्योहार संपन्न होने के बाद एकाएक मरीजों की संख्या में भी इजाफा हुआ है। इनमें सर्वाधिक मरीज एलर्जी संबंधी बीमारियों के आ रहे हैं। जिला अस्पताल के चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रदीप राणा ने बताया कि त्वचा रोग गर्मी और बरसात आने पर बढ़ जाते है। चूंकि गर्मी शुरू हो चुकी है, ऐसे में मरीजों का बढ़ना स्वाभाविक है। बताया कि जनवरी व फरवरी माह में 150 से 200 पहुंचते थे, जिनकी संख्या अब 250 से 300 तक पहुंच गई है, साथ ही त्वचा रोगियों ें 30 से 35 फीसदी रोगी फंगल इंफेक्शन वाले हैं, जिनको दाद आदि की समस्या है। बताया कि फंगल इंफेक्शन शरीर के पसीना रुकने वाले स्थानों पर अधिक होता है, जैसे बगल, जांघ, छाती का निचला भाग और उंगलियों के बीच का हिस्सा। इनके अलावा स्केबीज के मरीज भी आ रहे हैं। स्केबीज वाले मरीजों को उंगलियों के बीच, चेहरे पर या शरीर के अन्य जगहों पर दाने बन जाते हैं। बताया कि त्वचा रोगों से बचने के लिए योग्य चिकित्सकों से इलाज कराएं। शरीर के पसीना आने वाले स्थान को सूखा रखें।
ऐसे बचें फंगल इंफेक्शन से
- प्रतिदिन ताजे और ठंडे पानी ने नहाएं।
- टैंक और गीजर के पानी का इस्तेमाल न करें।
- मीठा, लाल मिर्च और मसालेदार खाने से बचें।
- टाइट कपड़े न पहनें, जींस भी पहनने से बचें।
- गर्मियों में हल्के रंग के सूती और ढीले-ढाले कपड़े पहनें।
- त्वचा के लिए एंटी बैक्टीरियल साबुन का प्रयोग करें।
- पहले से इंफेक्शन होने पर पहने गए कपड़ों को गर्म पानी में उबालकर धोएं और धूम में सुखा लें।
- कपड़े प्रतिदिन बदलें, तौलिये को धूप में अच्छे से सुखाएं।
- इंफेक्शन से पीड़ित मरीज के कपड़ों को अन्य कपड़ों से अलग धोएं।
रंगों के त्योहार पर केमिकलयुक्त रंग से त्वचा-एलर्जी के मरीज बढ़े हैं। साथ ही गर्मी बढ़ने के कारण भी त्वचा-एलर्जी के मरीज बढ़े हैं। जिला अस्पताल में प्रतिदिन औसतन 200-250 मरीज त्वचा एलर्जी संबंधित आ रहे हैं। बुधवार को ओपीडी में 1354 मरीजों ने पंजीकरण कराकर परामर्श और दवाएं लीं। - डॉ. राजीव प्रसाद, सीएमएस जिला अस्पताल
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बुलंदशहर। तापमान में उतार-चढ़ाव होने से संक्रामक बीमारियों ने पांव पसारना शुरू कर दिया है। इन दिनों बुखार, डायरिया और एलर्जी के मरीज सामने आ रहे हैं। इनमें सबसे अधिक त्वचा रोगियों की संख्या बढ़ी है। बुधवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में 1354 मरीजों ने पंजीकरण कराया। इसमें 295 मरीज एलर्जी के शामिल रहे।
गर्मी की शुरुआत का असर इन दिनों दिखाई देने लगा है। होली का त्योहार संपन्न होने के बाद एकाएक मरीजों की संख्या में भी इजाफा हुआ है। इनमें सर्वाधिक मरीज एलर्जी संबंधी बीमारियों के आ रहे हैं। जिला अस्पताल के चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रदीप राणा ने बताया कि त्वचा रोग गर्मी और बरसात आने पर बढ़ जाते है। चूंकि गर्मी शुरू हो चुकी है, ऐसे में मरीजों का बढ़ना स्वाभाविक है। बताया कि जनवरी व फरवरी माह में 150 से 200 पहुंचते थे, जिनकी संख्या अब 250 से 300 तक पहुंच गई है, साथ ही त्वचा रोगियों ें 30 से 35 फीसदी रोगी फंगल इंफेक्शन वाले हैं, जिनको दाद आदि की समस्या है। बताया कि फंगल इंफेक्शन शरीर के पसीना रुकने वाले स्थानों पर अधिक होता है, जैसे बगल, जांघ, छाती का निचला भाग और उंगलियों के बीच का हिस्सा। इनके अलावा स्केबीज के मरीज भी आ रहे हैं। स्केबीज वाले मरीजों को उंगलियों के बीच, चेहरे पर या शरीर के अन्य जगहों पर दाने बन जाते हैं। बताया कि त्वचा रोगों से बचने के लिए योग्य चिकित्सकों से इलाज कराएं। शरीर के पसीना आने वाले स्थान को सूखा रखें।
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ऐसे बचें फंगल इंफेक्शन से
- प्रतिदिन ताजे और ठंडे पानी ने नहाएं।
- टैंक और गीजर के पानी का इस्तेमाल न करें।
- मीठा, लाल मिर्च और मसालेदार खाने से बचें।
- टाइट कपड़े न पहनें, जींस भी पहनने से बचें।
- गर्मियों में हल्के रंग के सूती और ढीले-ढाले कपड़े पहनें।
- त्वचा के लिए एंटी बैक्टीरियल साबुन का प्रयोग करें।
- पहले से इंफेक्शन होने पर पहने गए कपड़ों को गर्म पानी में उबालकर धोएं और धूम में सुखा लें।
- कपड़े प्रतिदिन बदलें, तौलिये को धूप में अच्छे से सुखाएं।
- इंफेक्शन से पीड़ित मरीज के कपड़ों को अन्य कपड़ों से अलग धोएं।
रंगों के त्योहार पर केमिकलयुक्त रंग से त्वचा-एलर्जी के मरीज बढ़े हैं। साथ ही गर्मी बढ़ने के कारण भी त्वचा-एलर्जी के मरीज बढ़े हैं। जिला अस्पताल में प्रतिदिन औसतन 200-250 मरीज त्वचा एलर्जी संबंधित आ रहे हैं। बुधवार को ओपीडी में 1354 मरीजों ने पंजीकरण कराकर परामर्श और दवाएं लीं। - डॉ. राजीव प्रसाद, सीएमएस जिला अस्पताल
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