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जिला पंचायत सदस्यों में मारपीट,फटे कपड़े
Bulandshahr
Updated Wed, 29 Oct 2014 05:33 AM IST
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बुलंदशहर। जिला पंचायत कार्यालय की गरिमा मंगलवार को फिर तार-तार हो गई। कार्य आवंटन और भेदभाव का मुद्दा बनाकर जिला पंचायत सदस्यों के दो गुटों में नोकझाेंक और मारपीट हो गई। इस दौरान एक सदस्य के कपड़े भी फट गए। मामला बढ़ता देख जिला पंचायत अध्यक्ष बीच में ही बैठक छोड़कर चली गईं। बाद में अन्य लोगों ने दोनों गुटों के सदस्यों को समझा बुझाकर मामला शांत कराया।
जिला पंचायत परिषद की चेयरमैन आशा यादव एक अनौपचारिक बैठक के उद्देश्य से मंगलवार दोपहर जिला पंचायत कार्यालय में आई थीं। इसी बीच एक पक्ष के 5-6 सदस्य गांव वालों को लेकर चेयरमैन के पास पहुंचे। ग्रामीणों को आगे कर सदस्यों ने कहा कि उनके वार्ड में चुनिंदा काम हुए हैं, जबकि कुछ सदस्य ऐसे भी हैं जिनको खूब काम दिए गए हैं। इसी बात पर दूसरा पक्ष बिफर पड़ा और इस आरोप पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई। दूसरे पक्ष के सदस्यों का कहना है कि भेदभाव का आरोप लगाने से पहले सोचना चाहिए था कि उनका वार्ड बड़ा है इसलिए काम ज्यादा मिले हैं। यह भी कहा कि क्षेत्र में काम करते रहने का लाभ उन्हें मिला है। इस पर दोनों पक्षों में तकरार बढ़ गई और नौबत मारपीट तक आ गई। इस दौरान एक सदस्य के कपड़े फट गए। हालांकि ग्रामीणों ने दोनों पक्षों को समझाकर शांत करा दिया। इसी बीच फिर किसी बात पर दोनों पक्ष खड़े होकर एक दूसरे का विरोध करने लगे। इस बार मामला बढ़ता देख चेयरमैन को बैठक भंग करनी पड़ी। करीब 20 मिनट तक चले हाई वोल्टेज ड्रामे के बाद चेयरमैन और सदस्य लौट गए। इस मामले में दोनों पक्षों के सदस्यों ने कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया।
कोट्स
सभी सदस्य काम चाह रहे हैं, जबकि काम हैं नहीं। किसी भी सदस्य की तरफ से पक्षपात का आरोप सरासर गलत हैं। मांग और क्षेत्र के हिसाब से काम दिए जा रहे हैं। -आशा यादव, जिला पंचायत सदस्य
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जिला पंचायत परिषद की चेयरमैन आशा यादव एक अनौपचारिक बैठक के उद्देश्य से मंगलवार दोपहर जिला पंचायत कार्यालय में आई थीं। इसी बीच एक पक्ष के 5-6 सदस्य गांव वालों को लेकर चेयरमैन के पास पहुंचे। ग्रामीणों को आगे कर सदस्यों ने कहा कि उनके वार्ड में चुनिंदा काम हुए हैं, जबकि कुछ सदस्य ऐसे भी हैं जिनको खूब काम दिए गए हैं। इसी बात पर दूसरा पक्ष बिफर पड़ा और इस आरोप पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई। दूसरे पक्ष के सदस्यों का कहना है कि भेदभाव का आरोप लगाने से पहले सोचना चाहिए था कि उनका वार्ड बड़ा है इसलिए काम ज्यादा मिले हैं। यह भी कहा कि क्षेत्र में काम करते रहने का लाभ उन्हें मिला है। इस पर दोनों पक्षों में तकरार बढ़ गई और नौबत मारपीट तक आ गई। इस दौरान एक सदस्य के कपड़े फट गए। हालांकि ग्रामीणों ने दोनों पक्षों को समझाकर शांत करा दिया। इसी बीच फिर किसी बात पर दोनों पक्ष खड़े होकर एक दूसरे का विरोध करने लगे। इस बार मामला बढ़ता देख चेयरमैन को बैठक भंग करनी पड़ी। करीब 20 मिनट तक चले हाई वोल्टेज ड्रामे के बाद चेयरमैन और सदस्य लौट गए। इस मामले में दोनों पक्षों के सदस्यों ने कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया।
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कोट्स
सभी सदस्य काम चाह रहे हैं, जबकि काम हैं नहीं। किसी भी सदस्य की तरफ से पक्षपात का आरोप सरासर गलत हैं। मांग और क्षेत्र के हिसाब से काम दिए जा रहे हैं। -आशा यादव, जिला पंचायत सदस्य
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