{"_id":"68fa8b372462938f940ca841","slug":"a-gang-duped-a-woman-of-rs-1750-lakh-in-the-name-of-providing-mbbs-courses-abroad-bulandshahr-news-c-198-1-gbd1023-11357-2025-10-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bulandshahar News: विदेश में एमबीबीएस करवाने के नाम पर ठगी करने वाले गैंग ने महिला से 17.50 लाख ठगे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bulandshahar News: विदेश में एमबीबीएस करवाने के नाम पर ठगी करने वाले गैंग ने महिला से 17.50 लाख ठगे
विज्ञापन
इंदिरापुरम। विदेशों में दाखिले के नाम पर ठगी करने वाले गैंग के सदस्यों ने नोएडा में रहने वाली महिला के साथ करीब 17.50 लाख रुपये की ठगी कर ली। ठगों ने कौशांबी थाना क्षेत्र में अपना ऑफिस खोल रखा था। महिला ने मामले में पुलिस को शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
ग्रेटर नोएडा की डिवाइजन ग्रेस सोसायटी सेक्टर एक निवासी संगीता पोद्दार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह अपनी बेटी को विदेश में एमबीबीएस कराना चाहती हैं। इसके लिए उन्होंने अर्चना गौतम, विवेक कुमार डायरेक्टर, राहुल गौतम, हिमांशी, शिशुपाल, पुष्पक, कार्तिक, ओमकार और डॉ. सुस्मिता नंदा से संपर्क किया। इन लोगों ने बेटी का स्पेन के बार्सिलोना में एमबीबीएस में एडमिशन कराने की बात कही। ठगों ने एडमिशन के साथ-साथ वीजा और रहन- सहन का प्रबंध करने की बात कही। एडमिशन लेकर रहने का खर्चा करीब 17.50 लाख रुपये बताया। महिला बेटी के लिए तैयार हो गई। ठगों ने महिला से करीब 17.50 लाख रुपये अलग- अलग खातों में जमा कराए। करीब 8.75 लाख रुपये पौलेंड स्थित एक अंतरराष्ट्रीय बैंक खाते में जमा कराए। वीजा मिलने पर उनकी बेटी 17 मार्च 2024 को बार्सिलोना पहुंच गई। ठगों की टीम की हेड डॉ. सुस्मिता नंदा ने उनकी बेटी को बंकरनुमा डॉरमेट्री में रहने के लिए कहा। बेटी ने अपने साथियों के साथ अलग से रहने की व्यवस्था की। इस पूरे मामले में महिला का करीब 28 लाख रुपये खर्च हुआ। बेटी ने मां को जानकारी दी कि उनको एमबीबीएस में दाखिला तक नहीं मिला। इस दौरान उनकी बेटी का वीजा भी समाप्त हो गया और उसे काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। उनकी बेटी काफी समय तक स्पेन में ही फंसी रही। किसी तरह उनकी बेटी वापस लौटी। इस दौरान जब उन्होंने कौशांबी स्थित कार्यालय में संपर्क किया तो पता चला कि कार्यालय बंद हो चुका है। महिला ने बताया कि उन्होंने जानकारी की तो पता चला कि यह ठगी का गैंग है।
इस गिरोह के खिलाफ 2024 में प्रमोद राघवन की ओर से मुकदमा दर्ज करवाया गया था। मुकदमे में राहुल गौतम, अर्चना गौतम, विवेक कुमार, ओमकार, डॉ. सुस्मिता नंदा, शिशुपाल, पुष्पक, हिमांशी और सागर को नामजद किया गया था। मामले में अर्चना गौतम को मुंबई के डोंगरी भाईकला थाने में दर्ज मुकदमे के बाद पुलिस ने गिरफ्तार करके जेल भेजा था। अर्चना मुंबई के बाबर वाला कारागार में बंद थी। गाजियाबाद पुलिस ने अर्चना को गाजियाबाद की अदालत में तलब करवाया था और 14 दिन की रिमांड पर लेकर पूछताछ की गई थी। अर्चना के खिलाफ 16 अक्तूबर 2024 को अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया गया था और अन्य नामजद आरोपियों के खिलाफ जांच की जा रही है। इस गिरोह के खिलाफ हरिद्वार में भी एक मुकदमा दर्ज है। डीसीपी ट्रांस हिंडन निमिष पाटिल ने बताया कि शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
