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भागीरथी द्वितीय चाेटी पर भूपेश ने फहराया तिरंगा
Bulandshahr
Updated Mon, 20 Oct 2014 05:33 AM IST
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बुलंदशहर। बड़ी चोटियों पर तिरंगा फहराने का जज्बा रखने वाले भूपेश ने एक और कारनामा कर दिखाया है। आईएमएफ (इंडियन माउंटनियरिंग फाउंडेशन) के तत्वावधान में भूपेश ने 6510 मीटर ऊंची भागीरथी द्वितीय चोटी फतह की है। भूपेश की सफलता पर आईएमएफ अफसर भी बेहद खुश हैं।
नगर के मोहल्ला देवीपुरा द्वितीय निवासी भूपेश ने उत्तरकाशी, गंगोत्री होते हुए भागीरथी द्वितीय का सफर तय किया। भूपेश ने बताया कि आईएमएफ के निर्देशन में 15 सितंबर से सफर शुरू किया। मेरे साथ रोमानिया के सवा एलेक्सजेंडर और एलेक्सजेंडर प्रीगोआना भागीरथी द्वितीय को फतह करने गए थे। हम उत्तरकाशी, गंगोत्री, गौमुख, नंदनवन, बेसकैंप, एडवांस बेस कैंप होते हुए भागीरथी द्वितीय की चोटी पर पहुंचे। 13 दिन बाद वहां से लौटने का सफर शुरू हो गया। 10 अक्तूबर को हम लौटे। भूपेश के पिता डॉ. मोमराज सिंह ने बताया कि बेटे ने हमारा नाम जमाने में रोशन कर दिया है।
एवरेस्ट फतह
करना मेरा टारगेट
भूपेश ने बताया कि दुनिया की सबसे ऊंची चोटी एवरेस्ट फतह करने की ख्वाहिश है। वह एक दिन करके भी रहूंगा। जल्द ही 7 हजार और साढ़े सात हजार मीटर ऊंची चोटी तिरंगा फहराना है।
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नगर के मोहल्ला देवीपुरा द्वितीय निवासी भूपेश ने उत्तरकाशी, गंगोत्री होते हुए भागीरथी द्वितीय का सफर तय किया। भूपेश ने बताया कि आईएमएफ के निर्देशन में 15 सितंबर से सफर शुरू किया। मेरे साथ रोमानिया के सवा एलेक्सजेंडर और एलेक्सजेंडर प्रीगोआना भागीरथी द्वितीय को फतह करने गए थे। हम उत्तरकाशी, गंगोत्री, गौमुख, नंदनवन, बेसकैंप, एडवांस बेस कैंप होते हुए भागीरथी द्वितीय की चोटी पर पहुंचे। 13 दिन बाद वहां से लौटने का सफर शुरू हो गया। 10 अक्तूबर को हम लौटे। भूपेश के पिता डॉ. मोमराज सिंह ने बताया कि बेटे ने हमारा नाम जमाने में रोशन कर दिया है।
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एवरेस्ट फतह
करना मेरा टारगेट
भूपेश ने बताया कि दुनिया की सबसे ऊंची चोटी एवरेस्ट फतह करने की ख्वाहिश है। वह एक दिन करके भी रहूंगा। जल्द ही 7 हजार और साढ़े सात हजार मीटर ऊंची चोटी तिरंगा फहराना है।
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