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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bulandshahar News ›   Agriculture department gave tractors and agricultural equipment to farmers only on paper

Bulandshahar News: कृषि विभाग ने सिर्फ कागजों में किसान को दिए ट्रैक्टर और कृषि यंत्र

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 22 May 2024 10:15 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
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बुलंदशहर। कृषि विभाग में बेलर कृषि यंत्र घोटाले के बाद अब सब्सिडी पर मिलने वाले ट्रैक्टर और कृषि यंत्र देने में एक फर्जीवाड़ा सामने आया है। पीड़ित किसान ने शासन और मुख्य विकास अधिकारी से पूरे मामले की शिकायत की है। शिकायत पर शासन ने अलीगढ़ के संयुक्त कृषि निदेशक और सीडीओ ने डीडीओ को जांच अधिकारी नियुक्त किया है। किसान ने आरोप लगाया है कि उन्हें ट्रैक्टर और कृषि यंत्र मिले ही नहीं हैं, जबकि विभाग के कागजों में उन्हें ट्रैक्टर और कृषि यंत्र उपलब्ध करा दिए गए हैं।
गांव माजरा गंगाहारी मूंडी बकापुर निवासी किसान ओमवीर सिंह ने कृषि निदेशालय लखनऊ और सीडीओ को शिकायती पत्र देकर बताया कि प्रदेश सरकार ने प्रमोशन ऑफ एग्रीकल्चर मैकेनाइजेशन फॉर इन सीटू मैनेजमेंट ऑफ क्रॉप रेजीडयू योजना के तहत फार्म मशीनरी बैंक से उनका चयन सब्सिडी पर मिलने वाले ट्रैक्टर और कृषि यंत्रों (सुपर सीडर, मल्चर, कल्टीवेटर) के लिए हुआ। योजना का लाभ उठाने के लिए उन्होंने किसान उत्पादक संगठन बनाया, जिसके वो अध्यक्ष हैं। आरोप है कि जब उनका चयन योजना में हो गया तो उन्होंने विभाग से संपर्क किया, जहां पर उनसे योजना का 80 फीसदी लाभ दिलाने के लिए दो कर्मचारियों ने रिश्वत की मांग की। ओमवीर सिंह का कहना है कि उन्हाेंने ट्रैक्टर व कृषि यंत्राें के लिए योजना के तहत पहले पूरी धनराशि करीब 15 लाख रुपये जमा कराए। यह धनराशि उप कृषि निदेशक कार्यालय के कर्मचारियों को दी। इसके बाद उन्हें गांव सिमटगढ़ी पवसरा स्थित एक एजेंसी पर ट्रैक्टर और यंत्र उपलब्ध कराने की बात कही, जहां पर विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों ने ट्रैक्टर और यंत्रों के साथ उनके फोटो खींचे और यह कहकर वापस कर दिया कि जल्द ही उन्हें बुला लिया जाएगा।
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ओमवीर सिंह का आरोप है कि वह बार-बार कार्यालय के चक्कर लगाते रहे लेकिन, उन्हें बार-बार जल्द बुलाने का भरोसा मिलता रहा। जब उन्होंने इसकी तह में जाने की कोशिश की तो पता चला कि उन्हें मिलने वाला ट्रैक्टर और यंत्र किसी अन्य किसान को दे दिए गए। उनके साथ ट्रैक्टर और यंत्रों को उपलब्ध कराने के लिए फर्जी सत्यापन किया गया। इस पर उन्होंने कृषि निदेशालय और सीडीओ को शिकायत दी। शिकायत मिलने पर निदेशालय के उप निदेशक ने पूरे मामले की जांच के लिए संयुक्त कृषि निदेशक अलीगढ़ को जांच के निर्देश दिए हैं। दूसरी ओर सीडीओ ने शिकायत मिलने पर इस प्रकरण की जांच के लिए जिला विकास अधिकारी सुभाष नेमा को जांच अधिकारी नामित किया है। सुभाष नेमा ने बताया कि सीडीओ के निर्देश मिलने पर उप कृषि निदेशक से पूरे मामले की जानकारी देने के लिए पत्र लिखा है। पत्र मिलने के बाद किसान द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच की जाएगी।
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सीडीओ कुलदीप मीना ने कहा कि किसान की शिकायत मिलने पर जिला विकास अधिकारी को जांच अधिकारी नामित कर दिया गया है। कृषि निदेशक ने पूरे प्रकरण की जांच कराने की जिम्मेदारी संयुक्त कृषि निदेशक अलीगढ़ मंडल को सौंपी है। शिकायत करने वाले किसान ने अदालत में भी याचिका दायर की है।
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