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उद्घाटन के बाद भी मेटरनिटी विंग अधूरा
अमर उजाला/बुलंदशहर
Updated Tue, 14 Mar 2017 11:32 PM IST
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अस्पताल
- फोटो : ब्यूरो
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राजकीय निर्माण विभाग जिलाधिकारी और सीएमओ की भी नहीं सुन रहा है। तमाम चेतावनी और पत्र जारी होने के बावजूद निर्माण इकाई के अफसर उदासीन बने हुए हैं। डीएम द्वारा दिए गए अल्टीमेटम का भी कोई खास असर देखने को नहीं मिला। यदि तय समय तक मेटरनिटी विंग शुरू नहीं हुई तो अफसरों पर शासन की गाज गिर सकती है।
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जिला अस्पताल में 20 करोड़ रुपये से मेटरनिटी विंग का निर्माण किया जा रहा है। विंग का उद्घाटन सपा सरकार के दौरान ही तत्कालीन जिला प्रभारी मंत्री रामसकल गुर्जर ने कर दिया था, लेकिन विंग को आम जनता को समर्पित नहीं किया जा सका। विंग को अभी तक स्वास्थ्य विभाग के हैंडओवर नहीं किया गया है।
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विंग का निर्माण आधा-अधूरा चल रहा है। हैंडओवर नहीं होने के कारण विंग के लिए स्टाफ नियुक्ति प्रक्रिया भी अटकी हुई है। शासन के निर्देश हैं कि विंग को एक अप्रैल से आम जनता को लिए शुरू करना है।
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शासन की सख्ती को देखते हुए जिलाधिकारी और सीएमओ ने राजकीय निर्माण निगम को लगातार पत्र लिखकर जल्द हैंडओवर करने के आदेश दिए है। निर्माण निगम के अफसर डीएम के आदेश को ठेंगा दिखा रहे हैं। यदि 31 मार्च तक मेटरनिटी विंग को हैंडओवर करके शुरू नहीं किया गया तो डीएम-सीएमओ के खिलाफ शासन स्तर से कार्रवाई की जा सकती है।
राजकीय निर्माण निगम के अफसर चाह रहे हैं कि किसी भी प्रकार इसे स्वास्थ्य विभाग के हैंडओवर कर दिया जाए। स्वास्थ्य विभाग के अफसर मेटरनिटी विंग के हैंडओवर से पहले इसकी सभी कमियां दूर करा लेना चाहते हैं। स्वास्थ्य विभाग के अफसरों ने मेटरनिटी विंग को लेकर सात बिंदुओं पर कमियों को चिह्नित किया है। इन कमियों के दूर होने के बाद ही स्वास्थ्य विभाग इसे अपने हैंडओवर लेगा।
राजकीय निर्माण निगम को डीएम और मेरे द्वारा लगातार पत्र लिखकर मेटरनिटी विंग की कमियां दूर कर इसे हैंडओवर करने के आदेश दिए जा रहे हैं। समय सीमा निकलने और लगातार कार्रवाई की चेतावनी देने के बावजूद इसे हैंडओवर नहीं किया गया है। - डॉ. दीपक ओहरी, सीएमओ