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रजिस्ट्री ऑफिस पर की तालाबंदी, हंगामा
ब्यूरो/अमर उजाला, सिकंदराबाद
Updated Sat, 02 Apr 2016 12:31 AM IST
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हड़ताल
- फोटो : अमर उजाला
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तहसील के 30 प्रस्तावित गांव गुलावठी तहसील में जोड़ने के विरोध में बार एसोशिएशन, दस्तावेज लेखक संघ ने शुक्रवार को रजिस्ट्री ऑफिस में तालाबंदी करते हुए हंगामा किया।
अधिवक्ता व दस्तावेज लेखक रजिस्ट्री ऑफिस में धरने पर बैठ गए और तीन दिन तक हड़ताल की घोषण की। आगे की रणनीति पर फैसला सोमवार को होगा। अधिवक्ताओं और दस्तावेज लेखकों ने एसडीएम को इस बाबत एक ज्ञापन भी सौंपा है।
शुक्रवार को बार अध्यक्ष जितेंद्र भाटी, दस्तावेज लेखक संघ अध्यक्ष नेपाल सिंह करदम के नेतृत्व में अधिवक्ताओं और दस्तावेज लेखकों ने तहसील के 30 गांवों को प्रस्तावित गुलावठी तहसील में जोड़ेने के विरोध में रजिस्ट्री ऑफिस में हंगामा शुरू कर दिया।
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अधिवक्ताओं व दस्तावेज लेखकों ने रजिस्ट्री ऑफिस पर ताला जड़ दिया और सरकारी काम काज ठप कर धरने पर बैठ गए। जितेंद्र भाटी ने बताया कि जब गाजियाबाद जिला बना सिकंदराबाद तहसील के गांव काटे गए। उसके बाद गौतमबुद्धनगर जिला बनने पर भी तहसील के गांव काटे गए।
अब प्रस्तावित गुलावठी तहसील में 30 गांव काटे जा रहे है। उन्होंने कहा कि वह तीसरी बार तहसील का विभाजन नहीं होने देंगे। नेत्रपाल सिंह ने कहा कि गांव के प्रधानों का भी उन्हे सहयोग मिल रहा है।
जितेंद्र भाटी ने कहा कि आगे की रणनीति पर सोमवार को विचार किया जाएंगा। इस दौरान अशोक भाटी, जगदीश प्रसाद, मो. अकील, अशोक कुमार, राजीव कुमार, अजय कुमार मौजूद रहे।
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अधिवक्ता व दस्तावेज लेखक रजिस्ट्री ऑफिस में धरने पर बैठ गए और तीन दिन तक हड़ताल की घोषण की। आगे की रणनीति पर फैसला सोमवार को होगा। अधिवक्ताओं और दस्तावेज लेखकों ने एसडीएम को इस बाबत एक ज्ञापन भी सौंपा है।
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शुक्रवार को बार अध्यक्ष जितेंद्र भाटी, दस्तावेज लेखक संघ अध्यक्ष नेपाल सिंह करदम के नेतृत्व में अधिवक्ताओं और दस्तावेज लेखकों ने तहसील के 30 गांवों को प्रस्तावित गुलावठी तहसील में जोड़ेने के विरोध में रजिस्ट्री ऑफिस में हंगामा शुरू कर दिया।
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अधिवक्ताओं व दस्तावेज लेखकों ने रजिस्ट्री ऑफिस पर ताला जड़ दिया और सरकारी काम काज ठप कर धरने पर बैठ गए। जितेंद्र भाटी ने बताया कि जब गाजियाबाद जिला बना सिकंदराबाद तहसील के गांव काटे गए। उसके बाद गौतमबुद्धनगर जिला बनने पर भी तहसील के गांव काटे गए।
अब प्रस्तावित गुलावठी तहसील में 30 गांव काटे जा रहे है। उन्होंने कहा कि वह तीसरी बार तहसील का विभाजन नहीं होने देंगे। नेत्रपाल सिंह ने कहा कि गांव के प्रधानों का भी उन्हे सहयोग मिल रहा है।
जितेंद्र भाटी ने कहा कि आगे की रणनीति पर सोमवार को विचार किया जाएंगा। इस दौरान अशोक भाटी, जगदीश प्रसाद, मो. अकील, अशोक कुमार, राजीव कुमार, अजय कुमार मौजूद रहे।