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बारिश से धुला प्रदूषण, 50 के करीब पहुंचा एक्यूआई
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बारिश से धुला प्रदूषण, 50 के करीब पहुंचा एक्यूआई
बुलंदशहर। कोरोना की दूसरी लहर में लागू हुए कोरोना कर्फ्यू और तीन दिन हुई बूंदाबांदी से जनपद की आबोहवा में काफी सुधार हुआ है। गत वर्ष लॉकडाउन समाप्त होने के बाद से जनपद का एक्यूआई (एयर क्वालिटी इंडेक्स) तेजी से बढ़ रहा था। कोरोना कर्फ्यू में 100 के करीब तो बूंदाबांदी से 50 के करीब एक्यूआई आ गया हैं। जिससे वायु गुणवत्ता में काफी सुधार होने से लोगों को काफी राहत मिल रही हैं।
गत वर्ष कोरोना काल के दौरान लागू हुए लॉकडाउन में जनपद का एक्यूआई 50 के करीब मापा गया था। लॉकडाउन के बाद राहत दिए जाने पर धीरे-धीरे जनपद का एक्यूआई बढ़ने लगा था। दिवाली के बाद एक्यूआई का स्तर 400 को पार कर 500 के करीब पहुंचा था। वहीं, अप्रैल से शुरू हुई कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में महामारी को काबू करने के लिए प्रदेश सरकार को सख्त पाबंदियां लागू करनी पड़ रही हैं। इन्हीं में कोरोना कर्फ्यू भी शामिल हैं। इससे लोगों को परेशानियों का सामना जरूर करना पड़ रहा है, लेकिन पर्ययावरण के लिए यह प्रतिबंध बेहद मुफीद साबित हुआ हैं।
18 मई से 50 के करीब आया एक्यूआई
दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में शामिल होने के कारण जनपद का एक्यूआई अक्सर 200 से अधिक रहता था, कभी-कभी सूचकांक 400 के करीब भी मापा गया। कोरोना कर्फ्यू और बारिश के चलते जनपद की आबोहवा में काफी सुधार देखने को मिला। 17 मई को जनपद का एक्यूआई 184 मापा गया। जबकि 18 मई को 77, 19 मई को 62, 20 मई को 55 और 21 मई को 64 मापा गया।
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बारिश और कोरोना कर्फ्यू से वायु प्रदूषण सूचकांक में काफी सुधार देखने को मिला है। साथ ही विभाग द्वारा वायु प्रदूषण में सुधार के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। - आशुतोष चौहान, क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अधिकारी।
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बुलंदशहर। कोरोना की दूसरी लहर में लागू हुए कोरोना कर्फ्यू और तीन दिन हुई बूंदाबांदी से जनपद की आबोहवा में काफी सुधार हुआ है। गत वर्ष लॉकडाउन समाप्त होने के बाद से जनपद का एक्यूआई (एयर क्वालिटी इंडेक्स) तेजी से बढ़ रहा था। कोरोना कर्फ्यू में 100 के करीब तो बूंदाबांदी से 50 के करीब एक्यूआई आ गया हैं। जिससे वायु गुणवत्ता में काफी सुधार होने से लोगों को काफी राहत मिल रही हैं।
गत वर्ष कोरोना काल के दौरान लागू हुए लॉकडाउन में जनपद का एक्यूआई 50 के करीब मापा गया था। लॉकडाउन के बाद राहत दिए जाने पर धीरे-धीरे जनपद का एक्यूआई बढ़ने लगा था। दिवाली के बाद एक्यूआई का स्तर 400 को पार कर 500 के करीब पहुंचा था। वहीं, अप्रैल से शुरू हुई कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में महामारी को काबू करने के लिए प्रदेश सरकार को सख्त पाबंदियां लागू करनी पड़ रही हैं। इन्हीं में कोरोना कर्फ्यू भी शामिल हैं। इससे लोगों को परेशानियों का सामना जरूर करना पड़ रहा है, लेकिन पर्ययावरण के लिए यह प्रतिबंध बेहद मुफीद साबित हुआ हैं।
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18 मई से 50 के करीब आया एक्यूआई
दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में शामिल होने के कारण जनपद का एक्यूआई अक्सर 200 से अधिक रहता था, कभी-कभी सूचकांक 400 के करीब भी मापा गया। कोरोना कर्फ्यू और बारिश के चलते जनपद की आबोहवा में काफी सुधार देखने को मिला। 17 मई को जनपद का एक्यूआई 184 मापा गया। जबकि 18 मई को 77, 19 मई को 62, 20 मई को 55 और 21 मई को 64 मापा गया।
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बारिश और कोरोना कर्फ्यू से वायु प्रदूषण सूचकांक में काफी सुधार देखने को मिला है। साथ ही विभाग द्वारा वायु प्रदूषण में सुधार के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। - आशुतोष चौहान, क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अधिकारी।