विज्ञापन
-- -- -- -- -- -- -- -- -- --
विज्ञापन
ग्रेटर नोएडा की डिवाइजन ग्रेस सोसायटी सेक्टर एक निवासी संगीता पोद्दार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह अपनी बेटी को विदेश में एमबीबीएस कराना चाहती हैं। इसके लिए उन्होंने अर्चना गौतम, विवेक कुमार डायरेक्टर, राहुल गौतम, हिमांशी, शिशुपाल, पुष्पक, कार्तिक, ओमकार और डॉ. सुस्मिता नंदा से संपर्क किया। इन लोगों ने बेटी का स्पेन के बार्सिलोना में एमबीबीएस में एडमिशन कराने की बात कही। ठगों ने एडमिशन के साथ-साथ वीजा और रहन- सहन का प्रबंध करने की बात कही। एडमिशन लेकर रहने का खर्चा करीब 17.50 लाख रुपये बताया। महिला बेटी के लिए तैयार हो गई। ठगों ने महिला से करीब 17.50 लाख रुपये अलग- अलग खातों में जमा कराए। करीब 8.75 लाख रुपये पौलेंड स्थित एक अंतरराष्ट्रीय बैंक खाते में जमा कराए। वीजा मिलने पर उनकी बेटी 17 मार्च 2024 को बार्सिलोना पहुंच गई। ठगों की टीम की हेड डॉ. सुस्मिता नंदा ने उनकी बेटी को बंकरनुमा डॉरमेट्री में रहने के लिए कहा। बेटी ने अपने साथियों के साथ अलग से रहने की व्यवस्था की। इस पूरे मामले में महिला का करीब 28 लाख रुपये खर्च हुआ। बेटी ने मां को जानकारी दी कि उनको एमबीबीएस में दाखिला तक नहीं मिला। इस दौरान उनकी बेटी का वीजा भी समाप्त हो गया और उसे काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। उनकी बेटी काफी समय तक स्पेन में ही फंसी रही। किसी तरह उनकी बेटी वापस लौटी। इस दौरान जब उन्होंने कौशांबी स्थित कार्यालय में संपर्क किया तो पता चला कि कार्यालय बंद हो चुका है। महिला ने बताया कि उन्होंने जानकारी की तो पता चला कि यह ठगी का गैंग है।
विज्ञापन
इस गिरोह के खिलाफ 2024 में प्रमोद राघवन की ओर से मुकदमा दर्ज करवाया गया था। मुकदमे में राहुल गौतम, अर्चना गौतम, विवेक कुमार, ओमकार, डॉ. सुस्मिता नंदा, शिशुपाल, पुष्पक, हिमांशी और सागर को नामजद किया गया था। मामले में अर्चना गौतम को मुंबई के डोंगरी भाईकला थाने में दर्ज मुकदमे के बाद पुलिस ने गिरफ्तार करके जेल भेजा था। अर्चना मुंबई के बाबर वाला कारागार में बंद थी। गाजियाबाद पुलिस ने अर्चना को गाजियाबाद की अदालत में तलब करवाया था और 14 दिन की रिमांड पर लेकर पूछताछ की गई थी। अर्चना के खिलाफ 16 अक्तूबर 2024 को अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया गया था और अन्य नामजद आरोपियों के खिलाफ जांच की जा रही है। इस गिरोह के खिलाफ हरिद्वार में भी एक मुकदमा दर्ज है। डीसीपी ट्रांस हिंडन निमिष पाटिल ने बताया कि शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
विज्ञापन